वास्तु शास्त्र: इस दिशा में गलती से भी ना बनवाए गैराज, इन 3 बातों का जरूर रखें ध्यान
Home Garage Vastu Tips in Hindi: अगर आपके घर में गैराज है तो इसका वास्तु सही होना बेहद ही जरूरी है। इसकी दिशा से लेकर रंग-रूप बेहद ही मायने रखते हैं। ऐसे में वास्तु के अनुसार इसका बना होना बेहद ही जरूरी है।

Home Garage Vastu Tips: जिंदगी में सब कुछ सही चलता रहे तो समझ जाइए कि कहीं ना कहीं इसमें वास्तु का भी रोल है। दरअसल जब घर का वास्तु सही होता है तो जिंदगी की आधे से ज्यादा मुश्किलें खुद ही दूर हो जाती हैं। घर के हर एक कोने में रखी हुई चीज और कमरों की दशा और दिशा वास्तुशास्त्र के नियमों के अनुसार होनी चाहिए। अगर ऐसा होता है को घर की ऊर्जा हमेशा सकारात्मक बनी रहती है। घर के हर एक कमरे का वास्तु नियमाअनुसार होना चाहिए। वहीं इसके अंतर्गत घर का गैराज भी आता है। भले ही गैराज मुख्य द्वार के बाहर हो लेकिन ये है तो घर का हिस्सा ही। ऐसे में इसका सही दिशा में होना जरूरी है। तो चलिए जानते हैं कि गैराज की सही दिशा क्या होनी चाहिए? साथ ही जानेंगे कि गैराज को बनाते वक्त कौन सी गलतियां नहीं करनी चाहिए?
इस दिशा में होना चाहिए गैराज
शास्त्र के हिसाब से गैराज को हमेशा वायव्य कोण यानी उत्तर-पश्चिम दिशा में बनवाना चाहिए। शास्त्र के हिसाब से अगर दिशा में जगह नहीं होती है तो गैराज को आग्नेय कोण यानी पूर्व और दक्षिण दिशा के बीच में बनवाया जा सकता है। वैसे गैराज बनाने की सही दिशा वायव्य ही है। इसे भूलकर भी दक्षिण-पश्चिम दिशा में तो नहीं ही बनवाना चाहिए। अगर ऐसा होता है को घर को बड़ा वास्तु दोस्त लगता है। साथ ही इस का ध्यान रखना चाहिए कि घर का गैराज कभी भी मुख्य द्वार से सटा हुआ नहीं होना चाहिए। वहीं पार्किंग वाली गाड़ियों का मुंह कभी भी उत्तर-पूर्व दिशा में नहीं होना चाहिए। ऐसे में गैराज से जुड़ी ये गलतियां कभी नहीं करनी चाहिए।
रखें इन बातों का भी ध्यान
जिन लोगों के घर में गैराज है, उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि जब भी यहां से गाड़ी निकले तो इसका पहला मोड़ दाई ओर ही होना चाहिए। गैराज की दीवारों का रंग पीला, सफेद या फिर किसी भी हल्के रंग का होना चाहिए। इस बात का भी विशेष ध्यान चाहिए कि गैराज में एक वाहन दुर्घटना नाशक यंत्र हो। इसे आप पंडित की मदद से लगवा सकते हैं।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए वास्तुशास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)




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