बिहार MLC चुनाव: एनडीए के 3 नाम तय; चिराग और कुशवाहा को 1-1 सीट देगी BJP-JDU, मांझी को जीरो
Bihar MLC Elections: बिहार विधान परिषद की कुल 10 सीटों के लिए चुनाव और उप-चुनाव में एनडीए 9 सीटों पर कैंडिडेट देगा। विधानसभा में विधायकों की संख्या के हिसाब से सत्तारूढ़ गठबंधन 9 जबकि विपक्ष एक सीट जीत सकता है।
Bihar MLC Elections: बिहार विधान परिषद की 10 सीटों के चुनाव और उप-चुनाव में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) 9 सीटों पर कैंडिडेट उतारेगा, जबकि 1 सीट विपक्ष के हिस्से में जा सकती है। एमएलसी की 9 सीटों पर 6 साल के टर्म के लिए द्विवार्षिक चुनाव हो रहे हैं, जबकि पूर्व सीएम नीतीश कुमार की छोड़ी गई 1 सीट पर 4 साल के बचे कार्यकाल के लिए उप-चुनाव होना है। नामांकन 1 जून यानी आज से शुरू हो गया है और अगले सोमवार 8 जून को पर्चा भरने का काम बंद हो जाएगा। अगर कैंडिडेट 10 ही रहे तो सभी निर्विरोध जीत जाएंगे, नहीं तो 18 जून को मतदान और शाम में गिनती के साथ नतीजे भी आएंगे। खाली 10 सीटों में 5 जेडीयू, 2-2 भाजपा और राजद और 1 सीट कांग्रेस के पास थी।
जिन नेताओं की खाली की गई या कार्यकाल पूरा होने के बाद खाली हो रही सीटों को भरने के लिए ये चुनाव और उप-चुनाव हो रहा है, उनमें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, पूर्व सीएम नीतीश कुमार, जेडीयू के मंत्री श्रीभगवान सिंह कुशवाहा, भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया सह-प्रभारी संजय मयूख, जदयू के गुलाम गौसम, कुमद वर्मा और भीष्म साहनी, राजद के सुनील कुमार सिंह, मोहम्मद फारूक और कांग्रेस के समीर सिंह शामिल हैं। विधानसभा में सदस्यों की कुल संख्या 243 है, जिस लिहाज से उपचुनाव वाली 1 सीट पर 202 विधायकों वाले एनडीए गठबंधन के कैंडिडेट की विजय निश्चित है। 9 सीटों के उपचुनाव में एक सीट जीतने के लिए कम से कम 25 विधायकों की पहली वरीयता के वोट चाहिए। 202 विधायकों वाले एनडीए को 9 में 8 सीट मिल जाएगी। 1 सीट विपक्ष से कोई कैंडिडेट निकाल सकता है। विपक्ष में महागठबंधन के 35 विधायकों के अलावा असदुद्दीन ओवैसी और मायावती की पार्टी के 6 कुल 41 विधायक हैं।
एनडीए में एमएलसी चुनाव को लेकर बातचीत और बैठकों का केंद्र भाजपा और जदयू बनी हुई है। सोमवार को जेडीयू अध्यक्ष और पूर्व सीएम नीतीश कुमार पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी के आवास पर गए। सम्राट चौधरी भी हाल में दिल्ली से लौटे हैं और लौटते ही नीतीश से मिलने गए थे। दिल्ली में भाजपा के कैंडिडेट चयन को लेकर मंगलवार को एक बैठक होने की चर्चा है। सूत्रों के मुताबिक 9 सीटों के चुनाव और 1 सीट के उप-चुनाव में एनडीए 9 कैंडिडेट देगी। इसमें भाजपा 4 सीट और जदयू 3 सीट लडे़गी। बची हुई 2 सीटों में 1 सीट चिराग पासवान की लोजपा-आर और 1 सीट उपेंद्र कुशवाहा की रालोमो को मिलेगी। जीतनराम मांझी को कोई सीट नहीं दी जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक एनडीए कैंप में 3 नाम तय माने जा रहे हैं। नीतीश कुमार के बेटे और स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार एमएलसी बनेंगे, लेकिन वो शायद अपने पिता की खाली सीट पर उप-चुनाव के बदले 6 साल टर्म वाली सीट पर द्विवार्षिक चुनाव लड़ें। उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश कुशवाहा का भी नाम तय है, जो दूसरी बार मंत्री बन गए हैं, लेकिन अभी तक किसी सदन के सदस्य नहीं बन सके हैं। भाजपा से संजय मयूख का नाम अगले कार्यकाल के लिए तय माना जा रहा है, क्योंकि वो राष्ट्रीय नेतृत्व के करीबी हैं और दिल्ली में पार्टी के मीडिया मैनेजमेंट में अहम भूमिका निभाते हैं। बाकी 5 सीटों के लिए भाजपा, जेडीयू, लोजपा-आर में चर्चा जारी है।
चिराग पासवान की पार्टी लोजपा-आर को जो एक सीट मिलेगी, उससे विधानसभा चुनाव हारे उनके भांजे सीमांत मृणाल या फिर पार्टी के नेता हुलास पांडेय या अशरफ अंसारी में कोई एक एमएलसी बन सकते हैं। जदयू को निशांत के अलावा 2 और नाम तय करना है, जो नया होगा या पुराना, कहना मुश्किल है। नीतीश कुमार ही इसका अंतिम फैसला लेंगे। भाजपा में संजय मयूख के अलावा 3 और नाम तय होना है। इसके लिए प्रदेश से एक दर्जन नाम का पैनल दिल्ली भेजा गया है, जिस पर निर्णय लेने के लिए कल एक बैठक होनी है। बीजेपी से दिल्ली भेजे गए नाम में संजय मयूख के अलावा प्रेम रंजन पटेल, सरोज रंजन पटेल, राकेश कुमार सिंह, अनामिका पासवान वगैरह के नाम शामिल हैं।




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