देश का सबसे चौड़ा छह लेन पुल होगा औंटा-सिमरिया, नीचे चलेंगे जहाज; PM मोदी करेंगे उद्घाटन
गंगा पर कुछ और नए छह लेन पुल का निर्माण हो रहा है। कच्ची दरगाह से बिदुपुर के बीच बन रहा पुल छह लेन है। जेपी सेतु के समानांतर बनने वाला पुल भी छह लेन का है। शेरपुर-दिघवारा के बीच बन रहा पुल भी छह लेन का है।

गंगा नदी पर बना पहला छह लेन पुल औंटा (मोकामा, पटना) -सिमरिया (बेगूसराय) का उद्घाटन 22 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे। देश में मौजूद छह लेन पुलों में यह सबसे अधिक चौड़ा है। आम तौर पर छह लेन पुल की चौड़ाई 29.5 मीटर होती है, लेकिन औंटा-सिमरिया पुल की चौड़ाई (डेक) 34 मीटर है। पथ निर्माण विभाग के अनुसार, देश के अन्य छह लेन पुलों की तुलना में साढ़े चार मीटर अधिक चौड़ा होने के कारण औंटा-सिमरिया से एक साथ अधिक संख्या में वाहन आ-जा सकेंगे। यह एक्सपैंशन केबल ब्रिज है। ऐसे में इस पुल के नीचे से मालवाहक जहाजों का परिचालन भी आसानी से होगा।
एप्रोच समेत इस पुल की कुल लम्बाई 8.150 किमी है। इसमें गंगा पर पुल की लम्बाई 1.865 किमी है। पथ निर्माण के पूर्व प्रधान सचिव और बिहार के मौजूदा मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने इस परियोजना की परिकल्पना की थी। 1871 करोड़ की इस परियोजना की घोषणा वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बिहार के लिए घोषित विशेष पैकेज में की थी। इसके दो साल बाद वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री ने इस पुल का शिलान्यास किया था।
गंगा पर कुछ और नए छह लेन पुल का निर्माण हो रहा है। कच्ची दरगाह से बिदुपुर के बीच बन रहा पुल छह लेन है। जेपी सेतु के समानांतर बनने वाला पुल भी छह लेन का है। शेरपुर-दिघवारा के बीच बन रहा पुल भी छह लेन का है। मगर गंगा पर पहला छह लेन पुल चालू होने का रिकॉर्ड औंटा-सिमरिया के नाम हो गया है।
बख्तियारपुर-मोकामा चार लेन सड़क का उद्घाटन भी इस पुल के साथ होने वाला है। इससे पटना से औंटा-सिमरिया होते हुए उत्तर बिहार के जिलों का सीधा सम्पर्क हो जाएगा। उत्तर बिहार के लिए यह पुल गेमचेंजर होगा। औंटा-सिमरिया पुल के चालू होते ही अब उत्तर बिहार की अन्य सड़कों को चौड़ा करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बरौनी-मुजफ्फरपुर सड़क अभी दो लेन पेभ्ड शोल्डर के साथ है।
औंटा-सिमरिया पुल का 22 को पीएम उद्घाटन करेंगे
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 22 अगस्त को औंटा-सिमरिया छह लेन पुल का उद्घाटन करेंगे। यह पुल पुराने दो-लेन रेल-सह-सड़क पुल राजेंद्र सेतु के समानांतर बनाया गया है। इससे भारी वाहनों के लिए यात्रा आसान और तेज होगी। ईंधन की भी बचत होगी।
हैम मोड में बिहार की पहली परियोजना
औंटा-सिमरिया बिहार की पहली ऐसी परियोजना है जिसे हैम (हाईब्रिड एन्यूटि मॉडल) मोड में निर्माण किया गया है। इस मोड में निर्माण एजेंसी को 60 फीसदी राशि खर्च करनी पड़ती है, जबकि सरकार की ओर से मात्र 40 फीसदी ही पैसा खर्च किया जाता है।




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