BJP Protests Against Non-Passage of Women s Reservation Bill in Lok Sabha महिलाओं की आंखों में इंडी गठबंधन के नेताओं का सम्मान गिरा : डॉ.प्रीति, Banka Hindi News - Hindustan
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महिलाओं की आंखों में इंडी गठबंधन के नेताओं का सम्मान गिरा : डॉ.प्रीति

नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल को पारित न करके विपक्ष ने महिलाओं के अधिकार को छीनानारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल को पारित न करके विपक्ष ने महिलाओं के अधिकार

Sat, 25 April 2026 01:16 AMNewswrap हिन्दुस्तान, बांका
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महिलाओं की आंखों में इंडी गठबंधन के नेताओं का सम्मान गिरा : डॉ.प्रीति

‎बांका, एक संवाददाता। लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक (131वां संशोधन) पारित न होने के विरोध में भाजपा की ओर से बांका नगर कार्यालय में शुक्रवार को 'जन आक्रोश प्रेस वार्ता’ का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता को भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता डॉ.प्रीति शेखर ने संबोधित किया। भाजपा नेत्री डॉ.प्रीति शेखर ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम पूरे भारत की महिलाओं के लिए एक खुशी का पल लेकर आया। 17 अप्रैल को सदन में बिल नहीं गिरा बल्कि नारियों की आंखों में इंडी गठबंधन के नेताओं का सम्मान गिरा है। ‎उन्होंने कहा कि विपक्ष मंच पर आधी आबादी का नारा बुलंद करते हैं और आप चुनावों से पहले महिलाओं को लेकर लोकलुभावने वादे करते हैं।

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लेकिन जब महिला की राजनीतिक भागीदारी की बात आती है तो बिल पारित नहीं होने देते हैं। मेज और ताली बजाकर मुस्कुराते हुए जश्न मनाते हैं कि हमने हमारी नारी का सम्मान नहीं होने दिया। यह पूरे देश की महिलाओं का अपमान है। कहा कि राहुल गांधी के इशारे पर और उनके सहयोगी विपक्षी दल ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम बिल को रोक कर देश की महिलाओं के अधिकार को छीनने का काम किया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के मन और नीति में खोट है। कांग्रेस, राजद नहीं चाहते हैं कि देश की महिलाओं को नेतृत्व का अवसर मिले, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार समाज के अंतिम और वंचित महिलाओं को आगे लाना चाहते हैं। आरक्षण विधेयक को लेकर विपक्ष ने घिनौना काम किया विपक्ष का दोहरा चरित्र बेनकाब हो गया है। उनके अपने परिवार के सदस्य, चाहे वे कांग्रेस से हों या राजद से, लोकसभा तक पहुंच गए हैं, लेकिन गांवों की गरीब और शोषित महिलाओं को, जिनमें दलित, आदिवासी और पिछड़े समुदाय की महिलाएं भी शामिल हैं, उन्हें अवसर नहीं दिए गए। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी महिला होते हुए भी बिल को रोकने का काम किया है। इसको लेकर न केवल बिहार की बल्कि देश की महिलाएं उग्र हैं और देश भर में आक्रोश मार्च निकाला जा रहा है। ‎उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में अनेक कदम उठाए हैं। इस संशोधन से निश्चित रूप से इस देश की महिलाओं को उनके अधिकार मिलते, लेकिन विपक्ष ने जिस तरह से रवैया संसद में अपनाया, यह बिल पारित नहीं होने दिया। देश की महिलाएं कभी माफ नहीं करेंगी। कहा कि विपक्ष ने महिलाओं की ताकत को कम करने का काम किया है। विपक्ष की कभी सोच नहीं रही कि वे महिलाओं को आगे बढ़ा सकें। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि इस बिल का पारित न होना देश की सरकार की नहीं, सभी महिलाओं का अपमान है। उन्होंने सीधे तौर पर राजद को निशाने पर लेते हुए कहा कि उन्हें क्या पता कि महिलाओं का सम्मान क्या होता है? उनकी पहचान ही नारियों के अपमान करने के लिए होती है। इस मौके पर भाजपा की जिला मंत्री नीलम सिंह, रेजिना हेम्ब्रम, भारती ठाकुर, महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष रानी महकम, जिला महामंत्री महिला मोर्चा हेमलता देवी,भाजपा नेता मुकेश सिन्हा एवं गौरी शंकर सिंह समेत अन्य लोग उपस्थित रहे।

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