shani jayanti 2026 today shanidev ji ke 108 naam benefits in hindi Shani Jayanti 2026: भगवान शनिदेव के 108 नाम मालूम है? एक-एक का जाप आज देंगे शुभ फल, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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Shani Jayanti 2026: भगवान शनिदेव के 108 नाम मालूम है? एक-एक का जाप आज देंगे शुभ फल

Shani Jayanti 2026: आज शनि जयंती पर शनिदेव के 108 नामों का जाप करना बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इन नामों के जाप से मन शांत रहता है और जिदंगी की नकारात्मकता दूर होती है। इसी के साथ शनिदेव की विशेष कृपा भी मिलती है। 

Sat, 16 May 2026 10:43 AMGarima Singh लाइव हिन्दुस्तान
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Shani Jayanti 2026: भगवान शनिदेव के 108 नाम मालूम है? एक-एक का जाप आज देंगे शुभ फल

आज शनि जयंती के दिन शनिदेव के 108 नामों का जाप करना बेहद शुभ माना जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार इन नामों के जाप से जिंदगी चल रही बाधाएं, मानसिक तनाव और हर तरह के नकारात्मक प्रभाव कम होने लगते हैं। शनिदेव न्याय और कर्मों के देवता के रूप में देखा जाता है। ऐसे में जब-जब उन्हें सच्चे मन से याद किया जाए तो मेहनत का फल जरूर मिलता है। आज शाम शनिदेव की पूजा के समय उनके 108 नामों का जाप जरूर करें। माना जाता है कि इससे शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या की दिक्कतों में राहत मिलती है।

शनिदेव के 108 नामों के जाप से मिलेंगे ये लाभ

मान्यता है कि शनिदेव के 108 नामों का जाप करने से आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। इसी के साथ जिंदगी में अनुशासन और धैर्य बढ़ता है। शनिदेव के 108 नामों के जाप से जिंदगी की सारी बाधाएं खत्म होती हैं। जो लोग लंबे समय से अपनी नौकरी से परेशान हैं या फिर प्रोफेशनल लाइफ में अच्छी ग्रोथ चाहते हैं तो शनि जयंती के दिन इन 108 नामों के जाप जरूर करें। जिन लोगों के काम काफी समय से अटके पड़े हैं उनके लिए भी ये उपाय फलदायी होगा।

आज इस मुहूर्त में करें शनिदेव की पूजा

शनि जयंती पर अगर आप शुभ मुहूर्त में शनिदेव की पूजा करेंगे तो ज्यादा शुभ माना जाएगा। इसी मुहूर्त में आप शनिदेव के 108 नामों का जाप कर सकते हैं। द्रिक पंचांग के हिसाब से शनि जयंती की पूजा के लिए शुभ समय दोपहर 01:15 बजे से 02:40 बजे तक है। वहीं शाम की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त 07:05 बजे से रात 08:23 बजे तक होगा।

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शनिदेव के 108 नाम यहां पढ़ें-

ऊँ शनैश्चराय नमः

ऊँ सुरवन्द्याय नमः

ऊँ सुरलोकविहारिणे नमः

ऊँ सुखासनोपविष्टाय नमः

ऊँ सुन्दराय नमः

ऊँ घनाय नमः

ऊँ घनरूपाय नमः

ऊँ शान्ताय नमः

ऊँ सर्वाभीष्टप्रदायिने नमः

ऊँ शरण्याय नमः

ऊँ सौम्याय नमः

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ऊँ घनाभरणधारिणे नमः

ऊँ घनसारविलेपाय नमः

ऊँ खद्योताय नमः

ऊँ मन्दाय नमः

ऊँ मन्दचेष्टाय नमः

ऊँ महनीयगुणात्मने नमः

ऊँ मर्त्यपावनपदाय नमः

ऊँ महेशाय नमः

ऊँ छायापुत्राय नमः

ऊँ वरेण्याय नमः

ऊँ सर्वेशाय नमः

ऊँ शर्वाय नमः

ऊँ शततूणीरधारिणे नमः

ऊँ चरस्थिरस्वभा वाय नमः

ऊँ अचञ्चलाय नमः

ऊँ नीलवर्णाय नम:

ऊँ नित्याय नमः

ऊँ नीलाञ्जननिभाय नमः

ऊँ नीलाम्बरविभूशणाय नमः

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ऊँ निश्चलाय नमः

ऊँ वेद्याय नमः

ऊँ विधिरूपाय नमः

ऊँ विरोधाधारभूमये नमः

ऊँ भेदास्पदस्वभावाय नमः

ऊँ वज्रदेहाय नमः

ऊँ वैराग्यदाय नमः

ऊँ वीराय नमः

ऊँ वीतरोगभयाय नमः

ऊँ विपत्परम्परेशाय नमः

ऊँ विश्ववन्द्याय नमः

ऊँ गृध्नवाहाय नमः

ऊँ गूढाय नमः

ऊँ कूर्माङ्गाय नमः

ऊँ कुरूपिणे नमः

ऊँ कुत्सिताय नमः

ऊँ गुणाढ्याय नमः

ऊँ गोचराय नमः

ऊँ अविद्यामूलनाशाय नमः

ऊँ विद्याविद्यास्वरूपिणे नमः

ऊँ आयुष्यकारणाय नमः

ऊँ आपदुद्धर्त्रे नमः

ऊँ विष्णुभक्ताय नमः

ऊँ वशिने नमः

ऊँ विविधागमवेदिने नमः

ऊँ विधिस्तुत्याय नमः

ऊँ वन्द्याय नमः

ऊँ विरूपाक्षाय नमः

ऊँ स्तुत्याय नमः

ऊँ स्तोत्रगम्याय नमः

ऊँ भक्तिवश्याय नमः

ऊँ भानवे नमः

ऊँ भानुपुत्राय नमः

ऊँ भव्याय नमः

ऊँ पावनाय नमः

ऊँ धनुर्मण्डलसंस्थाय नमः

ऊँ धनदाय नमः

ऊँ धनुष्मते नमः

ऊँ तनुप्रकाशदेहाय नमः

ऊँ तामसाय नमः

ऊँ अशेषजनवन्द्याय नमः

ऊँ विशेशफलदायिने नमः

ऊँ वशीकृतजनेशाय नमः

ऊँ पशूनां पतये नमः

ऊँ खेचराय नमः

ऊँ खगेशाय नमः

ऊँ घननीलाम्बराय नमः

ऊँ काठिन्यमानसाय नमः

ऊँ आर्यगणस्तुत्याय नमः

ऊँ नीलच्छत्राय नमः

ऊँ नित्याय नमः

ऊँ निर्गुणाय नमः

ऊँ गुणात्मने नमः

ऊँ निरामयाय नमः

ऊँ निन्द्याय नमः

ऊँ वन्दनीयाय नमः

ऊँ धीराय नमः

ऊँ दिव्यदेहाय नमः

ऊँ दीनार्तिहरणाय नमः

ऊँ दैन्यनाशकराय नमः

ऊँ आर्यजनगण्याय नमः

ऊँ क्रूराय नमः

ऊँ क्रूरचेष्टाय नमः

ऊँ कामक्रोधकराय नमः

ऊँ कलत्रपुत्रशत्रुत्वकारणाय नमः

ऊँ परिपोषितभक्ताय नमः

ऊँ परभीतिहराय नमः

ऊँ भक्तसंघमनोऽभीष्टफलदाय नमः

ऊँ वरिष्ठाय नमः

ऊँ गरिष्ठाय नमः

ऊँ वज्राङ्कुशधराय नमः

ऊँ वरदाभयहस्ताय नमः

ऊँ वामनाय नमः

ऊँ ज्येष्ठापत्नीसमेताय नमः

ऊँ श्रेष्ठाय नमः

ऊँ मितभाषिणे नमः

ऊँ कष्टौघनाशकर्त्रे नमः

ऊँ पुष्टिदाय नमः

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