Vastu Tips: मंदिर से आने के बाद क्यों नहीं धोने चाहिए हाथ-पैर? जान लें नुकसान
Vastu Tips: मंदिर से घर लौटने के बाद अगर आप भी हाथ-पैर धो लेते हैं तो आपको अब थोड़ा सोचना चाहिए। दरअसल वास्तुशास्त्र के हिसाब से ये बहुत ही गलत प्रैक्टिस है क्योंकि इससे कई नुकसान भी होते हैं। इस बारे में विस्तार से नीचे पढ़ें…

Temple Vastu Tips: सनातन धर्म में नियमित रूप से पूजा-पाठ करना जरूरी माना जाता है। मान्यता के हिसाब से जो लोग नियमित रूप से भगवान की अराधना करते हैं और मंदिर जाते हैं, उनके जीवन में बाधाएं कम आती हैं। कुछ लोग पूरे नियम के साथ विधि विधान से पूजा करते हैं। तो वहीं कुछ लोग अपने मन से सारी चीजें करते हैं। दोनों लोग अपने हिसाब से सही हैं क्योंकि पूजा-पाठ के दौरान इंटेंशन का ही पवित्र होना सही माना जाता है। अगर मन साफ है तो सब कुछ सही है। वहीं वास्तु शास्त्र में कुछ नियम हैं जो मंदिर में जाते हुए और लौटते वक्त जरूर ध्यान रखने चाहिए। एक नियम ऐसा है जो तमाम लोग जाने-अनजाने में तोड़ देते हैं और वो है मंदिर से लौटने के बाद हाथ-पैर को धो लेना।
हाथ-पैर धोना सही है नहीं?
शास्त्र के हिसाब से मंदिर में जाकर पैर धोकर दर्शन करना सही होता है क्योंकि इससे हमारे अंदर एकदम से सकारात्मक ऊर्जा आती है और हम शांत मन के साथ ईष्ट देवता को याद कर पाते हैं। वहीं मंदिर से लौटने के बाद हाइजीन को मेंटेंन करने के लिए कुछ लोग हाथ पैर धो लेते हैं। शास्त्र में इसे सही नहीं बताया गया है। दरअसल माना गया है कि जब मंदिर से घर लौटते हैं तो हम वहां की सकारात्मक ऊर्जा को घर भी लेकर आते हैं। ऐसे में जब हाथ-पैर धो लिए जाते हैं तो ये ऊर्जा खराब हो जाती है या फिर पूरी तरह से खत्म हो जाती है। मंदिर से लौटने के बाद हाथ-पैर को तुरंत धोने की बजाए थोड़ी देर के बाद धोना चाहिए।
रखें इन बातों का भी ध्यान
शास्त्र के हिसाब से मंदिर से लौटते हुए हमें कुछ और चीजों का भी ध्यान रखना चाहिए। कुछ लोग मंदिर से लौटते हुए कहीं और भी चले जाते हैं। ऐसा ना करके सीधे घर आना चाहिए और कुछ देर शांत रहना चाहिए। वहीं अगर आपने मंदिर में शिवलिंग पर जल अर्पित किया है तो वहां से खाली लोटा घर ना लाएं। मंदिर से ही थोड़ा सा जल उसमें भर लें। घर लौटने के बाद हर एक कोने में इसे छिड़क दें। इससे घर में कोई भी नकारात्मक ऊर्जा नहीं रहेगी।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए वास्तुशास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)




साइन इन