Rising Fuel Prices Shift to Electric Vehicles and Public Transport Needed इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाएं और सार्वजनिक परिवहन का करें इस्तेमाल, Araria Hindi News - Hindustan
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इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाएं और सार्वजनिक परिवहन का करें इस्तेमाल

अररिया में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि से महंगाई बढ़ रही है। जानकारों के अनुसार, इलेक्ट्रिक वाहनों और सार्वजनिक परिवहन को अपनाना एक प्रभावी विकल्प है। बिहार की इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2026 के तहत ई-वाहनों पर सब्सिडी और रोड टैक्स में छूट दी जा रही है। कृषि अपशिष्ट से बायोगैस और एथेनॉल के उपयोग से ईंधन लागत कम की जा सकती है।

Fri, 15 May 2026 10:45 PMNewswrap हिन्दुस्तान, अररिया
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इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाएं और सार्वजनिक परिवहन का करें इस्तेमाल

अररिया, वरीय संवाददाता पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर महंगाई पर पड़ता है। हर चीजें महंगी हो जाती है। जानकारों की माने तो बढ़ते दामों के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाना और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना सबसे तत्काल और प्रभावी वैकल्पिक व्यवस्था है। इस स्थिति से निपटने के लिए सरकार और नागरिकों के स्तर पर कई वैकल्पिक व्यवस्थाएं अपनाई जा सकती हैं। मोटर यान निरीक्षक पंकज कुमार ने बताया कि पेट्रोल/ डीजल कारों के मुकाबले इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया और चारपहिया वाहन सबसे अच्छा विकल्प हैं। बताया कि बिहार इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2026 के तहत ई-वाहनों पर सब्सिडी और 50% तक रोड टैक्स में छूट मिल रही है।

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पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत 2026 तक इलेक्ट्रिक वाहनों पर वित्तीय प्रोत्साहन जारी है। एएनजी व सीबीजी (संपीड़ित बायोगैस) काफी कारगर है। सीएनजी गाड़ियां पेट्रोल की तुलना में अधिक किफायती हैं। अभी तो कृषि अपशिष्ट और गोबर से बायोगैस (सीबीजी) उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। जानकार के मुताबिक एथेनॉल ब्लेंडिंग (ई20) के तहत पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाकर (ए 20) ईंधन लागत को कम किया जा सकता है। जानकार व जानेमाने पर्यावरणविद सुदन सहाय कहते हैं कि सार्वजनिक परिवहन अपनाने से पेट्रोलियम भी कम खर्च होगी और पर्यावरण भी शुद्ध रहेगा। इसके लिए अपनी निजी कार या बाइक के बस या ट्रेनों का उपयोग करें। ऑफिस या दैनिक यात्रा के लिए कारपूलिंग (एक कार में कई लोग) को अपनाएं। पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने के लिए कार्यस्थल पर हाइब्रिड मॉडल या ऑनलाइन बैठकों को प्राथमिकता दें। ट्रैफिक में इंजन बंद करना, सही गियर का उपयोग करना और नियमित वाहन सर्विसिंग से ईंधन की बचत होती है। बताया गया कि अब जरूरत है सौर ऊर्जा से चलने वाले सिंचाई पंपों का उपयोग करने की। इससे डीजल पर निर्भरता कम होगी। डीजल ट्रकों की जगह रेलवे के माध्यम से माल ढुलाई को बढ़ावा देने से भी फायदा होगा। कृषि और घरेलू कार्यों के लिए सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाना और वनस्पति तेलों से निर्मित बायोडीजल का उपयोग कमर्शियल वाहनों में किया जा सकता है।

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