बिहार चुनाव में राजद को मिली थीं सबसे अधिक सीटें, अब BJP सबसे बड़ी पार्टी; बेहतर स्ट्राइक रखना चुनौती
बिहार चुनाव : भाजपा वर्ष 2020 चुनाव में 74 सीटें जीतकर दूसरे नंबर की पार्टी बनी थी। बाद में मुकेश सहनी की वीआईपी से जीते सभी तीन विधायक भाजपा में आ गये। वहीं, बीच के कालखंड में हुए उपचुनावों में जीत के बाद अब 80 विधायकों के साथ भाजपा विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनी हुई है।
बिहार चुनाव : पिछले 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में राजद 75 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। लेकिन, बाद के वर्षों में राज्य की रजानीतिक घटनाएं इस तरह से बदली कि आज भाजपा 80 विधायकों के साथ सबड़े बड़ी पार्टी बनी हुई है। ऐसे में 2025 के चुनाव के बाद कौन सबसे बड़ी पार्टी होगी, यह देखना बड़ा ही दिलचस्प होगा। इतना तो तय है कि बड़ी पार्टी का खिताब हासिल करने के लिए अपनी जीत का स्ट्राइक रेट अव्वल रखना होगा।
गठबंधनों वाली लड़ाई में किसी भी बड़ी पार्टी को राज्य के सभी 243 सीटों पर विधानसभा चुनाव में लड़ने का मौका नहीं मिल सकता है। ऐसे में यह और भी जरूरी हो जाता है कि जिसे जो भी सीटें मिले, उसमें से अधिकतर पर वह जीत हासिल करे। इसके अलावा किसी भी पार्टी के पास कोई विकल्प नहीं है कि वह सबसे बड़े दल के रूप में सामने आ सके।
भाजपा वर्ष 2020 चुनाव में 74 सीटें जीतकर दूसरे नंबर की पार्टी बनी थी। बाद में मुकेश सहनी की वीआईपी से जीते सभी तीन विधायक भाजपा में आ गये। वहीं, बीच के कालखंड में हुए उपचुनावों में जीत के बाद अब 80 विधायकों के साथ भाजपा विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनी हुई है। इस दर्जे को बरकरार रखना भाजपा के लिए बड़ी चुनौती होगी।
वर्ष 2020 के चुनाव में एनडीए के तहत भाजपा, जदयू, हम और वीआईपी एक साथ मैदान में उतरे थे। इस बार एनडीए घटक दलों में चार की जगह पांच पार्टियां शामिल हैं। इसलिए, पहली चुनौती तो सीट बंटवारे की ही होगी। किसे कितनी सीटें गठबंधन के तहत में मिलती है, इसका खुलासा अगले एक महीने में हो सकेगा। पिछले चुनाव के बंटवारे पर नजर दौड़ायें तो 2020 में भाजपा एनडीए गठबंधन के तहत 110 सीटों पर चुनाव लड़ी थी।
भाजपा ने अपनी कोटे की 11 सीटें वीआईपी को दी थी। इस चुनाव में वीआईपी के चार विधायक बने। बाद में तीन विधायक भाजपा में आ गये। वहीं, एक विधायक का निधन हो गया, जो सीट बाद में उपचुनाव में राजद के पास चली गयी थी। इस तरह देखें तो 2020 में 110 सीटों पर लड़कर भाजपा 74 पर जीत दर्ज की। उसे 67% सीटों पर विजय हासिल हुई। 33% सीटों पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था।
हालांकि, भाजपा को 2020 से भी अधिक 91 सीटें 2010 के चुनाव में मिली थी, पर उस समय जदयू 115 सीट ले सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। अबतक मिली जानकारी के अनुसार 2025 चुनाव में एनडीए की सबसे बड़ी दो पार्टी भाजपा व जदयू 100-100 या एक-दो अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने जा रही है। ऐसे में राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बने रहने को भाजपा की सफलता का स्ट्राइक रेट 2020 चुनाव के बराबर या उससे अधिक रखना चुनौती होगी।




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