बिहार बंद के दौरान स्कूल जा रही टीचर से धक्का-मुक्की, भाजपा कार्यकर्ताओं से हुई बहस
जहानाबाद में बिहार बंद के दौरान स्कूल जा रही एक महिला टीचर से धक्का-मुक्की की गई। भाजपा कार्यकर्ताओं पर शिक्षिका से अभद्रता करने का आरोप है। इसका वीडियो भी वायरल हो रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मां की गाली देने के विरोध में बुलाए गए बिहार बंद के दौरान जहानाबाद में स्कूल जा रही एक शिक्षिका से धक्का-मुक्की की गई। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं से महिला टीचर से बहस भी हुई। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया है। वीडियो में भाजपा की महिला कार्यकर्ता शिक्षिका को पकड़ते हुए ले जाती हुईं दिख रही हैं। बंद समर्थकों का आरोप है कि शिक्षिका ने पीएम मोदी को गाली दी। वहीं, शिक्षिका का कहना है कि उन्हें स्कूल जाने से रोका जा रहा था।
पीएम मोदी को मां की गाली दिए जाने के विरोध में एनडीए ने गुरुवार को बिहार बंद बुलाया। जहानाबाद में भी भाजपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और दुकानें बंद कराकर प्रदर्शन कराया। इसी दौरान स्कूल के लिए घर से निकली दीप्ति रानी नाम की एक शिक्षिका अरवल मोड़ से गुजरीं। वहां प्रदर्शन कर रहे भाजपा कार्यकर्ताओं से उनकी बहस हो गई।
बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों ने शिक्षिका को गाड़ी से उतार दिया। फिर उसके साथ धक्कामुक्की भी की गई। भाजपा कार्यकर्ताओं ने टीचर पर विरोधी पार्टी का समर्थक होने का आरोप लगाया। हालांकि, दीप्ति रानी ने इससे इनकार किया है। उन्होंने कहा कि वह किसी भी पार्टी की समर्थक नहीं हैं। वह सुबह स्कूल के लिए आ रही थीं, तभी उन्हें रोक दिया गया। इसी दौरान यह वाकया हुआ। टीचर ने कहा कि पुलिस और प्रशासन के लोगों ने उन्हें वां से सुरक्षित निकाल दिया और वह स्कूल पहुंच गईं।
दूसरी ओर, बिहार बंद के दौरान महिला टीचर से अभद्रता का आरोप लगाते हुए विपक्ष ने इसे मुद्दा बना दिया है। विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के सुप्रीमो मुकेश सहनी ने सोशल मीडिया पर इसका वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि महिलाओं का अपमान ही भाजपा की पहचान है।




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