बिहार में डिलीवरी के बाद बेटा बोल महिला की कर दी नसबंदी, बेटी सौंपने पर बवाल
नसबंदी किए जाने के करीब एक घंटे बाद अस्पताल कर्मियों के द्वारा परिजनों को बेटी सौंप दी गई। लेबर वार्ड में नवजात शिशु बदलकर बेचने का आरोप लगाकर परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा देख डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मी मौके से फरार हो गए।

बिहार के एक सदर अस्पताल में एक अजीबो-गरीब मामला बुधवार को सामने आया। परिजनों ने हाजीपुर सदर अस्पताल के लेबर वार्ड में महिला कि डिलीवरी के बाद बच्चा बदलने का आरोप लगाया है। परिजन का कहना था कि ऑपरेशन के बाद अस्पताल कर्मियों ने बताया कि महिला को बेटा हुआ है, लेकिन उस दौरान अस्पताल कर्मियों ने नवजात को नहीं दिखाया। इसके बाद स्वास्थ्य कर्मियों ने परिजनों को कहा कि पहले से एक पुत्री है और अभी पुत्र हुआ है। नसबंदी करवा दीजिए, परिजन के द्वारा बोला गया ठीक है, नसबंदी कर दीजिए।
नसबंदी किए जाने के करीब एक घंटे बाद अस्पताल कर्मियों के द्वारा परिजनों को बेटी सौंप दी गई। लेबर वार्ड में नवजात शिशु बदलकर बेचने का आरोप लगाकर परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। हंगामा देख डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मी मौके से फरार हो गए। हंगामे की जानकारी पर नगर थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आक्रोशित परिजनों को समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया। मिली जानकारी के अनुसार गोरौल थाना क्षेत्र के इस्लामपुर निवासी धीरज कुमार की 25 वर्षीय पत्नी गुंजन देवी को बुधवार की सुबह सदर अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती कराया गया।
लगभग ढाई घंटा बाद महिला को प्रसव के लिए ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया। करीब आधे घंटे बाद स्वास्थ्य कर्मी के द्वारा बताया गया कि महिला ने बेटा को जन्म दिया। अस्पताल कर्मी के द्वारा पूछा गया कि ऑपरेशन से बेटा हुआ है। नसबंदी करवा लीजिए। परिजन के स्वीकृति के बाद महिला की नसबंदी कर दी गई। इस दौरान परिजन को नवजात को नहीं दिखाया गया। करीब 01 घंटे बाद स्वास्थ्य कर्मी के द्वारा परिजन को नवजात सौंप दिया गया।
बेटी देखकर परिजन आश्चर्यचकित हो गए
परिजन जब नवजात को देखा तो पता चला कि बेटी है। बेटी देखकर परिजन आश्चर्यचकित हो गए और स्वास्थ्य कर्मियों से इस संबंध में बात की तो स्वास्थ कर्मी के द्वारा बताया गया कि बेटी ही जन्म ली है। इसके बाद परिजन सदर अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। इस संबंध में प्रसव पीड़िता गुंजन कुमारी के भाई संजय कुमार सिंह ने बताया कि बुधवार की सुबह करीब 11:30 बजे अपनी बहन को सदर अस्पताल में भर्ती कराए थे। कुछ देर बाद स्वास्थ्य कर्मी के द्वारा ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया। उसके कुछ देर बाद बताया गया कि बेटा जन्म लिया है। पहले से एक बेटी है, नसबंदी करवा लीजिए। स्वजन ने नसबंदी करने की स्वीकृति दी और साइन कर दिया। इस दौरान नवजात को नहीं दिखाया।
सदर अस्पताल की उपाधीक्षक डॉक्टर गुड़िया कुमारी ने कहा कि सदर अस्पताल के ओटी में ऑपरेशन के जरिए प्रसव के दौरान बच्चा बदल लेने के परिजनों के आरोप की जांच के लिए गुरुवार को ड्यूटी में तैनात चिकित्सा कर्मियों को आपात बैठक बुलाई गई है। सभी बिन्दुओं और तथ्यों की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।




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