50 लाख नौकरी-रोजगार मिल गए, अब 1 करोड़ देंगे; नीतीश के बेटे निशांत कुमार भी करने लगे दावे-वादे
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे जदयू नेता निशांत कुमार ने कहा कि राज्य में सात निश्चय 3 के तहत 50 लाख लोगों को नौकरी और रोजगार दिया जा चुका है। अब 2030 तक 1 करोड़ लोगों को सरकारी नौकरी और रोजगार से जोड़ा जाएगा।

जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार राजनीति में आने के बाद पूरे रंग में आने लगे हैं। अब वह मुखर रूप से दावे और वादे भी करने लगे हैं। जदयू नेता निशांत कुमार ने कहा कि बिहार में उनके पिता नीतीश कुमार के कार्यकाल में सात निश्चय-2 के तहत 50 लाख नौकरी और रोजगार दिए जा चुके हैं। अगले 5 साल यानी 2030 तक एक करोड़ नौकरी और रोजगार दिए जाएंगे। इसकी घोषणा खुद सीएम रहते नीतीश कुमार सात निश्चय-3 के तहत कर चुके हैं।
निशांत कुमार ने शनिवार को पटना में मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके पिता नीतीश कुमार के कार्यकाल में 20 लाख लोगों को नौकरी और रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया था। इसके मुकाबले 10 लाख लोगों को सरकारी नौकरियां और 40 लाख लोगों को रोजगार प्रदान किया। इस तरह कुल 50 लाख लोगों को नौकरी और रोजगार के अवसर मिले।
हर जिले में औद्योगिक क्षेत्र बन रहे- निशांत
उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार 2030 तक एक करोड़ नौकरियों और रोजगार के अवसर प्रदान करने के अपने वादे के प्रति प्रतिबद्ध है। नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली पूर्व की एनडीए सरकार सात निश्चय-3 के तहत 2025 से 2030 के बीच यह लक्ष्य निर्धारित कर चुकी है। उन्होंने दावा किया कि इस दिशा में प्रत्येक जिले में औद्योगिक क्षेत्रों को विकसित करने का काम भी जारी है।
बता दें कि सात निश्चय योजना नीतीश कुमार के शासन का प्रमुख हिस्सा रहा है। नीतीश कुमार ने 2015 में सात निश्चय के तहत बिहार के सकंल्प लिए थे। इसके बाद 2020 में फिर से मुख्यमंत्री बनने पर उन्होंने सात निश्चय-2 निर्धारित किए। 2025 में जब एनडीए प्रचंड बहुमत से जीतकर फिर से सत्ता में आया तो तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सात निश्चय-3 लोगों के जीवन को आसान और विकसित बिहार बनाने के संकल्प निर्धारित किए।
नीतीश के राज्यसभा जाने पर निशांत का राजनीति में कदम
बता दें कि लगभग 20 सालों तक बिहार में सत्ता के मुखिया रहे नीतीश कुमार ने बीते 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। वह राज्यसभा सांसद बनकर केंद्रीय राजनीति में लौट गए हैं। नीतीश के इस्तीफे के बाद राज्य में नए सिरे से एनडीए की सरकार का गठन किया गया। नई सरकार की कमान अब नवनियुक्त मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के हाथों में है।
नीतीश के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद उनके बेटे निशांत कुमार ने भी जदयू की सदस्यता ग्रहण कर ली और सक्रिय राजनीति में कदम रखा। अब तक वे पॉलिटिक्स से दूर ही रहे थे। निशांत फिलहाल पार्टी के क्रियाकलापों को समझ रहे हैं। अगले महीने से वे बिहार यात्रा पर भी निकल रहे हैं। वह सभी 38 जिलों का दौरा करेंगे और जनता एवं कार्यकर्ताओं से संवाद कर संगठन को मजबूत करने का प्रयास करेंगे।
(एजेंसी इनपुट के साथ)




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