vastu shastra for chaitra navratri kanya pujan today durga ashtmi and ram navami kanjak pujan direction Kanya Pujan Vastu Shastra: कन्या पूजन के लिए शुभ नहीं है ये दिशा, अष्टमी और नवमी की पूजा में रखें इस बात का ध्यान, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
More

Kanya Pujan Vastu Shastra: कन्या पूजन के लिए शुभ नहीं है ये दिशा, अष्टमी और नवमी की पूजा में रखें इस बात का ध्यान

Kanya Puja Right Direction: वास्तु शास्त्र के अनुसार कन्या पूजन के लिए भी सही दिशा होती है। आइए जानते हैं कि दुर्गा अष्टमी और राम नवमी पर कन्या पूजन किस दिशा में करना शुभ और फलदायी होगा?

Thu, 26 March 2026 08:14 AMGarima Singh लाइव हिन्दुस्तान
share
Kanya Pujan Vastu Shastra: कन्या पूजन के लिए शुभ नहीं है ये दिशा, अष्टमी और नवमी की पूजा में रखें इस बात का ध्यान

Kanya Pujan Vastu Shastra: वास्तु शास्त्र हमारे जीवन में काफी महत्वपूर्ण रोल अदा करता है। कई लोग इसे मानते हैं तो वहीं कइयों को इसके नियम ठीक से नहीं पता होते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार हर एक चीज और काम की दिशा सही होनी चाहिए, तभी जाकर सफलता मिलती है और जीवन में पॉजिटिविटी आती है। इस वक्त चैत्र का महीना चल रहा है और नवरात्रि का समापन कल रामनवमी के साथ ही हो जाएगा।

आज दुर्गा अष्टमी है। दुर्गा अष्टमी को लोग महाअष्टमी भी कहते हैं और इस दिन कन्या पूजन करना काफी शुभ माना जाता है। अष्टमी के अलावा कई लोग नवमी में भी कंजक पूजते हैं। कन्या पूजन से जुड़ा वास्तु का एक नियम है, जिसका पालन करना फलदायी माना जाता है। तो आइए जानते हैं कि आखिर ये नियम क्या है?

कंजक पूजा की सही दिशा

चैत्र हो या फिर शारदीय नवरात्रि दुर्गा अष्टमी और नवमी के दिन कन्या पूजने का विधान है। इस दौरान मां के स्वरूप के रूप में 9 कन्याओं की पूजा की जाती है और उनके लिए भोग लगाया जाता है। इस दौरान लोग कन्याओं को घर में उस जगह बैठाते हैं जहां पर या तो मंदिर बना हो या फिर जिस तरह सही से भोग लगाया जा सके। हालांकि कन्या पूजन के लिए भी एक शुभ दिशा है, जिससे बारे में बहुत कम लोग ही जानते हैं। वास्तु शास्त्र के हिसाब से कन्या पूजन के लिए घर का अग्नि कोण सबसे सही माना जाता है। वास्तु शास्त्र के हिसाब से घर के दक्षिणी पूर्वी कोने में अग्नि कोण होता है।

ashtami navami kanya pujan shubh muhurat 2026
read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:Durga Ashtami 2026 Wishes: दुर्गा अष्टमी पर अपनों को भेजें 12+ लेटेस्ट मैसेज

ईशान कोण सही दिशा क्यों नहीं?

सामान्य तौर पर वास्तु शास्त्र में ईशान कोई को सबसे सही माना जाता है। ऐसे में आपके मन में ये सवाल उठ सकता है कि आखिर कन्या पूजन इस दिशा में क्यों नहीं कर सकते हैं? सबसे पहले तो बता दें कि ईशान कोण घर का उत्तर-पूर्व वाली दिशा है। मान्यता के हिसाब से इस दिशा में भगवान का वास होता है। यही वजह है कि इस दिशा में घर के मंदिर को बनवाने की सलाह दी जाती है। मां दुर्गा साहस और एनर्जी का सोर्स मानी जाती है। ऐसे में उन्हें अग्नि तत्व से जोड़कर देखा जाता है। बात करें ईशान कोण की तो इसका संबंध जल तत्व से होता है और इसी वजह से इस दिशा में कन्या पूजन करवाना सही नहीं है।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:दुर्गा अष्टमी पर करें मां दुर्गा के इन 3 मंत्रों का जाप, खुलेगा किस्मत का ताला

कन्या पूजन के लिए शुभ समय

दुर्गा अष्टमी कन्या पूजन (26 मार्च)

पहला मुहूर्त: सुबह 6:20 बजे से 7:52 बजे तक

दूसरा मुहूर्त: सुबह 10:56 बजे से दोपहर 2:01 बजे तक

राम नवमी कन्या पूजन (27 मार्च)

सुबह 10:06 बजे तक कन्या पूजन के लिए शुभ मुहूर्त है। इसी दिन चैत्र नवरात्रि के व्रत का पारण भी किया जाएगा।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:दुर्गा अष्टमी पर करें इस कथा का पाठ, महागौरी की इस आरती से मिलेगा सौभाग्य

इस दिशा में ना करें कन्या पूजन

अब जान लेते हैं उस दिशा के बारे में जहां पर कन्या पूजन बिल्कुल भी नहीं करवाना चाहिए। वास्तु शास्त्र के हिसाब से घर के दक्षिण और पश्चिम दिशा में कन्या पूजन भूलकर भी नहीं करना चाहिए। माना जाता है कि इस दिशा में कन्या पूजन करने से पूजा का पूरा-पूरा लाभ नहीं मिल पाता है।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए वास्तु शास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

जानें लेटेस्ट Dharm News, Aaj ka Rashifal और सटीक Panchang की जानकारी। अपनी डेली पूजा के लिए यहाँ पढ़ें Shiv Chalisa, Hanuman Chalisa और Bajrang Baanहिंदू कैलेंडर 2026 की शुभ तिथियों के साथ अपने हर दिन को खास बनाएं!