Masik Shivratri 2026: मई में कब है मासिक शिवरात्रि, नोट कर लें डेट और पूजा विधि
Masik Shivratri 2026: महाशिवरात्रि की तरह मासिक शिवरात्रि भी भगवान शिव की आराधना, पाप‑नाश और मनोकामना‑पूर्ति का शक्तिशाली अवसर माना जाता है। यह रात भी शिव और शक्ति के मिलन का प्रतीक मानी जाती है।

हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि के अलावा मासिक शिवरात्रि का खास महत्व होता है। यह हर महीने कृष्ण‑पक्ष की चतुर्दशी को मनाई जाती है। मासिक शिवरात्रि भी भगवान शिव की आराधना, पाप‑नाश और मनोकामना‑पूर्ति का शक्तिशाली अवसर माना जाता है। यह रात भी शिव और शक्ति के मिलन का प्रतीक मानी जाती है। महाशिवरात्रि की तरह मासिक शिवरात्रि भी भगवान शिव की आराधना, पाप‑नाश और मनोकामना‑पूर्ति का शक्तिशाली अवसर माना जाता है। यह रात भी शिव और शक्ति के मिलन का प्रतीक मानी जाती है। मई का महीना चल रहा है। मई की मासिक शिवरात्रि ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को हैष इसे ज्येष्ठ मासिक शिवरात्रि भी कहा जाता है। इस दिन व्रत रखकर भगवान शिव की पूजा करने और जलाभिषेक करने का विधान है। चलिए जानते हैं कि मई में कब है मासिक शिवरात्रि।
मई मासिक शिवरात्रि 2026 तारीख
पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 15 मई 2026 को सुबह 8 बजकर 31 मिनट से शुरू होगी। इसका समापन 16 मई 2026 को सुबह 5 बजकर 11 मिनट पर होगा। पंचांग के हिसाब से निशिता काल को ध्यान में रखते हुए मासिक शिवरात्रि 15 मई 2026, शुक्रवार को मनाई जाएगी।
मासिक शिवरात्रि की पूजा विधि
मासिक शिवरात्रि के दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें।
भगवान शिव का ध्यान करें और व्रत का संकल्प लें।
शिवलिंग पर जल, दूध, गंगाजल, शक्कर, घी, शहद और दही अर्पित करें।
पूजा में पुष्प, बेलपत्र और धतूरा चढ़ाएं।
भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करें।
मिठाई का भोग लगाएं।
‘ॐ नमः शिवाय’, ‘शिवाय नमः’ और ‘ॐ नमः शिवाय शुभं शुभं कुरू कुरू शिवाय नमः ॐ’ मंत्रों का अधिक से अधिक जाप करें।
रात में जागरण करें और शिव-पार्वती की पूजा करें।
अगले दिन स्नान के बाद फिर से पूजा करें। जरुरतमंद को दान-दक्षिणा दें।
पारणा करके व्रत पूर्ण करें।
मासिक शिवरात्रि की पूजा-व्रत से लाभ
शास्त्रों के अनुसार मासिक शिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।
इस दिन शिव पूजा करने से जीवन में सकारात्मकता और अनुकूलता आती है।
नियमित रूप से मासिक शिवरात्रि व्रत रखने से भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
भगवान शिव को ध्यान और योग का देवता माना जाता है, इसलिए यह दिन आध्यात्मिक साधना के लिए खास महत्व रखता है।
मासिक शिवरात्रि पर पूजा करने से पापों का नाश होता है।
इस दिन की उपासना से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है।
यह दिन मन की शांति, आत्मिक शुद्धि और एकाग्रता के लिए बहुत शुभ माना जाता है।
3 शुभ योग में मई मासिक शिवरात्रि
ज्योतिष गणना के मुताबिक मई की मासिक शिवरात्रि पर 3 शुभ योग बन रहे हैं। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, आयुष्मान योग और शोभन योग का खास संयोग रहेगा। इन शुभ योगों में भगवान शिव की पूजा करना बेहद फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इन योगों में पूजा और व्रत करने से विशेष पुण्य लाभ मिलता है।
डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।




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