Bihar economy will double in 5 years Biharis will be overjoyed after reading this report 5 सालों में डबल हो जाएगी बिहार की अर्थव्यवस्था, रिपोर्ट पढ़कर झूम उठेंगे बिहारी, Bihar Hindi News - Hindustan
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5 सालों में डबल हो जाएगी बिहार की अर्थव्यवस्था, रिपोर्ट पढ़कर झूम उठेंगे बिहारी

भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की हालिया रिपोर्ट में प्राकृतिक संसाधन, औद्योगिक विकास और बढ़ते उपभोक्ता बाजार को देखते हुए बिहार की अर्थव्यवस्था में आने वाले समय में बेतहाशा बढ़ोतरी का अनुमान जताया गया है।

Wed, 20 Aug 2025 03:13 PMJayesh Jetawat लाइव हिन्दुस्तान, मुंबई
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5 सालों में डबल हो जाएगी बिहार की अर्थव्यवस्था, रिपोर्ट पढ़कर झूम उठेंगे बिहारी

बिहार की अर्थव्यवस्था में अगले पांच सालों में भारी उछाल आने की उम्मीद है। भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने मंगलवार को जारी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि निकट भविष्य में राज्य की अर्थव्यवस्था 2030-31 तक दोगुने से भी अधिक बढ़कर 21.9 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। यह सकारात्मक परिदृश्य को दर्शाता है। इस रिपोर्ट में प्राकृतिक संसाधन और क्षमता को देखते हुए बिहार की अर्थव्यवस्था के साल 2046-47 तक 1,100 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान जताया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, बिहार तेजी से हो रहे आर्थिक परिवर्तन, जनसंख्या संबंधी लाभ और अनुकूल नीतियों के साथ निवेशकों के लिए एक अद्वितीय अवसर के रूप में उभर रहा है। यह देश में सबसे तेजी से विकास करने वाले राज्यों में से एक है। 2023-24 में, बिहार का सकल राज्य घरेलू उत्पाद 8.54 लाख करोड़ रुपये रहा। यह वर्तमान मूल्य पर 14.4 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है, जो इसी साल भारत की 12 प्रतिशत की वृद्धि दर से अधिक है। यह तेजी निरंतर संरचानात्मक सुधारों, बुनियादी ढांचे के विस्तार और औद्योगिक विकास के लिए उठाये गए कदमों का परिणाम है।

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रिपोर्ट कहती है कि पारंपरिक रूप से अपने समृद्ध कृषि आधार के लिए जाना जाने वाला बिहार अब रणनीतिक रूप से कृषि आधारित उद्योगों, आईटी और आईटी से जुड़ी सेवाओं कपड़ा और चमड़ा क्षेत्रों, विनिर्माण और स्वास्थ्य सेवा आदि पर ध्यान दे रहा है।

औद्योगिक निवेश और प्रोत्साहन नीति का असर

रिपोर्ट के अनुसार बिहार ने 2016 में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति शुरू की गई। नीति को 2020 में संशोधित किया गया और इसे 2025 तक बढ़ाया गया। नीति में पूंजीगत सब्सिडी, बिजली, किराये में छूट, रोजगार सृजन व कौशल प्रशिक्षण अनुदान, राज्य जीएसटी की वापसी सहित कई प्रोत्साहन शामिल हैं।

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बिहार में कारोबार करना सुगम हुआ

एक ही जगह सभी प्रकार की मंजूरी की व्यवस्था, डिजिटल भूमि रिकॉर्ड और कंपनियों के अनुकूल सुधार से बिहार में कारोबार करना सुगम हुआ है। जबकि स्टार्टअप बिहार पहल जमीनी स्तर पर नवोन्मेष को बढ़ावा दे रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि बिहार में उपजाऊ भूमि, खनिज और पानी सहित प्रचुर प्राकृतिक संसाधन मौजूद हैं। इसके साथ राज्य की अर्थव्यवस्था को कई तुलनात्मक लाभ हैं।

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बिहार तेजी से बढ़ता उपभोक्ता बाजार

इसके अलावा, राज्य का अधिकतर भाग ग्रामीण अर्थव्यवस्था वाला है। यहां शहरीकरण 12 प्रतिशत है जो राष्ट्रीय औसत 35 प्रतिशत से कम है। यह राज्य के लिए एक बड़ा आर्थिक अवसर प्रस्तुत करता है। इसका अर्थ बढ़ता उपभोक्ता बाजार भी है। इसके अलावा, राज्य की 12.7 करोड़ की आबादी में से लगभग 58 प्रतिशत 25 वर्ष से कम आयु के हैं। यह भारतीय राज्यों में सबसे युवा आबादी है। इससे एक विशाल, प्रशिक्षित और लागत-अनुकूल कार्यबल का निर्माण हो सकता है, जो उद्योगों के लिए महत्वपूर्ण है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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