24-hour ultimatum to striking COs and ROs Vijay Sinha said no pressure politics हड़ताली CO, RO को 24 घंटे का अल्टीमेटम, विजय सिन्हा बोले- दबाव की राजनीति नहीं चलेगी, Bihar Hindi News - Hindustan
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हड़ताली CO, RO को 24 घंटे का अल्टीमेटम, विजय सिन्हा बोले- दबाव की राजनीति नहीं चलेगी

विजय सिन्हा ने कहा है कि अगर हड़ताल पर गए सीओ और आरओ 24 घंटे में काम पर लौट जाएंगे तो उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी। उनकी दोनों हड़ताल अवधि का समायोजन कर दिया जाएगा।

Sun, 15 March 2026 09:15 PMSudhir Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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हड़ताली CO, RO को 24 घंटे का अल्टीमेटम, विजय सिन्हा बोले- दबाव की राजनीति नहीं चलेगी

Bihar CO RO Strike: बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने हड़ताल पर डटे अंचलाधिकारी और राजस्व अधिकारियों को चेतावनी दी है। कहा है कि अगर वे 24 घंटे के भीतर काम पर लौट जाएंगे तो उनके खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जाएगी। जो अफसर और कर्मी इस निर्धारित समय सीमा में काम पर लौट आयेंगे उनकी दोनों हड़ताल अवधि का समायोजन कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि दबाव की राजनीति नहीं चलेगी बल्कि काम परिणाम देकर हक पाया जा सकता है।

डिप्टी सीएम ने कहा कि मार्च का महीन राजस्व के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण होता है। अभी जनहित के कई अभियान भी चल रहे हैं। ऐसे में इस वक्त ज्यादा काम करके परिणाम दिखाना जरूरी है। परिणाम दिखाकर ही हक पाया जा सकता है। दबाव की राजनीति से काम नहीं बनता है। मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा भी चल रही है। राजस्व महाअभियान के तहत करीब 46 हजार आवेदन आए हैं जिनका निष्पादन बहुत जरूरी है। ऐसे वक्त में हड़ताल पर जाना सही कदम नहीं है।

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मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि मुख्यमंत्री के आदेश पर ई-मापी अभियान भी चल रहा है। 31 मार्च तक कई टारगेट पूरा करना है। सरकार जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देती है। इसीलिए सरकार के संवाद और समन्वय का रास्ता चुना है। उन्होंने कहा कि भूमि सुधार उपसमाहर्ता का मामला सामान्य प्रशासन से जुड़ा है। इससे जनहित के कार्य प्रभावित नहीं होना चाहिए। अधिकारी अगर काम पर लौटते हैं तो सरकार उदारता के साथ विचार करने का काम करेगी।

डिप्टी सीएम ने कहा कि दबाव की राजनीति करने से किसी समस्या का समाधान नहीं निकाला जा सकता। जायज समस्याओं के समाधान के लिए सरकार संवेदनशील है। पर प्रशासनिक जवाबदेही और अनुशासन भी समान रूप से महत्वपूर्ण है। पदाधिकारियों को इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि बिहार की जनता का हित प्रभावित नहीं होना चाहिए।

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दरअसल, बिहार के अंचलाधिकारी और राजस्व पदाधिकारी 9 मार्च से हड़ताल पर चले गए हैं। बिहार राजस्व सेवा संयुक्त महासंघ के बैनर तले अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश चल रहा है। इनकी मांग है कि जिन अंचलाधिकारियों को डीसीएलआर के पद पर प्रोन्नत कर दिया गया है उन्हें जल्द से जल्द पदस्थापित कर दिया जाए। जो दस सालों तक अंचलाधिकारी रह चुके हैं वे अच्छे से डीसीएलआर का दायित्व निभा सकते हैं।

हड़ताली पदाधिकारियों का कहना है कि इसकी नियमावली 2010 में आई थी। इतने दिनों बाद भी इसे लालू नहीं किया गया। इसमें उच्च न्यायालय का फैसला भी आया जिसका अनुपालन नहीं किया गया। इसमें अवमानना वाद भी चल रहा है। कहा जा रहा है कि राजस्व पदाधिकारी कुछ नया नहीं मांग रहे हैं बल्कि पुराने आदेश को लागू कराने की मांग कर रहे हैं। फरवरी में हड़ताल के बाद 12 फरवरी तक इसे लागू कराने का दिया गया आश्वासन भी पूरा नहीं किया गया।

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