हरियाण में साजिश रच बिहार में काटते हैं ATM, गिरोह के पास अपने CID; 2 शातिरों ने खोले अनसुने राज
गिरोह के सदस्य एटीएम काटने के बाद भागते समय कहीं भी टोलप्लाजा पार नहीं करता है। रास्ते में अगर टोल प्लाजा मिला तो उसके अगल-बगल वाला रास्ता से निकल जाता है। ताकि पुलिस को कोई सुराग न मिले। इस गिरोह का अपना सीआईडी होता है।

बिहार में एटीएम काट कर कैश चुराने वाले गिरोह को लेकर ऐसे-ऐसे खुलासे हुए जिन्हें जानकर आप दंग रह जाएंगे। मधुबनी जिले के राजनगर में एटीएम काटकर कैश चोरी करने के मामले में दो अपराधी पकड़े जाने के बाद खुलासा हुआ है कि उत्तर बिहार में एटीएम काटने का षडयंत्र हरियाणा के पिनगवा में रची जा रही है। पुलिस को यह जानकारी पकड़े गए अपराधी हाजर खान व शहाजत (पिता-पुत्र) से पूछताछ में मिला है। साथ हीं यह बात भी सामने आई है कि इस कांड का सरगना मो जुनैद है, जो हाजर खान का दूसरा पुत्र है, एवं गिरोह का मुख्य सदस्य भी । घटना में कुल पांच अपराधी शामिल थे।
पुलिस के अनुसार घटना के बाद पुलिस टीम सुराग खंगालने के क्रम गोपालगंज होते हुए गोरखपुर(यूपी) तक पहुंची। वहां जाकर सही सुराग मिला। पुलिस को गोपनीय पड़ताल में मालूम हुआ कि हरियाणा के मेवात जिले के पिनगवा में एटीएम काटनेवाला गिरोह सक्रिय है। गिरोह में दर्जनों लोग है। बीते 20 दिसम्बर की रात बदमाशों ने राजनगर के नरककिया स्थित एसबीआई के एटीएम को काटकर कैश चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। घटना में करीब 16 लाख रूपये चोरी हुई थी।
गैस कटर के साथ चार पहिया पर रहता एटीएम कटवा गिरोह : हरियाणा के पिनगवा का एटीएम कटवा गिरोह गैस कटर साथ में लेकर चार पहिया वाहन से चलता है। एक साथ 4-5 टीम निकलता है। बिहार के कई जिला को टारगेट करके निकलता है। खास बात यह है कि गिरोह का लाइनर सदस्य घटनास्थल एवं भागने वाले रास्ते का पहले रेकी करता है। फिर वारदात को अंजाम देने के बाद रातों-रात हरियाणा लौटने के फिराक में रहता है।
गिराहे कहीं भी टोलप्लाजा नहीं पार करता है
गिरोह के सदस्य एटीएम काटने के बाद भागते समय कहीं भी टोलप्लाजा पार नहीं करता है। रास्ते में अगर टोल प्लाजा मिला तो उसके अगल-बगल वाला रास्ता से निकल जाता है। ताकि पुलिस को कोई सुराग न मिले। इस गिरोह का अपना सीआईडी होता है। जो पुलिसिया कार्रवाई की सूचना पहुंचाता है। पिनगवा में बिहार नम्बर की वाहन देखते हीं गिरोह के सदस्य सतर्क हो जाता है।
जिसके चलते पुलिस टीम को अक्सर बैरंग लौटना पड़ता है। गुप्त सुराग के आधार पर हीं पुलिस टीम ने हाजर खान व शहाजत को गिरफ्त में लिया। हालाकि चोरी हुई राशि बरामद नहीं हुई है। पूछताछ में दोनों ने घटना में संलिप्तता होने की बात भी स्वीकार किया है। पुलिस की माने तो शहाजत पेशेवर अपराधी है। असम में एटीएम काटने के मामले में वह पूर्व में जेल जा चुका है। अलावे अन्य मामले में तिहाड़ जेल भी जा चुका है।




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