Surya grahan kya karein: राहु से जुड़ी है सूर्यग्रहण की कहानी, जाने सूर्य ग्रहण में क्या करें या नहीं, जानें सभी नियम
Surya Grahan 2026 ke din kya karein kya nahi: सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण को राहु से जोड़कर देखा जाता है। शास्त्रों में इसका उल्लेख हैं। शास्त्रों में इससे जुड़े कुछ नियम भी बताए गए हैं।

Surya Grahan 2026: कल, मंगलवार 17 फरवरी को साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। सूर्य ग्रहण को एक खगोलीय घटना माना जाता है, जिसका वैज्ञानिक और धार्मिक दोनों ही तरह का महत्व होता है। हिंदू पंचाग के अनुसार साल का पहला सूर्य ग्रहण कुंभ राशि में लगेगा और फाल्गुन माह की अमावस्या तिथि दोपहर 03 बजकर 26 मिनट से शुरू होकर शाम 7 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। सूर्य ग्रहण का संबंध समुद्र मंथन से है। आपको बता दें कि समुद्र मंथन से 14 रत्न निकले थे। समुद्र मंथन में जब अमृत निकला तो देवताओं और दानवों में इसको पाने के लिए युद्ध होने लगा। तब भगवान विष्णु ने मोहिनी अवतार लिया और देवताओं को अमृतपान करवा दिया , लेकिन राहु भी देवताओं की लाइन में खड़ा हो गया। चंद्र और सूर्य ने राहु को पहचान लिया और भगवान विष्णु को इसकी जानकारी दी। विष्णुजी ने क्रोधित होकर राहु का सिर धड़ से अलग कर दिया, क्योंकि राहु ने भी अमृत पी लिया था, इस कारण उसकी मृत्यु नहीं हुई। तभी से राहु सूर्य और चंद्रमा को अपना शत्रु मानता है। समय-समय पर इन ग्रहों को ग्रसता है।
सूर्य ग्रहण के दौरान क्या न करें
आपको बता दें कि ग्रहण के दौरान कुछ कामों को वर्जित माना गया है। इसलिए पहले से इन चीजों पर ध्यान दें। ग्रहण शुरू होने से पहले खाना खा लें। ग्रहण के दौरान खाना नहीं खाया जाता है। सूतक काल से पहले भी खाना खा सकते हैं और बना सकते हैं, तो आपके लिए उत्तम रहेगा। इसके अलावा गर्भवती महिलाओं को चाकू आदि नुकीली चीज से कोई काम नहीं करना चाहिए। यह भी कहा जाता है कि इस दौरान गेरु से पेट को कवर भी किया जाता है। इस दौरान मंत्रो आदि का जाप करें। धारधार चीजों के इस्तेमाल से बचना चाहिए। ग्रहण में चाकू, कैंची, सूई-धागा समेत दूसरी नुकीली चीजों का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। यह भी कहा जाता है कि ग्रहण के दौरान नींद नहीं लेना चाहिए।
सूर्य ग्रहण से पहले ये काम जरूर कर लें
आपको बता दें कि सूर्य ग्रहण बहुत खास होता है। इस दिन कहते हैं नेगेटिविटी अधिक होती है, इसलिए शास्त्रों में कहा गया है, ग्रहण शुरू होने से पहले खाने में और पानी में तुलसी के पत्ते डालकर रखने चाहिए। इससे वो चीजें अशुद्ध नहीं होती हैं। सूतक काल में ग्रहण शुरू होने से पहले इन चीजों पर तुलसी के पत्ते डाल लें? इस दौरान मंत्रों का जाप करें, आपको इस दौरान गायत्री मंत्र का पाठ करना चाहिए।ग्रहण खत्म होने के बाद घर की साफ सफाईकरें और मंदिर में सभी भगवानों को गंगाजल छिड़क कर शुद्ध करें। स्नान करके ही ये काम करें। गंगाजल छिड़के।ग्रहण खत्म होने के बाद आपको किसी गरीब को ग्रहण का दान करना चाहिए। नारदपुराण से लेकर शास्त्रों में भी ग्रहण के दान का महत्व बताया गया है। ऐसा कहालजाता है कि इससे ग्रहण का प्रभाव आपके ऊपर कम होगा। इस दिन दान में अन्न, कपड़े, आदि चीजें दे सकते हैं।




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