Durga Ashtami 2026: चैत्र नवरात्रि की दुर्गा अष्टमी पर करें इस कथा का पाठ, महागौरी की इस आरती से मिलेगा सौभाग्य
Durga Ashtami Vrat Katha in Hindi: चैत्र नवरात्रि की अष्टमी कल यानी 25 मार्च को है। इस दिन महागौरी की पूजा होती है। आइए जानते हैं कि इस दिन किस कथा का पाठ करना होता है और इस दिन के लिए किस मंत्र का जाप सबसे ज्यादा लाभकारी होता है?

Maha Ashtami Vrat Katha: कल यानी 26 मार्च को नवरात्रि का आठवां दिन है। चैत्र नवरात्रि की अष्टमी पर मां दुर्गा के आठवें और सबसे खूबसूरत स्वरूप महागौरी की पूजा की जाती है। इस दिन कन्या पूजन की भी परंपरा होती है। बता दें कि चैत्र नवरात्रि में नौ दिन तक मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूप की पूजा की जाती है। बात करें अष्टमी की तो इस दिन विधि-विधान से पूजा करने के साथ-साथ महागौरी की कथा का पाठ और आरती भी पढ़नी चाहिए। आइए जानते हैं कि आखिर इस दिन की कथा क्या है और महागौरी के मंत्र और आरती चालीसा को भी नीचे पढ़ें।
महागौरी की कथा
पौराणिक कथा के हिसाब से मां पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कई वर्षों से कठिन तपस्या की थी। अपनी साधना के वक्त मां पार्वती ने अन्न और जल भी त्याग दिया था। इस वजह से धीरे-धीरे उनका शरीर काला पड़ने लगा था। आखिर में भगवान शिव उनकी तपस्या और श्रद्धा से प्रसन्न हुए और उन्हें अपनी अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया। इसके बाद उन्होंने अपने जटाओं में बसी गंगा से उन्हें स्नान करवाया। इस स्नान के बाद मां पार्वती का रंग काफी उज्जवल हो गया और हर तरह उनकी रोशनी से तेज फैल गया। मां पार्वती के इस कांतिमान स्वरूप को ही महागौरी कहा गया। नवरात्रि के आठवें दिन की इस कथा से हमें यही सीख मिलती है कि अगर मन में सच्चा संकप्ल लिया जाए तो हम कठिन से कठिन चीज पर भी विजयी प्राप्त कर सकते हैं।
महागौरी की पूजा से होने वाले लाभ
माना जाता है कि नवरात्रि के आठवें दिन यानी दुर्गा अष्टमी पर महागौरी की पूजा करने से खूब लाभ मिलते हैं। मान्यता के अनुसार महागौरी की पूजा से जिंदगी से सारी बाधाएं खत्म हो जाती हैं और हर तरह के पाप नष्ट होते हैं। साथ ही उनकी कृपा से जीवन में सुख की प्राप्ति होती है। ऐसा भी माना जाता है कि महागौरी की पूजा अगर पूरे मन और विधि-विधान से की जाए तो विवाह संबंधी सारी दिक्कतें भी दूर हो जाती हैं।
महागौरी का पूजा मंत्र- ॐ देवी महागौर्यै नमः॥
महागौरी के इस मंत्र को काफी पवित्र और शक्तिशाली माना जाता है। अगर नवरात्रि की अष्टमी को इस मंत्र का जाप किया जाए तो ये शुभ माना जाता है। इस मंत्र के जाप से मन शांत रहता है और विवाह संबंधी बाधाएं भी दूर होती हैं। ऐसा भी माना जाता है कि इस मंत्र के जाप से मुश्किल से भी मुश्किल काम पूरा हो जाता है। महाअष्टमी के दिन इस मंत्र का जाप 108 बार जरूर करना चाहिए।
मां महागौरी की आरती
जय महागौरी जगत की माया।
जया उमा भवानी जय महामाया।।
हरिद्वार कनखल के पासा।
महागौरी तेरा वहां निवासा।।
चंद्रकली और ममता अंबे।
जय शक्ति जय जय मां जगदंबे।।
भीमा देवी विमला माता।
कौशिकी देवी जग विख्याता।।
हिमाचल के घर गौरी रूप तेरा।
महाकाली दुर्गा है स्वरूप तेरा।।
सती सत हवन कुंड में था जलाया।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)




साइन इन