pradosh vrat may 2026 puja shubh muhurat 3 mistakes to avoid Pradosh Vrat 2026: मई के पहले प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त करें नोट, इन 3 गलतियों से रहें सावधान, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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Pradosh Vrat 2026: मई के पहले प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त करें नोट, इन 3 गलतियों से रहें सावधान

मई महीने का पहला प्रदोष व्रत 14 मई 2026 को है। इस दिन के लिए पूजा का शुभ मुहूर्त जानें। साथ ही जानें कि इस दिन किन चीजों को लेकर सावधानी बरतनी है?

Wed, 6 May 2026 08:42 AMGarima Singh लाइव हिन्दुस्तान
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Pradosh Vrat 2026: मई के पहले प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त करें नोट, इन 3 गलतियों से रहें सावधान

मई महीने का प्रदोष व्रत जल्द ही पड़ने वाला है। मान्यता है कि अगर शुभ मुहूर्त में प्रदोष व्रत की पूजा की जाए तो इसके शुभ फल मिलते हैं। हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत की पूजा और व्रत का विशेष महत्व होता है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। शिवभक्तों को हर महीने आने वाले प्रदोष व्रत का बेसब्री से इंतजार होता है। लोग दिनभर उपवास रखकर शाम के समय प्रदोष काल में पूजा करते हैं। ऐसा माना जाता है कि सच्चे मन से इस व्रत को करने से सारे कष्ट दूर होते हैं और भगवान शिव और माता पार्वती के आशीर्वाद से सारी मनोकामनाएं भी पूरी होती हैं। महीने में प्रदोष व्रत दो बार आते हैं। इसे कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदिशी तिथि पर रखते हैं। तो चलिए जानते हैं कि मई के महीने में पहला प्रदोष व्रत कब है और इसका शुभ मुहूर्त क्या है? साथ ही जानेंगे कि इस दिन हमें किन 3 चीजों को लेकर सावधान रहना चाहिए।

गुरु प्रदोष व्रत की सही तारीख और मुहूर्त

मई महीने का पहला प्रदोष व्रत कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाएगा। ये 14 मई को पड़ रहा है। इस दिन गुरुवार होगा तो इस प्रदोष व्रत को गुरु प्रदोष व्रत कहा जाएगा। बता दें कि इस बार त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 14 की सुबह से ही हो जाएगी। तिथि के शुरुआत होने का समय सुबह 11:20 बजे से हो जाएगी। वहीं इस तिथि का समापन अगले दिन यानी 15 मई की सुबह होगी। तिथि के समापन का समय सुबह 8:31 बजे तक है। शाम के समय त्रयोदिशी तिथि के होने की वजह से प्रदोष व्रत उसी दिन रखा जाता है। ऐसे में मई महीने का पहला प्रदोष व्रत 14 मई को रखा जाएगा।

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गुरु प्रदोष व्रत पूजा शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचांग के हिसाब से इस बार प्रदोष व्रत की पूजा के लिए 1 घंटा 42 मिनट तक शुभ मुहूर्त रहेगा। 14 मई की शाम में गुरु प्रदोष व्रत की पूजा 5:22 बजे से लेकर शाम में 7:04 बजे तक है। इस दौरान की गई पूजा का महत्व होगा।

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गुरु प्रदोष व्रत पर ना करें ये काम

गुरु प्रदोष व्रत के दिन सबसे पहले इस बात का ध्यान रखें कि मन में नकारात्मक विचार ना आएं। ना ही इस दिन गुस्सा करें और ना ही किसी के लिए कोई खराब शब्द कहें। इस दिन भगवान शिव की पूजा शांत और पवित्र मन से करना ही फलदायी माना जाता है। इसके अलावा व्रत के दौरान तामसिक भोजन जैसे लहसुन, प्याज, मांस-मछली और शराब का सेवन नहीं करना चाहिए। माना जाता है कि इससे व्रत का पुण्य कम हो सकता है। प्रदोष काल के समय पूजा करने में लापरवाही ना करें। सही समय पर विधि-विधान से पूजा करना बेहद जरूरी होता है तभी व्रत का पूरा फल मिलता है।

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डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

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