Rising Inflation Hits Household Budgets Food Prices Surge पूर्णिया : रसोई तक पहुंची महंगाई : खाद्य पदार्थ भी महंगे, Bhagalpur Hindi News - Hindustan
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पूर्णिया : रसोई तक पहुंची महंगाई : खाद्य पदार्थ भी महंगे

पूर्णिया से रजनीश की रिपोर्ट पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। महंगाई की मार अब आम लोगों

Fri, 15 May 2026 04:25 PMNewswrap हिन्दुस्तान, भागलपुर
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पूर्णिया : रसोई तक पहुंची महंगाई : खाद्य पदार्थ भी महंगे

पूर्णिया से रजनीश की रिपोर्ट पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। महंगाई की मार अब आम लोगों की रसोई पर साफ दिखने लगी है। खाद्य पदार्थों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से गृहिणियों का बजट बिगड़ने लगा है। दुकानदारों का कहना है कि थोक बाजार में कीमत बढ़ने तथा पेट्रोल-डीजल महंगा होने से ढुलाई खर्च बढ़ा है, जिसका असर खुदरा बाजार पर पड़ रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि रोजमर्रा की जरूरत की चीजें लगातार महंगी होने से घर चलाना मुश्किल हो सकता है। किराना दुकानदार आकाश कुमार केसरी और विकास जायसवाल ने बताया कि चीनी की कीमत में एक सप्ताह के भीतर एक रुपए प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। पहले चीनी 46 रुपए प्रति किलो बिक रही थी, जो अब 47 रुपए प्रति किलो बिक रही है। इसी तरह कपड़ा धोने वाले सर्फ की कीमत में भी बड़ा इजाफा हुआ है। एक सप्ताह पहले जो सर्फ 74 रुपए प्रति पैकेट बिक रहा था, वह अब 86 रुपए प्रति पैकेट तक पहुंच गया है। दुकानदारों का कहना है कि कंपनियों ने सीधे रेट बढ़ा दिए हैं, जिसके कारण ग्राहकों को अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। अरहर (राहर) दाल की कीमत बढ़कर 120 रुपए प्रति किलो हो गई है। चना दाल और मसूर दाल 80 रुपए प्रति किलो बिक रही है, जबकि गोटा चना 70 रुपए प्रति किलो के भाव से बाजार में उपलब्ध है। आने वाले दिनों में दाल की कीमत में और बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है। चावल के दाम में भी वृद्धि दर्ज की गई है। बासमती चावल के एक पैकेट पर करीब 200 रुपए तक की बढ़ोतरी हुई है। साधारण चावल की कीमत में भी लगभग 50 रुपए प्रति पैकेट का इजाफा हुआ है। सरसों तेल 170 रुपए प्रति किलो बिक रहा है, जबकि रिफाइन तेल 160 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है। दुकानदार ने बताया कि थोक बाजार से ही महंगा सामान मिल रहा है。

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-बोली गृहणियां, मध्यवर्गीय परिवारों का बजट बिगड़ा :

-शहर के मधुबनी निवासी उपभोक्ता पिंकी कुमारी, प्रियंका कुमारी रंजना कुमारी,निशा मिश्रा, अजय झा, रंजीत सिंह ने बताया कि पहले जिस सामान पर महीने में पांच से छह हजार रुपए खर्च होते थे, अब उसी पर सात से आठ हजार रुपए खर्च हो रहे हैं। खासकर दाल, तेल और चावल की कीमत बढ़ने से मध्यमवर्गीय परिवारों का बजट गड़बड़ा गया है। पढ़ाई, बिजली बिल और अन्य खर्च के बीच खाद्य पदार्थों की महंगाई ने परेशानी बढ़ा दी है।

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