Shani Trayodashi 2025 January Date and Time Know Fast Benefits shani Pradosh vrat fayde Shani pradosh vrat: जनवरी में शनि त्रयोदशी व्रत कब है? जानें त्रयोदशी व्रत करने से क्या फल मिलता है, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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Shani pradosh vrat: जनवरी में शनि त्रयोदशी व्रत कब है? जानें त्रयोदशी व्रत करने से क्या फल मिलता है

  • Shani trayodashi 2025 Kab Hai: जनवरी माह के पहले प्रदोष व्रत पर शनि प्रदोष व्रत का संयोग बन रहा है। शनि प्रदोष व्रत को शनि त्रयोदशी व्रत के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि त्रयोदशी पर ही प्रदोष व्रत रखा जाता है।

Mon, 6 Jan 2025 11:49 AMSaumya Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
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Shani pradosh vrat: जनवरी में शनि त्रयोदशी व्रत कब है? जानें त्रयोदशी व्रत करने से क्या फल मिलता है

Shani Trayodashi 2025 Date and Time: हर महीने की कृष्ण व शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी को प्रदोष व्रत रखा जाता है। प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित व्रत है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव व माता पार्वती की विधिवत पूजा करने से जातक को शुभ फलों की प्राप्ति होती है। हिंदू शास्त्रों के अनुसार, प्रदोष व्रत उस दिन रखा जाता है जिस दिन त्रयोदशी प्रदोष काल के समय व्याप्त होती है। प्रदोष व्रत सूर्यास्त से प्रारंभ हो जाता है। जानें जनवरी महीने में शनि त्रयोदशी कब है।

जनवरी में शनि त्रयोदशी 2025 कब है: जनवरी में शनि त्रयोदशी व्रत या शनि प्रदोष व्रत 11 जनवरी 2025 को रखा जाएगा।

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त्रयोदशी के दिन शिव पूजन का उत्तम मुहूर्त- हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, जब त्रयोदशी तिथि और प्रदोष साथ-साथ होते हैं वह समय शिव पूजा के लिए सबसे उत्तम होता है।

शनि त्रयोदशी कब से कब तक रहेगा: 11 जनवरी 2025 को सुबह 08 बजकर 21 मिनट से त्रयोदशी तिथि 12 जनवरी 2025 को सुबह 06 बजकर 33 मिनट तक रहेगी।

शनि प्रदोष व्रत पूजा मुहूर्त- शनि प्रदोष पूजा मुहूर्त शाम 05 बजकर 43 मिनट से शाम 08 बजकर 26 मिनट तक रहेगा। पूजन की कुल अवधि 02 घंटे 42 मिनट तक रहेगी।

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शनि त्रयोदशी व्रत के लाभ: त्रयोदशी व्रत या प्रदोष व्रत करने से क्या फल मिलता है: हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, त्रयोदशी व्रत करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है। व्यक्ति सभी सुखों को भोगकर अंत में शिव धाम को जाता है। शनि प्रदोष करने से व्रत संतान की प्राप्ति, संतान की उन्नति व तरक्की प्राप्ति होती है। शिव महापुराण के अनुसार, प्रदोष व्रत करने से जातक को सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। व्यापार में वृद्धि का योग बनता है।

इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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