surya grahan 2026 in india date and time 17 febraury 2026 solar ecilpse on phalgun amavasya Pitru Puja Solar Ecilipse 17 February 2026: फाल्गुन अमावस्या पर सूर्य ग्रहण, क्या भारत में दिखेगा, लगेगा सूतक, पितृ तर्पण कब करें?, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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Solar Ecilipse 17 February 2026: फाल्गुन अमावस्या पर सूर्य ग्रहण, क्या भारत में दिखेगा, लगेगा सूतक, पितृ तर्पण कब करें?

Phalguna Amavasya 2026 Pitru Puja: फाल्गुन अमावस्या 17 फरवरी दिन मंगलवार को है। इस दिन सूर्य ग्रहण भी लग रहा है। ऐसे में सूर्य ग्रहण के कारण अमावस्या पर होने वाला स्नान, दान और पितृ तर्पण और श्राद्ध कब किया जाएगा।

Mon, 16 Feb 2026 10:23 AMAnuradha Pandey लाइव हिन्दुस्तान
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Solar Ecilipse 17 February 2026: फाल्गुन अमावस्या पर सूर्य ग्रहण, क्या भारत में दिखेगा, लगेगा सूतक, पितृ तर्पण कब करें?

Phalguna Amavasya 2026 Pitru Puja: फाल्गुन अमावस्या 17 फरवरी दिन मंगलवार को है। इस दिन सूर्य ग्रहण भी लग रहा है। ऐसे में सूर्य ग्रहण के कारण अमावस्या पर होने वाला स्नान, दान और पितृ तर्पण और श्राद्ध कब किया जाएगा। इसको लेकर लोगों में कंफ्यूजन है। यहां हम आपको बताएंगे कि इस साल पितृ अमावस्या की तिथि 16 फरवरी को लग रही है। आज से अमावस्या तिथि शाम से शुरू हो जाएगी। अब सूर्य ग्रहण का सूतक काल, इसका धार्मिक प्रभाव, अमावस्या तिथि आदि के बारे में अच्छे से जान लें

फाल्गुन अमावस्या कब से शुरू हो रही है?

इस बार फाल्गुन अमावस्या की तिथि 16 फरवरी सोमवार को शाम में 5:34 बजे सेशुरू हो रही है। अगले दिन यह अमावस्या 17 फरवरी मंगलवार को शाम 5:30 बजे तक रहेगी। उदया तिथि में अमावस्या 17 फरवरी को मिल रही है, इसलिए अमावस्या कल मनाई जाएगी। फाल्गुन अमावस्या का स्नान और दान 17 फरवरी को होगा। इसी दिन पितरों का तर्पण, श्राद्ध कर्म किया जा सकता है।

सूर्य ग्रहण कहां दिखेगा और सूतक कहां लगेगा?

साल का पहला सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, जब भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देता है, तो इसके लिए आपको सूतक के नियम भी नहीं मानने हैं। यह ग्रहण अटार्कटिका सहित अर्जेंटीना, बोत्सवाना, ब्रिटिश इंडियन ओशन क्षेत्र, चिली, कोमोरोस, इस्वातिनी, मॉरीशस, मायोटे, मोजाम्बिक, नामीबिया, रियूनियन आईलैंड्स, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिणी जॉर्जिया/सैंडविच आईलैंड्स, तंजानिया में देखा जा सकता है। ग्रहण दोपहर 3.26 बजे से शाम 5.42से पीक पर और 7.57 पर खत्म होगा। अगर यह भारत में दिखाई देता तो इसका सूतक काल 12 घंटे पहले से लग जाता,ऐसे में मंदिरों में पूजा आदि बंद हो जाते। अब सूतक काल नहीं लगेगा, तो किसी भी काम पर रोक नहीं होगी। आप आराम से ही पितरों के लिए तर्पण, श्राद्ध कर सकते हैं।

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क्या करें फाल्गुन अमावस्या के दिन
इस दिन पितरों के लिए पूजा दोपहर में पितरों को जल और तर्पण देते हैं, इसके लिए जल में काले तिल और कुशा से पितरों को तर्पण दियाजाता है। सुबह किसी पवित्र नदी में स्नान करें और पितरों को जल अर्पित करें। इसके बाद स्नान करें, आप पितरों के नाम से कपड़े, अनाज, कपड़े और गुड़, छाता आदि का दान कर सकते हैं। इसके अलावा दोपहर में कंड़े जलाकर आप उसमें खीर और पूरी अर्पित कर पितरों का श्राद्ध करम् कर सकते हैं। इससे आप अमावस्या का पितृकर्म करें। इसके अलावा पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं और पीपल के पेड़ पर शाम को पितरों के नाम की दीप जलाएं।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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