वास्तु शास्त्र: बालकनी में चिड़िया ने बना लिया है घोंसला? जान लें शुभ है या अशुभ
Bird Nest In Balcony: चिड़ियों की चहचहाट को सुनना अपने आप में सुखद एहसास होता है। अगर घर में ही ऐसा हो तो माना जाता है कि वहां हमेशा सकारात्मक ऊर्जा रहती है। वहीं बालकनी में चिड़ियों के घोंसले का मतलब शुभ होता है या अशुभ? नीचे विस्तार से जानें…

घर में होने वाली हर एक चीज का कनेक्शन वास्तु शास्त्र के साथ होता है। शास्त्र में सिर्फ कमरों और सामान की दिशा का ही जिक्र नहीं होता है बल्कि हर एक छोटी-बड़ी बात का कनेक्शन घर की एनर्जी से जुड़ा हुआ है। कहा जाता है जिन घरों का जुड़ाव नेचर से होता है, वहां पर नेगेटिव एनर्जी कभी दस्तक नहीं दे सकती है। इस वजह से लोग घर के अंदर और बाहर पौधे लगाते हैं। पौधों को देखकर जिस तरह से शांति मिलती है, ठीक उसी तरह वह घर को भी सुकून वाली पॉजिटिव वाइब से भर देते हैं। वहीं प्रकृति का एक और प्रतीक यानी कि चिड़ियों का घोंसले को भी एनर्जी से ही जोड़कर देखा जाता है। हालांकि चिड़ियों का घोंसला घर में कहां है और कैसा है? इस बात से तय होता है कि उसका होना शुभ है या अशुभ?
बालकनी में चिड़िया का घोंसला
अगर घर की बालकनी में चिड़ियों ने अपना घोंसला बना लिया है तो लोग इसके बारे में सोचने लगते हैं कि ऐसा होना शुभ है या अशुभ? बता दें कि वास्तु शास्त्र के हिसाब से बालकनी में चिड़ियों का घोंसला बनाना बेहद ही शुभ मानते हैं। मान्यता है कि ऐसा होने से घर में सुख-शांति बनी रहती है। वहीं इसे सौभाग्य से भी जोड़कर देखते हैं। इसी के साथ घर के बाहर लगे पेड़-पौधे में भी चिड़ियों का घोंसला होना शुभ होता है। वहीं किसी कमरे और खिड़की के ऊपर या स्विच बोर्ड आदि के पास चिड़ियों के घोंसले को शुभ नहीं मानते हैं।
इन चिड़ियों का घोंसला होता है शुभ
शास्त्र के हिसाब से गौरेया, मैना और तोते के घोंसले का घर में होना गुड न्यूज का संकेत देते हैं। इनके घोंसले का घर में होना सौभाग्य और उन्नति का प्रतीक माना जाता है। इसके अलावा किसी ओर चिड़ियां का घर में होना शुभ नहीं होता है। बता दें कि चिड़ियों के साथ नेचर की एनर्जी जुड़ी होती है और इसी वजह से ये घर में पॉजिटिव एनर्जी लेकर आती हैं। वहीं अगर घर के अंदर टूटे हुए पंख और सूखी लकड़ियां आती हैं तो इसे शुभ नहीं माना जाता है, ये चीजें घर में अच्छी वाइब नहीं लाती हैं।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए वास्तुशास्त्र विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)




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