बिहार में आम-लीची, गेहूं और मक्का सबको बेमौसम बारिश से झटका, कृषि मंत्री बोले- मुआवजा देंगे
सबसे ज्यादा नुकसान गेहूं, मक्का, दलहन और आम को हुआ है। गेहूं की फसल दाना भरने और पकने की अवस्था में है। तेज हवा से गेहूं और मक्के की फसल गिर गई है। वरीय कृषि वैज्ञानिक डॉ. पीके द्विवेदी का कहना है कि गिरी हुई फसल गलने की आशंका है। दाने काले हो जाएंगे।

बेमौसम बारिश ने बिहार के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले दो दिनों से हो रही आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से रबी फसलों और फलों को भारी क्षति हुई है। लगातार बारिश के साथ तेज हवा ने नुकसान बढ़ा दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि गेहूं, मक्का, राई-सरसों, दलहनी फसलों और आम-लीची का उत्पादन घटेगा। कृषि विभाग नुकसान का आकलन करने में जुट गया है। कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने बताया कि सभी जिलों से फसल क्षति की रिपोर्ट मंगाई जा रही है। ज्यादा नुकसान वाले जिलों के किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।
13.2 मिलीमीटर बारिश
राज्य के सभी जिलों में औसतन शनिवार को 13.2 मिलीमीटर बारिश हुई। जो सामान्य से 195 प्रतिशत अधिक है। इस दौरान तीन लोगों की मौत हो गई। गया में ठनका से तीन वर्षीय बच्चे की जान गई। वहीं, किशनगंज में फूस के घर पर पेड़ गिरने से फुलमनी देवी और फारबिसगंज में फूस के घर की दीवार गिरने से एक बच्चे की मौत हो गई।
मौसम विभाग के अनुसार सुपौल, समस्तीपुर, बेगूसराय और कटिहार में भारी जबकि शेष जिलों में हल्के से मध्यम स्तर की बारिश हुई। इस दौरान 70 किलोमीटर रफ्तार से किशनगंज में हवा चली। दरभंगा में आंधी से प्रसिद्ध कुशेश्वरनाथ महादेव मंदिर का गुबंद झुक गया है। राज्यभर में जगह-जगह लोगों के फूस-चदरा के घर उजड़ गये। शहर से लेकर गांव तक विद्युत आपूर्ति सेवा बाधित रही। कुछ क्षेत्रों में तो 12 घंटे के बाद बिजली उपलब्ध हो सकी।
सबसे ज्यादा नुकसान गेहूं, मक्का, दलहन और आम को हुआ है। गेहूं की फसल दाना भरने और पकने की अवस्था में है। तेज हवा से गेहूं और मक्के की फसल गिर गई है। वरीय कृषि वैज्ञानिक डॉ. पीके द्विवेदी का कहना है कि गिरी हुई फसल गलने की आशंका है। दाने काले हो जाएंगे। मसूर और चने में भी दाना काला पड़ने और फलियों के चटकने का डर है। इससे गुणवत्ता व उत्पादकता प्रभावित होगी। उत्पादन घट जाएगा। अभी बारिश का अलर्ट बना हुआ है। यही परेशानी का बड़ा कारण है।
पटना में भी भारी नुकसान
पटना जिले में तेज आंधी और बेमौसम बारिश से गेहूं, सरसों और आम की फसलों को नुकसान पहुंचा है। कटाई के लिए तैयार गेहूं और सरसों की फसलें जमीन पर बिछ गईं। कटी हुई सरसों की फसलें भींगकर खराब हो रही हैं। आम और लीची के फूल झड़ गए हैं। पटना जिले के किसानों के अनुसार आंधी और बारिश के कारण 10 फीसदी तक फसलों के नुकसान होने के आसार हैं।
बख्तियारपुर में आंधी के साथ बारिश हुई, जिससे दलहनी फसलों की कटाई प्रभावित हो गई। मनेर में आंधी-पानी का असर सरसों की खेती पर पड़ा। सरसों कटने के कगार पर है। बारिश से फसल खेत में बिछ गई। अब धूप खिलने के बाद फसल सूखेगा तब इसकी कटाई हो पाएगी। फतुहा में बारिश से खेत में काटकर रखी गई फसलें बर्बाद हो गईं। कृषि पदाधिकारी प्रियंका चौधरी ने बताया कि बारिश होने से तेलहन की कटाई पर थोड़ा असर पड़ा है।
खुसरूपुर में गेहूं की खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा है। टाल क्षेत्र में लगी मसूर व तेलहन फसल को भी नुकसान हुआ है। बिक्रम में बारिश से मक्का की खेती पर असर पड़ा है। बिक्रम के प्रखंड कृषि पदाधिकारी रविन्द्र शफी ने बताया कि बारिश और आंधी से मुख्य रूप से मक्के की खेती पर असर पड़ा है। उन फसलों को अधिक नुकसान होगा जो खेत में गिर चुके हैं।




साइन इन