मौसम का विरोधाभास: बादल तो कहीं तीखी धू, बीमार हो रहे लोग
कैमूर जिले में मौसम का विरोधाभास बना हुआ है। जहां एक तरफ कड़ी धूप है, दूसरी तरफ बादल छाए हैं। इस असामान्य मौसम के कारण 150-200 मरीज अस्पताल में मौसमजनित रोगों से पीड़ित हैं। चिकित्सकों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन इसका मुख्य कारण हो सकता है।

अधौरा में सुबह 9 बजे तक था बादल, चैनपुर में तीन बजे भोर में चली तेज हवा, भभुआ, रामपुर, भगवानपुर में तीखी धूप मैदानी भाग भभुआ में 43 और पहाड़ी क्षेत्र अधौरा में 39 डिग्री था तापमान सदर अस्पताल में मौसमजनित रोग से पीड़ित 150-200 मरीज करा रहे जांच (पटना का टास्क) भभुआ, कार्यालय संवाददाता। कैमूर जिले में मौसम का विरोधाभास बना हुआ है।
मौसम का प्रभाव
जिले में एक ही समय में जहां एक तरफ कड़ी धूप है, तो दूसरी तरफ बादल छाये रह रहा है और कहीं तेज ठंडी हवा चल रही है। ऐसे मौसम से लोग समन्वय स्थापित नहीं कर पा रहे हैं। मौसम के इस मिजाज का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। लोग बीमार पड़कर अस्पताल पहुंच रहे हैं। कहा जा रहा है कि यह विपरीत परिस्थितियां असामान्य हैं और जलवायु परिवर्तन से संबंधित हो सकती हैं। जंगल व पहाड़ से घिरे अधौरा प्रखंड में मंगलवार की सुबह 9:00 बजे तक आसमान में बादल छाए रहा। इस वजह से यहां के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को यहां का तापमान 44 डिग्री था। लेकिन, मंगलवार को मौसम में परिवर्तन की वजह से 39 डिग्री हो गया। दिन में 10:00 बजे के बाद असहनीय तीखी धूप निकल आई। सुबह में बाजार करने आए लोग अपने गांव की ओर रवाना होने लगे। बड़गांव खुर्द के योगेंद्र यादव ने बताया कि मौसम ठंडा था। इसलिए बाजार आ गए। अब तीखी धूप निकल आई। सामान खरीद लिए हैं, घर जा रहे हैं। चैनपुर में 3:00 बजे भोर में अचानक तेज ठंडी हवा चलने लगी। फिर सुबह होते ही कड़ी धूप निकल गई। जबकि भगवानपुर के पहाड़ी क्षेत्र से गर्म हवा प्रखंड मुख्यालय तक आ रही थी। रामपुर और भभुआ में सुबह से तीखी धूप निकली थी। आमजनों का कहना है कि एक ही समय या स्थान पर प्रकृति के बिल्कुल विपरीत और हैरान करने वाले मौसम का अनुभव हो रहा है। जब अधौरा में बादल था, तब शेष हिस्सों में तीखी धूप निकली थी। जब भगवानपुर में गर्म हवा चल रही थी, तब चैनपुर में तीव्र रफ्तार में ठंडी हवा बह रही थी। 26 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से बह रही थी हवा कैमूर में मंगलवार को 26 किमी. प्रति घंटा की रफ्तार से गर्म हवा बह रही थी। यही कारण था कि दिन में 10 बजे 31 और अगले एक घंटा बाद 11 बजे 41 डिग्री तापमान पहुंच गया। जबकि एक-दो बजे तक 42 और तीन बजे 43 डिग्री तापमान चला गया था। मंगलवार को अधिकतम 44 व न्यूनतम 27 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। हालांकि 27-29 मई तक 42 डिग्री तापमान रहने का पूर्वानुमान है। इन रोग से पीड़ित आ रहे अस्पताल मौसम के विरोधाभास की वजह से आमजन डायरिया, सर्दी, खांसी, बुखार, बदन दर्द, चर्म रोग से पीड़ित हो रहे हैं।
अस्पताल की स्थिति
सदर अस्पताल में रोजाना डायिरया के पांच-छह मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। मंगलवार को भी चार मरीज भर्ती किए गए थे। इमरजेंसी वार्ड में मिले भगवानपुर प्रखंड के राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि उनकी बहू डायरिया से पीड़ित थी। इलाज के बाद स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है। डॉ. कमलेश प्रसाद के अनुसार, सदर अस्पताल में हीटवेव वार्ड बना है। गंभीर मरीजों को उसी में भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। स्वास्थ्य जांच के लिए लग रही भीड़ सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. विनोद कुमार सिंह बताते हैं कि पहले 500-600 मरीज आते थे। अब 600-700 मरीज स्वास्थ्य जांच व इलाज कराने आ रहे हैं। इनमें से 150-200 मरीज मौसमजनित बीमारी से पीड़ित रह रहे हैं। पीडियाट्रिक, जिरियाट्रिक, एसएनसीयू, एसएनसीयू, इमरजेंसी में रोजाना 50-60 मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। इनके लिए ओआरएस, पारासिटामोल, आरएल, डीएनएस, लिवोसिट्राजिन, मेट्रोनिडाजोल, सिप्रोफ्लोक्सासिन, एंटीबायोटिक्स, एंटी एलर्जी आदि दवाएं उपलब्ध है।
जलवायु परिवर्तन का प्रभाव
इन कारणों से हो रहा बदलाव भूगोल शास्त्री डॉ. सोनू सहाय मौसम के विरोधाभास को प्राकृतिक और मानवीय कारकों के जटिल तंत्र का परिणाम मानते हैं। उनके अनुसार, ग्लोबल वार्मिंग और वायुमंडलीय असंतुलन के कारण एक ही क्षेत्र में भीषण सूखा और अचानक बाढ़ जैसी विपरीत मौसमी घटनाएं सामान्य हो रही हैं। बढ़ते वैश्विक तापमान के कारण वाष्पीकरण की दर बढ़ जाती है, जिससे वायुमंडल की नमी धारण करने की क्षमता में भारी बदलाव आता है। उत्तरी गोलार्ध में ध्रुवीय हवाओं के कमजोर होने से ठंडी हवाएं दक्षिण और गर्म हवाएं उत्तर की ओर असामान्य रूप से आती हैं, जिससे अप्रत्याशित मौसम पैदा होता है।
किसानों के लिए चुनौती
कृषि वैज्ञानिक डॉ. अमित कुमार सिंह मौसम के विरोधाभास को जलवायु परिवर्तन का सबसे घातक परिणाम मानते हैं। उनके अनुसार, अत्यधिक ठंड-गर्मी, बेमौसम बारिश, सूखा और बाढ़ का एक ही चक्र में आना किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। ऐसे में मौसम के अनुकूल खेती करना लाभदायक होगा। वनों की कटाई, कंक्रीट, एसी, वाहन के ज्यादा उपयोग से भी मौसम बदलते रहता है। कोट सदर अस्पताल में आनेवाले मरीजों की स्वास्थ्य जांच व इलाज का बेहतर प्रबंध किया गया है। हीटवेव वार्ड में एसी, दवा उपलब्ध कराकर चिकित्सक व कर्मी की ड्यूटी लगाई गई है। मरीजों को विपरीत मौसम से बचाव के उपाय भी बताए जा रहे हैं। डॉ. विनोद कुमार सिंह, उपाधीक्षक, सदर अस्पताल (भभुआ से संजय क्रांति) फोटो- 26 मई भभुआ- 8 कैप्शन- भभुआ के सदर अस्पताल के ओपीडी स्थित चिकित्सक कक्ष के बाहर मंगलवार को स्वास्थ्य जांच कराने के लिए लगी मरीजों की भीड़।
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