नए सीएम से पहले बिहार को मिला नया राज्यपाल, सैयद अता हसनैन कब संभालेंगे कार्यभार?
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद बिहार को नया मुख्यमंत्री मिलने वाला है। हालांकि, नए सीएम से पहले बिहार को नया राज्यपाल मिल गया है। सैयद अता हसनैन को बिहार का 43वां राज्यपाल बनाया गया है।

बिहार को नए मुख्यमंत्री से पहले नया राज्यपाल मिल गया है। सैयद अता हसनैन राज्य के 43वें राज्यपाल बनाए गए हैं। वे मौजूदा राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान की जगह लेंगे। भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट जनरल रह चुके सैयद अता हसनैन अगले सप्ताह बिहार के राज्यपाल का कार्यभार संभालेंगे। उनके 12 मार्च को पटना पहुंचने का कार्यक्रम है। दूसरी ओर, नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बिहार को नया सीएम भी मिलने वाला है।
जानकारी के अनुसार, बिहार के नए राज्यपाल बनाए गए सैयद अता हसनैन पटना पहुंचने के बाद लोकभवन में बिहार के राज्यपाल का कार्यभार संभालेंगे। पटना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश उन्हें राज्यपाल पद की शपथ दिलाएंगे। हालांकि, शपथग्रहण कार्यक्रम की तिथि अभी तय नहीं की गई है। संभव है कि 13 मार्च को वे राज्यपाल का कार्यभार संभाल लेंगे।
नए राज्यपाल हसनैन के समक्ष राज्य के विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक और परीक्षा सत्र नियमित कराने की बड़ी चुनौती होगी। साथ ही विश्वविद्यालयों में नए व्यावसायिक कोर्स शुरू कराने की भी चुनौती होगी। लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन भारतीय सेना की श्रीनगर स्थित चिनार कोर के पूर्व कमांडिंग इन चीफ रह चुके हैं।
वे 2018 में कश्मीर केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति भी रहे हैं। हसनैन ने साल 1988-90 में श्रीलंका में ऑपरेशन पवन और 1990-91 में पंजाब में आतंकवाद विरोधी अभियान में हिस्सा लिया था। उन्होंने लगभग 4 दशक तक भारतीय सेना में अपनी सेवा दी। रिटायरमेंट के बाद हसनैन विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन से भी जुड़े रहे।
आरिफ मोहम्मद खान की विदाई
लेफ्टिनेंट जनरल हसनैन की नियुक्ति के साथ ही बिहार के मौजूदा राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान की विदाई हो गई है। वे लगभग 14 महीने इस पद पर रहे। अपने छोटे कार्यकाल में उन्होंने उच्च शिक्षा में सुधार के कई प्रयास किए। यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में शैक्षणिक सत्र और परीक्षाओं को नियमित करने के उन्होंने कदम उठाए। आरिफ मोहम्मद खान ने जनवरी 2025 में बिहार के राज्यपाल पद की शपथ ली थी।
नीतीश राज्यसभा जाएंगे, बिहार को मिलेगा नया सीएम
नए राज्यपाल के साथ ही बिहार को जल्द ही नया मुख्यमंत्री भी मिलेगा। सीएम नीतीश कुमार ने गुरुवार को राज्यसभा चुनाव में अपना नामांकन किया। लगभग दो दशक तक बिहार की सत्ता के मुखिया रहे नीतीश ने खुद राज्यसभा जाने की घोषणा की। राज्यसभा चुनाव के लिए 16 मार्च को मतदान होना है।
इसके बाद अप्रैल में नीतीश कुमार राज्यसभा सांसद बन सकते हैं। इसके बाद वे बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देंगे और बिहार को नया सीएम भी मिल जाएगा। इसी के साथ बिहार में एनडीए की नई सरकार का भी गठन होने के आसार हैं। चर्चा है कि नया सीएम भारतीय जनता पार्टी से बनाया जा सकता है।
(हिन्दुस्तान ब्यूरो के इनपुट के साथ)




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