shani jayanti 2026 blue aparajita flower remedies to please shani dev for sadesati relief and success Shani Jayanti 2026: शनि देव को बेहद प्रिय है यह नीला फूल, शनि जयंती पर इस तरह अर्पित करने से दूर होंगी सारी परेशानियां, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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Shani Jayanti 2026: शनि देव को बेहद प्रिय है यह नीला फूल, शनि जयंती पर इस तरह अर्पित करने से दूर होंगी सारी परेशानियां

Shani Jayanti 2026: शनि जयंती पर शनि देव को प्रिय नीला अपराजिता फूल अर्पित करने से साढ़ेसाती, ढैय्या और सभी परेशानियां दूर होती हैं। जानिए शनि देव को प्रसन्न करने के सरल और प्रभावी उपाय, जिनसे किस्मत चमकेगी और करियर में मिलेगी सफलता।

Fri, 15 May 2026 03:42 PMNavaneet Rathaur लाइव हिन्दुस्तान
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Shani Jayanti 2026: शनि देव को बेहद प्रिय है यह नीला फूल, शनि जयंती पर इस तरह अर्पित करने से दूर होंगी सारी परेशानियां

16 मई 2026 को शनि जयंती मनाई जाएगी। ज्येष्ठ मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को शनि देव का जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस बार शनिवार को पड़ने वाला यह संयोग बेहद दुर्लभ है। शनि देव न्याय और कर्म के देवता हैं। उनकी पूजा सही विधि से करने पर वे भक्तों के संकट दूर करते हैं। नीला अपराजिता फूल शनि देव को अत्यंत प्रिय है। शनि जयंती पर इस फूल से जुड़े उपाय करने से साढ़ेसाती, ढैय्या और शनि दोष से राहत मिलती है।

शनि जयंती पर अपराजिता फूल का महत्व

शनि देव को नीला अपराजिता फूल बहुत प्रिय है। मान्यता है कि इस फूल को अर्पित करने से शनि देव शीघ्र प्रसन्न होते हैं। अपराजिता फूल शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के कष्टों को कम करने में खासतौर पर प्रभावी माना जाता है। इस फूल में शनि देव की ऊर्जा होती है, इसलिए शनि जयंती पर इसका उपयोग विशेष फलदायी होता है।

अपराजिता अर्पित करें

शनि जयंती के दिन शाम को पीपल या शनि मंदिर के पास सरसों के तेल का दीपक जलाएं। दीये में काले तिल डालें। फिर नीला अपराजिता फूल शनि देव को अर्पित करें। इस उपाय से शनि के प्रकोप से राहत मिलती है और आर्थिक संकट दूर होते हैं।

अपराजिता की माला

शनि जयंती पर अपराजिता के फूलों की माला बनाएं। पहले भगवान शिव को यह माला अर्पित करें, क्योंकि शिव शनि के गुरु हैं। उसके बाद शनि देव को चढ़ाएं। यह उपाय शनि दोष, साढ़ेसाती और ढैय्या में बहुत लाभकारी है।

शनि बीज मंत्र के साथ अपराजिता अर्पित करें

शनि जयंती पर 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' या 'ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें। फिर अपराजिता फूल शनि देव को अर्पित करें। यह उपाय शनि की महादशा या अंतर्दशा चल रहे लोगों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है।

अपराजिता का पौधा लगाएं या दान करें

शनि जयंती के दिन अपराजिता का पौधा घर में लगाएं या किसी को दान करें। पौधे की नियमित सेवा करने से शनि देव प्रसन्न रहते हैं। इससे घर में सुख-समृद्धि आती है और शनि संबंधी समस्याएं कम होती हैं।

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स्वास्थ्य लाभ के लिए अपराजिता का लेप

शनि के कारण अगर हड्डी या त्वचा संबंधी समस्या है, तो अपराजिता के फूल का लेप बनाकर प्रभावित जगह पर लगाएं। शनि जयंती के दिन यह उपाय करने से रोग में राहत मिलती है।

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शनि जयंती पर इन बातों का रखें ध्यान

  • इस दिन पीपल की पूजा जरूर करें।
  • काले तिल, सरसों का तेल और नीला फूल शनि को प्रिय हैं।
  • गरीबों को अन्न और कपड़े का दान करें।
  • शनि जयंती पर व्रत रखना भी शुभ माना जाता है।

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शनि जयंती 2026 पर अपराजिता फूल से जुड़े ये सरल उपाय करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं। साढ़ेसाती और ढैय्या के कष्ट कम होते हैं, धन लाभ होता है और जीवन में स्थिरता आती है। शनि जयंती के दिन श्रद्धा और नियम से पूजा करने वाले व्यक्ति पर शनि देव की विशेष कृपा बनी रहती है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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