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Surya Dev Puja Vidhi: सूर्य देव को सुबह में कब तक जल अर्पित कर सकते हैं? जानिए सही नियम

सूर्य देव पूजा विधि: सुबह सूर्य को जल कब तक अर्पित कर सकते हैं? सूर्योदय के बाद 12-15 मिनट या एक घंटे के अंदर जल चढ़ाना सबसे शुभ है। मध्याह्न में सूर्य अर्घ्य ना दें। जानिए सही समय, नियम और सूर्य अर्घ्य देने की विधि।

Sat, 4 April 2026 08:22 PMNavaneet Rathaur लाइव हिन्दुस्तान
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Surya Dev Puja Vidhi: सूर्य देव को सुबह में कब तक जल अर्पित कर सकते हैं? जानिए सही नियम

सूर्य देव हिंदू धर्म में जीवन, स्वास्थ्य, ऊर्जा और सफलता के प्रमुख देवता माने जाते हैं। शास्त्रों के अनुसार, सूर्य देव को जल अर्पित करना अत्यंत शुभ और फलदायी है। सूर्य देव को सही समय पर सही विधि से जल चढ़ाने से करियर में तरक्की, स्वास्थ्य लाभ और जीवन में सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। लेकिन सूर्य अर्घ्य देने का समय बहुत महत्वपूर्ण है। गलत समय पर जल अर्पित करने से पूजा का पूरा फल नहीं मिलता है।

सूर्य देव को जल अर्पित करने का सबसे अच्छा समय

शास्त्रों में कहा गया है कि सूर्योदय होने के 12 से 15 मिनट के अंदर सूर्य देव को जल अर्पित कर देना चाहिए। यदि आप इस समय नहीं कर पाते हैं, तो सूर्योदय के एक घंटे के अंदर अवश्य जल चढ़ा दें। जब तक सूर्य की किरणें शीतल रहती हैं, तब तक अर्घ्य दिया जा सकता है। इस दौरान सूर्य को सीधी आंखों से देखना भी बहुत लाभकारी है। विज्ञान के मुताबिक, इस समय विटामिन-डी शरीर में अच्छी मात्रा में मिलता है, आंखों की रोशनी बढ़ती है और शरीर के विभिन्न दर्दों में राहत मिलती है। गुनगुनी धूप से दूरगामी स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होते हैं।

सूर्य को जल कब नहीं अर्पित करना चाहिए?

सूर्य जब पूरी तरह चमकदार और तेज हो जाता है, तब जल अर्पित नहीं करना चाहिए। इस समय सूर्य की रोशनी आंखों को चुभती है और सहन नहीं होती। ऐसी स्थिति में न तो सूर्य की शीतलता मिल पाती है और ना ही उनकी ऊर्जा का लाभ।

मध्याह्न काल (दोपहर का समय) में सूर्य को जल अर्पित करना वर्जित माना गया है। इस समय को अभिजीत मुहूर्त कहते हैं। इस मुहूर्त में कोई भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ या मंदिर जाना नहीं करना चाहिए। कई जगहों पर इस समय मंदिर भी बंद रखे जाते हैं।

सूर्य देव को अर्घ्य देने की सही विधि

1. सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र पहनें। लाल या नारंगी रंग के कपड़े पहनना शुभ होता है।

2. तांबे के लोटे में शुद्ध जल लें। इसमें लाल चंदन, सिंदूर (रोली), अक्षत और लाल फूल मिलाएं।

3. पूर्व दिशा की ओर मुंह करके खड़े हों।

4. सूर्य को जल अर्पित करने से पहले तीन बार परिक्रमा करें।

5. जल की धारा छोड़ते हुए सूर्य देव के मंत्रों का जाप करें।

6. जल अर्पित करते समय सूर्य देव के दर्शन करें और अंत में प्रणाम करें।

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व्यस्त लोगों के लिए विशेष सलाह

अगर आप व्यस्तता के कारण रोजाना सूर्य को जल नहीं चढ़ा पाते हैं, तो रविवार के दिन अवश्य अर्घ्य दें। रविवार सूर्य देव का दिन है, इसलिए इस दिन किया गया अर्घ्य विशेष फलदायी होता है।

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सूर्य अर्घ्य के लाभ

नियमित सूर्य अर्घ्य देने से स्वास्थ्य अच्छा रहता है और आत्मविश्वास बढ़ता है। मान्यता है कि ग्रहों के राजा सूर्य देव को जल अर्पित करने से करियर में तरक्की होती है। नकारात्मकता दूर होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

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सूर्य देव को सही समय और सही विधि से जल अर्पित करना एक सरल लेकिन अत्यंत शक्तिशाली उपाय है। यदि आप इसे नियमित रूप से अपनाते हैं, तो सूर्य देव की कृपा से आपका जीवन उज्ज्वल और सुखमय बन सकता है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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