163 minor children from bihar were rescued from the patna purna express at katni station in madhya pradesh बिहार के 163 बच्चे मध्य प्रदेश में रेस्क्यू, ट्रेन से महाराष्ट्र भेजे जा रहे थे; ट्रैफिकिंग के आरोप में 8 गिरफ्तार, Bihar Hindi News - Hindustan
More

बिहार के 163 बच्चे मध्य प्रदेश में रेस्क्यू, ट्रेन से महाराष्ट्र भेजे जा रहे थे; ट्रैफिकिंग के आरोप में 8 गिरफ्तार

मध्य प्रदेश के कटनी स्टेशन पर पटना-पूर्णा एक्सप्रेस से बिहार के 163 नाबालिग बच्चों को मुक्त कराया गया। अररिया से महाराष्ट्र के लातूर ले जाए जा रहे इन बच्चों को मजदूरी के लिए तस्करी किया जा रहा था। पुलिस ने बिहार के ही 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। बच्चों की उम्र 6 से 13 वर्ष के बीच है।

Mon, 13 April 2026 09:12 PMJayendra Pandey लाइव हिन्दुस्तान, अररिया
share
बिहार के 163 बच्चे मध्य प्रदेश में रेस्क्यू, ट्रेन से महाराष्ट्र भेजे जा रहे थे; ट्रैफिकिंग के आरोप में 8 गिरफ्तार

Bihar News: बिहार में मानव तस्करी का जाल किस कदर फैल चुका है, इसकी एक भयावह तस्वीर मध्य प्रदेश के कटनी से सामने आई है। बिहार के अररिया और अन्य जिलों से मजदूरी के लिए महाराष्ट्र ले जाए जा रहे 163 नाबालिगों को कटनी रेलवे स्टेशन पर एक बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मुक्त कराया गया है। आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने पटना-पूर्णा एक्सप्रेस में छापेमारी कर इन बच्चों को तस्करों के चंगुल से छुड़ाया। इस मामले में बिहार के ही रहने वाले 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

अररिया से लातूर था तस्करी का रूट

शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि इन बच्चों को बिहार के अररिया जिले से इकट्ठा किया गया था और इन्हें महाराष्ट्र के लातूर ले जाया जा रहा था। तस्करी के इस खेल का पता तब चला जब आरपीएफ को गुप्त सूचना मिली कि एक बड़े समूह में बच्चों को बिना किसी वैध दस्तावेज और टिकट के ले जाया जा रहा है। पकड़े गए सभी बच्चों की उम्र महज 6 से 13 वर्ष के बीच है।

रात भर चला 'ऑपरेशन रेस्क्यू'

आरपीएफ कटनी के निरीक्षक वीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में यह अभियान शनिवार की पूरी रात चला और रविवार तड़के तक मासूमों को ट्रेन से उतारकर सुरक्षित किया गया। तस्करों के पास बच्चों से संबंधित कोई पहचान नहीं था। बच्चों को भेड़-बकरियों की तरह कोच में भरकर ले जाया जा रहा था। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इन बच्चों को महाराष्ट्र में बंधुआ मजदूरी करवाने के मकसद से ले जाया जा रहा था।

बिहार के 8 को पुलिस ने किया गिरफ्तार

जीआरपी ने बिहार के विभिन्न जिलों के रहने वाले 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इन सभी पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 143 के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह कानून 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की तस्करी से संबंधित है, जिसमें दोषियों को कम से कम 10 वर्ष की कठोर सजा का प्रावधान है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि बिहार में इस सिंडिकेट के तार और कहाँ-कहाँ जुड़े हैं।

बच्चों के परिजनों में नाराजगी

इधर जोकीहाट से बच्चों से जुड़े लोगों ने बताया है कि बच्चों को पढ़ाई के लिए मदरसे में ले जाया जा रहा था जिन्हें पुलिस ने रोक दिया। अभिभावकों ने ट्रैफिकिंग के आरोपों से इनकार करते हुए नाराजगी जाहिर की है और मध्य प्रदेश पुलिस से मामले की गहन जांच की मांग की है। उन्होंने पुलिस की कार्य प्रणाली पर आपत्ति जाहिर किया है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:14 अप्रैल को नए सीएम का ऐलान और 15 को शपथ, बिहार में नई सरकार पर लेटेस्ट अपडेट
ये भी पढ़ें:बिहार में ‘नकली शादी’ गैंग का पर्दाफाश, शादी कर लूटते थे पैसे-जेवर; 8 दबोचे गए
ये भी पढ़ें:बिहार में सरकारी कर्मचारियों की सोशल मीडिया 'आजादी’ खत्म, राय देने पर जाएगा पद
लेटेस्ट Hindi News और Bihar News के साथ-साथ Patna News, Muzaffarpur News, Bhagalpur News और अन्य बड़े शहरों की ताज़ा खबरें हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।