मम्मी वापस घर चलो डर लगता है पानी में डूब जाएंगे
नवगछिया, निज संवाददाता। विक्रमशिला सेतु के टूटने के बाद गंगा पार के कई जिलों के

नवगछिया, निज संवाददाता। विक्रमशिला सेतु के टूटने के बाद गंगा पार के कई जिलों के लोग समय पर अस्पताल, कार्यालय, स्कूल-कॉलेज नहीं जा पा रहे है। गंगा घाट पर धूप में घंटों खड़े होकर गंगा पार करने की आस लगाए बैठे रहते हैं। हालांकि प्रशासन पूरी तरह सजग है घाटों पर दंडाधिकारी एक एक चीजों पर नजर रख रहे हैं फिर भी परेशानी थमने का नाम नहीं ले रही है। आम लोगों की जिंदगी नाव पर निर्भर होकर रह गई है।
यात्री परेशान
बुधवार के दोपहर में जहाज के आने के बाद ही धूप में सैकड़ों लोग भागते दौड़ते किनारे पर बालू से होकर आकर ऑटो की ओर बढ़ने लगे। कुछ यात्री का चालकों के साथ किराया को लेकर के किचकिच भी हुआ।
नन्हीं पीहू की चिंता
बाइक पर अपने पापा मम्मी के साथ गंगा पर करने आई नन्हीं पीहू नाव पर चढ़ने के नाम पर ही अपनी मम्मी को पकड़ कर रोने लगती है और कहती है मम्मी वापस घर चलो नहीं जाएंगे, नहीं तो पानी में डूब जाएंगे। पूछने पर बताया कि वह मम्मी पापा के साथ ननिहाल जा रही है। उसके पिता सुनील और मां निधि कुमारी ने बताया कि कभी सोचा नहीं था कि यह नौबत आएगी।
युवक की परेशानी
सिर पर बैग पीछे बूढ़ी मां का हाथ थामे जा रहे था रौशन
जहाज के लगते ही यात्रियों के बीच एक युवक सिर पर बैग लिए पीछे बूढ़ी मां का हाथ थामे जा रहा था। पूछने पर बताया कि सुबह से गंगा पार में बैठे थे जहाज देरी से आया। काफी दूर जाना है बस पकड़कर जाना पड़ेगा। अगर जहाज पांच बजे चले तो सबको राहत मिलेगी। वहीं संजय ने बताया कि जहाज से गंगा पर करने में एक घंटा लगता है जबकि नाव में दो घंटे लग जाते हैं। टाइम टेबल सही नहीं है जिस कारण समय पर नहीं पहुंच पाने के कारण ट्रेन छूट गई अब काफी परेशानी होगी। वहीं एक यात्री अजीत जिसे कुरसेला जान था बताया कि घाट पर प्रशासन की व्यवस्था है लेकिन यात्रियों को धूप में खड़े रहना पड़ता है उसके लिए कोई व्यवस्था नहीं है जहां बैठकर जहाज का इंतजार किया जा सके। वही घाट पर पानी की भी कोई व्यवस्था नहीं है।
प्रशासन की मुस्तैदी
घाट पर मुस्तैद दिखे प्रशासन की टीम
घाट पर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आई। घाट पर दंडाधिकारी नजर रख रहे थे। है बुधवार को लगभग 30 से 40 निजी नावों और सरकारी नाव व जहाज के बल पर हजारों यात्री आवागमन कर रहे थे। नवगछिया अनुमंडल पुलिसपदाधिकारी ओम प्रकाश की देखरेख में दंडाधिकारी सुधीर कुमार एवं इस्माईलपुर नवगछिया और खरीक के अंचलाधिकारी के साथ आपदा मित्र की प्रतिनियुक्ति की गई है। इस्माईलपुर के पंचायती राज पदाधिकारी को भी यहां पर प्रति नियुक्ति की गई है।
नावों की व्यवस्था
बड़ी नाव पर 80 से100 आदमी
घाट पर आपदा मित्र के देखरेख में बड़ी नाव पर 80 से 100 आदमी और छोटे नाव पर 40 से 50 लोगों को चढ़ाया जा रहा है। साथ ही फ्री वाले नाव पर भी निगरानी रखी जा रही है। दो पालियों में प्रशासन के द्वारा अलग से दण्डाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है। जिसमें जिसमें एक कंट्रोल रूम भी बनाया गया है वहां पर भी दो पलियां में अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।
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