बिहार के सीमांचल में रोहिंग्या और बांग्लादेशी कैसे बने सिरदर्द, घुसपैठ पर अमित शाह करेंगे मंथन
किशनगंज में अल्पसंख्यकों की आबादी 72 फीसदी को पार कर चुकी है। कटिहार और अररिया में भी 60 से 70 प्रतिशत आबादी अल्पसंख्यकों की है। सीमांचल के चारों जिले नेपाल और बांग्लादेश के करीब हैं।

अल्पसंख्यक बहुल सीमांचल का इलाका बदलती डेमोग्राफी के कारण देशभर की नजर में है। इसके पीछे की बड़ी वजह घुसपैठ मानी जा रही है। तमाम सुरक्षा एजेंसियों की नजर सीमांचल पर है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह इसी हफ्ते अपने बिहार दौरे पर सीमा से सटे जिलों में जनसांख्यिकीय बदलाव और बढ़ते कट्टरवाद की चुनौतियों की समीक्षा करने वाले हैं। केंद्रीय गृह मंत्री की सीमावर्ती सात जिलों के डीएम और एसपी के साथ बैठक भी होगी, जिसमें घुसपैठ की वर्तमान स्थिति, रोकथाम को लेकर प्रयास और भविष्य की रणनीति पर चर्चा होगी।
बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान भी घुसपैठ बड़ा मुद्दा बना था। सीमांचल में डेमोग्राफी में बदलाव को आंकड़े भी संपुष्ट करते हैं। 2011 की जनगणना के मुताबिक पूर्णिया में अल्पसंख्यक आबादी 38 फीसदी थी जो अब 50 प्रतिशत हो चुकी है। किशनगंज में अल्पसंख्यकों की आबादी 72 फीसदी को पार कर चुकी है। कटिहार और अररिया में भी 60 से 70 प्रतिशत आबादी अल्पसंख्यकों की है। सीमांचल के चारों जिले नेपाल और बांग्लादेश के करीब हैं।
चिकेन नेक के इलाके से चीन की नापाक नजर भी इधर रहती है। केंद्रीय एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक दशक में बिहार के रास्ते घुसपैठ की दर में 30-35% की वृद्धि देखी गई है। अनुमान है कि बिहार के सीमावर्ती जिलों में करीब 20 से 30 लाख संदिग्ध विदेशी नागरिक (बांग्लादेशी और रोहिंग्या) प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रह रहे हैं। एजेंसियों के पास इनपुट है कि बांग्लादेश से आने वाले लोगों ने यहां राशन कार्ड से लेकर आधार कार्ड तक बना रखा है।
एसआईआर के दौरान सीमांचल के चार जिलों में छह लाख वोटरों के नाम हटाये गये। हालांकि यह सभी 2003 के बाद के वोटर थे। जानकार बताते हैं कि वर्ष 2003 से पहले भी घुसपैठ कर आने वालों की संख्या कम नहीं है। वोटर लिस्ट से नाम कटने के बाद अब घुसपैठियों ने आधार' को ढाल बना लिया है। पूर्णिया, किशनगंज, अररिया और कटिहार में आधार कार्ड बनाने की दर 100 फीसदी से अधिक है। खुफिया विभाग को सूचना है कि अब आधार के जरिए भारतीय नागरिकता का जाली प्रमाण जुटाने की ‘सेंधमारी' की जा रही है। कुछ दिन पहले ही यूपी के मोहम्मद अरमान को फर्जी आधार कार्ड, फिंगरप्रिंट मशीन के साथ पकड़ा गया था।
सीमांचल में सैन्य संरचना को दुरुस्त करना होगा
अधिकारियों का कहना है कि चीन की नापाक हरकत और चिकेन नेक एरिया के कारण सीमांचल के इलाके में मिलिट्री इंफ्रास्ट्रक्चर को दुरुस्त करने की जरूरत है। पूर्णिया के शीशाबाड़ी में एसएसबी कैंप के लिए जमीन चिह्नित किये जाने के बावजूद निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। किशनगंज में 25 एकड़ आर्मी की जमीन से हाल ही में अतिक्रमण हटाया गया है। आर्मी की जरूरत को ध्यान में रखते हुए किशनगंज में 200 एकड़ जमीन अधिग्रहण की योजना है।
एसएसबी आईजी, पटना, नीतीश कुमार उज्ज्वल का कहना है कि आर्मी की जररूत को ध्यान में रखते हुए किशनगंज में 200-200 एकड़ जमीन अधिग्रहण किया जाने वाला है। घुसपैठियों पर नाका, चेक पोस्ट और गुप्तचर के माध्यम से 24 घंटे पैनी निगाह रखी जा रही है। 2026 में 30 विदेशी नागरिक की गिरफ्तारी हुई है। नए चेक पोस्ट के लिए रिव्यू किया जा रहा है।
किसान बने घुसपैठियों की भी हो रही जांच
सीमांचल के ग्रामीण इलाकों में अवैध रूप से आए लोग स्थानीय सिंडिकेट की मदद से किसान भी बन बैठे हैं। किशनगंज और पूर्णिया के कई प्रखंडों में ऐसे घुसपैठिये मजबूत किसान के रूप में भी हैं। जमीन के फर्जी दस्तावेज के आधार पर ये सरकारी योजनाओं का लाभ भी उठा रहे हैं। ठाकुरगंज के सीओ मृत्युंजय कुमार तस्दीक करते हैं कि ऐसे मामलों की जानकारी है और कुछ किसानों की बारीकी से जांच चल रही है। पूर्णिया के प्रमंडलीय आयुक्त राजेश कुमार का कहना है कि घुसपैठ रोकने के लिए सरकार ठोस रणनीति बना रही है।
तीन दिन सीमांचल के जिलों का दौरा करेंगे अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बिहार आगमन पर सीमांचल का तीन दिवसीय दौरा करेंगे। केंद्रीय गृह मंत्री 25 फरवरी को पूर्णिया पहुंचेंगे। यहां से वह उसी दिन किशनगंज जाएंगे। किशनगंज में रात्रि विश्राम करेंगे। फिर 26 फरवरी को अमित शाह अररिया जाएंगे।
शाम को वह पूर्णिया लौट आयेंगे। 27 फरवरी को पूर्णिया में वह सीमांचल के चारों जिलों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। इसके बाद वह दिल्ली के लिए रवाना हो जायेंगे। यह पहला मौका है जब केंद्रीय गृह मंत्री तीन दिनों तक सीमांचल में रहेंगे। दरअसल यह नेपाल और बांग्लादेश का सीमावर्ती इलाका है। बगल में चिकन नेक का भी इलाका है। सामरिक सुरक्षा को लेकर दौरा अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।




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