जून से दिसंबर तक का समय कुंभ राशि के लिए कैसा रहेगा? शनि-गुरु मिलकर लगाएंगे नैया पार
Kumbh Rashi Ka Samay kaisa chal rha hai: गुरु कर्क राशि में आ गए हैं। ज्योतिष गणना के अनुसार, गुरु गोचर से कुंभ राशि वालों के लिए जून से दिसंबर तक का समय बहुत महत्वपूर्ण रहने वाला है। इस समय कुंभ राशि पर उतरती हुई शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव है।

June to December Kumbh Rashifal 2026: ज्योतिष शास्त्र में गुरु को धन, संपदा, वैभव, ज्ञान और संतान का कारक माना गया है। 2 जून को गुरु अपनी उच्च राशि कर्क में गोचर कर गए हैं। गुरु के कर्क गोचर का प्रभाव शनि की कुंभ राशि पर भी पड़ेगा। इस समय कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, गुरु कुंभ राशि के छठवें भाव में है और शनि द्वितीय भाव में है। इस तरह से शनि और गुरु आपस में ट्रायंगल बना रहे हैं। जून से दिसंबर तक गुरु और सूर्य के बीच 60 डिग्री का सकारात्मक कोण भी बनेगा, जिसका कुंभ राशि पर शुभ प्रभाव पड़ेगा। जानें जून से दिसंबर तक का समय कुंभ राशि के लिए कैसा रहेगा-
कुंभ राशि के लिए जून और जुलाई का महीना कैसा रहेगा:
ज्योतिष गणना के अनुसार, शनि और गुरु के प्रभाव से कुंभ राशि को व्यवसाय में लाभ मिलेगा। व्यावसायिक सफलता मिलेगी। व्यापारियों को नई डील या सौदा मिल सकता है। किसी नए व्यवसाय की शुरुआत के लिए यह समय बहुत महत्वपूर्ण रहने वाला है। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा।
अगस्त से अक्टूबर तक का समय कुंभ राशि के लिए कैसा रहेगा:
ज्योतिष गणना के अनुसार, गुरु इस समय अतिचारी चाल चल रहे हैं और अक्टूबर के अंत में अपनी राशि में भी परिवर्तन करेंगे। ज्योतिष में गुरु की अतिचारी चाल की घटना भी बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है। कुंभ राशि के लिए यह समय नौकरी और व्यवसाय के लिए बहुत अच्छा साबित हो सकता है। शत्रु हावी होने की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन अंत में सफलता आपको मिलेगी। शत्रु परास्त होंगे। रिश्तों की अनबन खत्म होगी। नए मित्र बन सकते हैं, जिनसे आपको मदद मिलेगी। कार्य से जुड़ी यात्राओं का योग है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले लोगों के लिए यह समय भी अच्छा रहने वाला है।
कुंभ राशि के लिए कैसा रहेगा नवंबर और दिसंबर का महीना:
नवंबर और दिसंबर में गुरु आपकी राशि के सप्तम भाव में जाएंगे। इस समय आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। आप कार्यों को करने में सफल रहेंगे। कुंभ राशि के लिए शनि की साढ़ेसाती उतरती हुई है, इसलिए शनि की ओर अशुभ प्रभाव कम प्राप्त होंगे। द्वितीय भाव में शनि के होने से कार्यों की बाधाएं खत्म होंगी। परिवार में मांगलिक कार्य भी हो सकता है। भूमि, भवन या वाहन की खरीदारी हो सकती है। धर्म-कर्म में हिस्सा लेंगे। धार्मिक जगहों की यात्राएं कर सकते हैं। आप जीवन में सुख-शांति का अनुभव करेंगे।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।




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