जब से जदयू बनी तब से नीतीश कुमार ही सर्वेसर्वा, मुश्किल दौर से भी निकाला; बिहार में कैसा रहा पार्टी का सफर
नीतीश के कार्यकाल में पार्टी ने काफी मुश्किल दौर भी देखा और उससे निकल कर सफलता का परचम भी लहराया। इन्हीं में से एक चुनाव 2020 का विधानसभा चुनाव शामिल है, जिसमें जदयू को महज 43 विधानसभा सीटें मिलीं। इसके बावजूद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही बने।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चौथी बार जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने हैं। उनके नेतृत्व में पार्टी सफलता के शीर्ष पर पहुंची। ऐसे तो उन्होंने लगभग सात वर्ष तक पार्टी की कमान संभाली, लेकिन पूरी पार्टी स्थापना के समय से ही उनके इर्द-गिर्द घूमती रही है। नीतीश कुमार पहली बार 10 अप्रैल 2016 को और फिर 29 दिसंबर 2023 को जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। अब वे चौथी बार इस पद को संभालने जा रहे हैं।
वर्ष 2003 में समता पार्टी के विलय के बाद जदयू का नये स्वरूप में गठन हुआ। उसके बाद सबसे पहले शरद यादव को पार्टी की कमान मिली। हालांकि तब भी पार्टी की राजनीति के केन्द्र में नीतीश कुमार ही थे। लगभग 12 वर्षों तक शरद यादव ने पार्टी की कमान संभाली और फिर 2016 में पहली बार नीतीश कुमार को पार्टी का नेतृत्व सौंपा गया।
नीतीश कुमार के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहते जदयू ने बिहार में चार चुनाव लड़ा। इनमें दो लोकसभा का और दो विधानसभा का चुनाव शामिल है। सबमें पार्टी को सफलता मिली। इन चुनावों के बाद जहां जदयू ने बिहार में सत्ता हासिल की, वहीं संसद में भी वह नयी ताकत बनकर उभरी। इनमें 2020 व 2025 का विधानसभा चुनाव और 2019 और 2024 का लोकसभा चुनाव शामिल है। चुनावों में सफलता के स्ट्राइक रेट के हिसाब से जदयू का सबसे सफल चुनाव 2025 का विधानसभा और 2024 का लोकसभा चुनाव रहा है। ये दोनों चुनाव नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही लड़े गए।
हालांकि, नीतीश के कार्यकाल में पार्टी ने काफी मुश्किल दौर भी देखा और उससे निकल कर सफलता का परचम भी लहराया। इन्हीं में से एक चुनाव 2020 का विधानसभा चुनाव शामिल है, जिसमें जदयू को महज 43 विधानसभा सीटें मिलीं। इसके बावजूद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही बने। इस मुश्किल हालात से निकलकर 2025 में जदयू ने अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की और 100 सीटों पर चुनाव लड़कर 85 पर जीत हासिल की।
स्ट्राइक रेट के हिसाब से यह जदयू की अबतक की सबसे शानदार सफलता थी। पार्टी ने 85 फीसदी की दर से सफलता प्राप्त की। 2010 में जदयू ने सर्वाधिक 110 सीटें जीती थीं, लेकिन उस समय उसका स्ट्राइक रेट 80 फीसदी था। इसी तरह नीतीश कुमार के नेतृत्व में जदयू ने 2019 के लोकसभा चुनाव में 24 सीटों पर उम्मीदवार उतारे और 16 सीटों पर उसे जीत मिली। 2024 के लोकसभा चुनाव में उसने 16 सीटों पर चुनाव लड़कर 12 सीटें जीत ली।
स्ट्राइक रेट के हिसाब से 2024 का लोकसभा चुनाव जदयू का सबसे बेहतर प्रदर्शन वाला चुनाव साबित हुआ। इस चुनाव में जदयू का स्ट्राइक रेट 75 फीसदी रहा। जबकि, 2009 में सर्वाधिक 20 सीट जीतने के बाद भी उसका स्ट्राइक रेट 74 फीसदी ही था।




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