Shani Ast 2026: 13 मार्च से शनि देव अस्त, मेष, वृश्चिक समेत इन राशियों के लिए बन सकता है गोल्डन टाइम
वैदिक ज्योतिष में शनि देव को कर्म और न्याय का ग्रह माना जाता है। शनि की चाल धीमी जरूर होती है, लेकिन जब भी उनकी स्थिति में बदलाव आता है तो उसका असर सभी राशियों और जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों पर दिखाई देता है। वर्ष 2026 में 13 मार्च को शनि देव मीन राशि में रहते हुए अस्त होने जा रहे हैं।

Shani Ast 2026: वैदिक ज्योतिष में शनि देव को कर्म और न्याय का ग्रह माना जाता है। शनि की चाल धीमी जरूर होती है, लेकिन जब भी उनकी स्थिति में बदलाव आता है तो उसका असर सभी राशियों और जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों पर दिखाई देता है। वर्ष 2026 में 13 मार्च को शनि देव मीन राशि में रहते हुए अस्त होने जा रहे हैं। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार यह स्थिति लगभग 40 दिनों तक बनी रहेगी और 22 अप्रैल को शनि फिर से उदित होंगे। ज्योतिषशास्त्र में किसी ग्रह के अस्त होने का अर्थ है कि वह सूर्य के बहुत करीब पहुंच जाता है और उसकी प्रभाव शक्ति कुछ समय के लिए कम हो जाती है। हालांकि इसे हर बार नकारात्मक नहीं माना जाता। कई बार ग्रह का अस्त होना कुछ लोगों के लिए राहत और नई शुरुआत का संकेत भी देता है।
कब से कब तक रहेगा शनि का अस्त काल
ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार शनि देव 13 मार्च 2026 को शाम 7 बजकर 13 मिनट पर अस्त होंगे। इसके बाद लगभग 40 दिनों तक उनकी स्थिति अस्त रहेगी और 22 अप्रैल 2026 को सुबह 4 बजकर 49 मिनट पर शनि पुनः उदित होंगे। इस अवधि में कई लोगों के रुके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं, जबकि कुछ लोगों को फैसले लेते समय सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
इन राशियों को मिल सकता है लाभ
मेष राशि
मेष राशि वालों के लिए शनि का अस्त होना आर्थिक मामलों में राहत देने वाला साबित हो सकता है। कुंडली के बारहवें भाव में यह स्थिति खर्चों पर नियंत्रण और अधूरे काम पूरे होने के संकेत दे रही है। हालांकि साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है, इसलिए धैर्य और संयम बनाए रखना जरूरी होगा।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह समय करियर और व्यवसाय के लिहाज से सकारात्मक माना जा रहा है। शनि के अस्त होने से नौकरी में स्थिरता, प्रमोशन या नए अवसर मिलने की संभावना बन सकती है। व्यापार से जुड़े लोगों को अप्रत्याशित लाभ भी मिल सकता है।
कुंभ राशि
कुंभ राशि वालों के लिए यह समय आर्थिक दृष्टि से अनुकूल रह सकता है। दूसरे भाव में शनि के प्रभाव में कमी आने से धन संचय के नए अवसर मिल सकते हैं। साढ़ेसाती का अंतिम चरण होने के कारण मानसिक तनाव में भी कुछ राहत महसूस हो सकती है।
मीन राशि
मीन राशि में ही शनि की स्थिति होने के कारण इस राशि के लोगों के लिए यह समय स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन के लिहाज से बेहतर साबित हो सकता है। तनाव कम होने और ऊर्जा में सुधार के संकेत मिल सकते हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
ज्योतिष के अनुसार ग्रहों के अस्त काल में जल्दबाजी में कोई बड़ा फैसला लेना उचित नहीं माना जाता। निवेश, कानूनी मामलों या नई योजनाओं से जुड़े निर्णय सोच-समझकर लेना बेहतर रहेगा। विशेष रूप से मेष और कुंभ राशि के जातकों को किसी भी आर्थिक या कानूनी कदम से पहले पूरी जानकारी लेना जरूरी है। ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि इस अवधि में धैर्य, अनुशासन और संयम बनाए रखना सबसे अधिक लाभकारी रहेगा।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य है और सटीक है। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।




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