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बिहार में 6 लाख स्कूल शिक्षकों की वरीयता नई कमेटी करेगी तय, सदस्य कौन-कौन होंगे

स्कूलों में वरीयता को लेकर सबसे अधिक विवाद विशिष्ट शिक्षक और विद्यालय अध्यापकों के बीच है। राज्य के 9 हजार ग्राम पंचायत और नगर निकायों के माध्यम से नियुक्त शिक्षकों में से ढाई लाख सक्षमता परीक्षा पाास कर विशिष्ट शिक्षक बने हैं

Wed, 10 Sep 2025 05:48 AMNishant Nandan हिन्दु्स्तान ब्यूरो, पटना
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बिहार में 6 लाख स्कूल शिक्षकों की वरीयता नई कमेटी करेगी तय, सदस्य कौन-कौन होंगे

बिहार में प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्कूलों में विभिन्न कोटि के करीब छह लाख शिक्षकों की वरीयता का निर्धारण जल्द होगा। शिक्षकों की वरीयता का निर्धारण के लिए शिक्षा विभाग ने कमेटी गठित की है। प्राथमिक शिक्षा निदेशक साहिला की अध्यक्षता में गठित कमेटी 15 दिनों के अंदर विभाग को रिपोर्ट देगी। इस रिपोर्ट के आधार पर विभाग आगे की कार्रवाई करेगा।शिक्षा विभाग के सचिव सह माध्यमिक शिक्षा निदेशक दिनेश कुमार ने मंगलवार को कमेटी गठन का आदेश जारी किया।

आदेश में कहा गया है कि वर्तमान में शिक्षा विभाग के तहत स्थानीय निकाय शिक्षक, विशिष्ट शिक्षक, बीपीएससी से चयनित विद्यालय अध्यापक, प्रधान शिक्षक और प्रधानाध्यापक के पदों पर अलग-अलग संवर्ग में नियुक्त किए गए हैं। स्थानीय निकाय शिक्षकों ने सक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण होने क बाद विशिष्ट शिक्षक का दर्जा प्राप्त कर लिया है।

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विभिन्न संवर्ग के शिक्षकों का अन्य संवर्ग में नियुक्ति होने पर उनकी सेवा की निरंतरता, वेतन संरक्षण, प्रोन्नति, वेतन विसंगति एवं वरीयता के संबंध में विभिन्न संगठनों द्वारा शिक्षा विभाग को अनुरोध किया जा रहा है। इसी तरह प्रारंभिक से लेकर उच्च माध्यमिक विद्यालयों में प्रभारी प्रधानाध्यापक घोषित करने के लिए विभिन्न कोटि के शिक्षकों की आपसी वरीयता का भी निर्धारण किया जाना है। इस समस्या के निराकरण के लिए कमेटी रिपोर्ट देगी।

कमेटी शिक्षक, प्रधान शिक्षक और प्रधानाध्यापक नियुक्ति नियमावली का अध्ययन करेगी। विभिन्न कोटि के शिक्षकों नियमावली के आधार पर सेवा निरंतरता, वेतन संरक्षण और वरीयरता क्रम निर्धारण को लेकर एक-एक पहलू पर विमर्श कर रिपोर्ट देगी। आवश्यतानुसार कमेटी विभिन्न शिक्षक संगठनों और विधि विशेषज्ञों से भी परामर्श ले सकती है।

विशिष्ट शिक्षक और विद्यालय अध्यापक में अधिक विवाद

स्कूलों में वरीयता को लेकर सबसे अधिक विवाद विशिष्ट शिक्षक और विद्यालय अध्यापकों के बीच है। राज्य के 9 हजार ग्राम पंचायत और नगर निकायों के माध्यम से नियुक्त शिक्षकों में से ढाई लाख सक्षमता परीक्षा पाास कर विशिष्ट शिक्षक बने हैं। पिछले दो साल में बीपीएससी से 2 लाख 33 हजार अध्यापक चयनित हुए हैं। ये कहते हैं कि वह बीपीएससी से चयनित शिक्षक हैं, इसलिए नियोजित के बाद विशिष्ट शिक्षकों से वे वरीय हैं। प्रधानाध्यापक और प्रधान शिक्षकों के मामले में भी इसी तरह के पेच हैं।

कमेटी में ये अधिकारी शामिल किए गए

अध्यक्ष: प्राथमिक शिक्षा निदेशक साहिला

सदस्य: परामर्शी पंकज कुमार, निदेशक प्रशासन मनोरंजन कुमार, संयुक्त सचिव अमरेश कुमार मिश्र, क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक (सहरसा) अमित कुमार, प्राथमिक शिक्षा उप निदेशक संजय कुमार चौधरी, माध्यमिक शिक्षा उप निदेशक अब्दुस सलाम अंसारी, आंतरिक वित्तीय सलाहकार संजय कुमार सिंह और गोपालगंज के जिला शिक्षा पदाधिकारी योगेश कुमार

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