नीतीश कुमार की बात करते हुए रोने लगे अशोक चौधरी, निशांत ने पीठ पर रखा हाथ
जेडीयू नेता एवं पूर्व मंत्री अशोक चौधरी पार्टी चीफ नीतीश कुमार को लेकर एक बार फिर इमोशनल हो गए। नीतीश की बात करते हुए उनकी आंखों से आंसू आ गए, तो बगल में बैठे निशांत कुमार ने उन्हें सहारा दिया।

जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के करीबी अशोक चौधरी एक बार फिर अपने नेता की बात करते हुए रोने लगे। उनके बगल में बैठे नीतीश के बेटे निशांत कुमार ने उन्हें संभाला। अशोक चौधरी की आंखों से आंसू निकले तो निशांत ने उनकी पीठ पर हाथ रखा। इससे वहां पर माहौल भावुक बन गया। लगभग दो दशक तक बिहार में सत्ता की कमान संभालने के बाद राज्यसभा जाने वाले नीतीश के 20 साल के कार्यकाल पर बनी एक शॉर्ट फिल्म की लॉन्चिंग की गई। इस दौरान अशोक चौधरी, निशांत समेत अन्य नेता मौजूद रहे।
जदयू के प्रदेश कार्यालय में पार्टी चीफ नीतीश कुमार को धन्यवाद देने के लिए गाने की लॉन्चिंग हुई। इस मौके पर पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अशोक चौधरी भावुक हुए। नीतीश की उपलब्धियों को गिनाते हुए उनकी आंखों से आंसू निकल आए। इससे पहले भी वे नीतीश के राज्यसभा जाने के ऐलान के बाद कैमरे के सामने रोते हुए नजर आए थे। अशोक चौधरी नीतीश सरकार में ग्रामीण कार्य मंत्री रह चुके हैं। वह पूर्व सीएम के खास नेताओं में से एक हैं।
अशोक चौधरी ने इस मौके पर कहा कि सभी चाहते हैं कि नीतीश कुमार पूरे पांच सालों तक बिहार की कमान संभालते रहे। मगर उन्होंने खुद राज्यसभा जाने का फैसला लिया। इसलिए उनके सम्मान में यह शॉर्ट फिल्म और गीत तैयार किया गया है।
निशांत ने सम्राट चौधरी को बड़ा भाई बताया
वहीं, नीतीश के बेटे निशांत कुमार ने कहा कि नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बिहार को नई दिशा देंगे। वह उनके नेतृत्व में काम करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पिता तथा उनका पूरा सहयोग नई सरकार के साथ रहेगा। उन्होंने सम्राट चौधरी को अपना बड़ा भाई बताया और उन्हें नई शुरुआत के लिए बधाई भी दी।
सरकार में शामिल नहीं होने पर निशांत ने क्या कहा
निशांत ने अपने पिता पर बनी शॉर्ट फिल्म मेरा नेता, मेरा अभिमान की लॉन्चिंग की। इसमें नीतीश कुमार ने 20 साल में जो काम किया है उसे दिखाया गया है। साथ ही निशांत ने अपनी भावी योजनाओं का भी खुलासा किया। निशांत ने संकेतों में ही खुद के सरकार में शामिल नहीं होने को लेकर स्पष्ट किया कि अब वह जनता के बीच जाएंगे और पार्टी संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम करेंगे। वे अपने पिता नीतीश कुमार के अधूरे सपनों को पूरा करने और उनके कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे।
(हिन्दुस्तान ब्यूरो के इनपुट के साथ)




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