खगड़िया : महिलाओं की राजनीतिक सशक्तिकरण में बिहार सबसे आगे : विधायक
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ऐतिहासिक पहल की है। 2006 में पंचायती राज संस्थाओं में और 2007 में नगर निकायों में महिलाओं के लिए 50% आरक्षण लागू किया गया। यह निर्णय आज महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का प्रतीक है, जो एक मजबूत लोकतंत्र की पहचान है।

खगड़िया से रविशंकर की रिपोर्ट खगड़िया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की गई। जो आज पूरे देश के लिए प्रेरणा बन चुकी है। यह बातें शुक्रवार को शहर के जिलाजदयू कार्यालय में आयोजित बैठक में सदर विधायक बबलू कुमार मंडल ने कही।उन्होंने कहा कि वर्ष 2006 में पंचायती राज संस्थाओं और 2007 में नगर निकायों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण लागू कर बिहार ने एक नई दिशा दी थी। इस दूरदर्शी निर्णय का परिणाम आज स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। बड़ी संख्या में महिलाएं मेयर, जिला परिषद अध्यक्ष, प्रखंड प्रमुख, मुखिया, पंचायत समिति सदस्य और वार्ड पार्षद जैसे महत्वपूर्ण पदों पर पहुंचकर न सिर्फ नेतृत्व कर रही हैं, बल्कि जनसेवा की नई मिसाल भी कायम कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि यह बदलाव सामाजिक संरचना में सकारात्मक परिवर्तन का प्रतीक है। सदर विधायक ने कहा कि महिलाओं को नेतृत्व में आगे लाने का जो मॉडल नीतीश कुमार ने प्रस्तुत किया, वह आज पूरे देश में अनुकरणीय बन चुका है। यही कारण है कि केंद्र सरकार भी अब इस दिशा में ठोस कदम उठाते हुए ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के माध्यम से लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की समान और सम्मानजनक भागीदारी के बिना विकसित भारत का सपना अधूरा है। नीतीश कुमार ने इस सच्चाई को वर्षों पहले समझ लिया था और सत्ता संभालते ही महिला सशक्तिकरण को अपनी नीतियों का केंद्र बनाया। यही वजह है कि आज शिक्षा, राजनीति, प्रशासन और समाज के हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी ऐतिहासिक रूप से बढ़ी है, जो एक मजबूत और समावेशी लोकतंत्र की पहचान है। वही सदर विधायक द्वारा व्यक्त किए गए बयानों का महिला आयोग की सदस्या साधना देवी सदा, जदयू के पूर्व कार्यकारी जिलाध्यक्ष राजकुमार फोगला, राजनीतिक सलाहकार नीलम वर्मा, जदयू जिला प्रवक्ता आचार्य राकेश पासवान शास्त्री, जदयू अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव उमेश सिंह पटेल, जदयू जिला महासचिव मो. फ़िरदौस आलम,जदयू नेता सुशांत यादव,जदयू जिला उपाध्यक्ष शंभू झा, दीपक सिन्हा,अनिल जयसवाल, प्रमोद कुमार सिंह, रामविलास महतो,कोषाध्यक्ष संदीप केडिया, पुरूषोत्तम अग्रवाल, मोहम्मद शहाब उद्दीन, अविनाश पासवान, निर्मला कुमारी, वीणा पासवान,उदय प्रसाद सिंह,ममता जायसवाल,पूनम जयसवाल,फिरदोस आलम, ललित चौधरी, सिद्धांत सिंह छोटू, रामप्रकाश सिंह एवं राजनीति प्रसाद सिंह, पंकज चौधरी,अनुज कुमार शर्मा, प्रभात शर्मा,कमल किशोर पटेल एवं संतोष कुमार साह आदि जदयू नेताओं ने भी दिली समर्थन कर महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकारी सेवा के अलावा लोकसभा व विधानसभा चुनाव में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए केंद्रीय सरकार की पहल को सराहनीय कदम खताया।
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