Sawan 2026 how to offer belpatra to shivling par belpatra kaise chadhaye jaate hain Sawan: सावन शुरू होने से पहले जान लें शिवलिंग पर बेलपत्र सीधा चढ़ाना चाहिए या उलटा? जानें फायदे भी, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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Sawan: सावन शुरू होने से पहले जान लें शिवलिंग पर बेलपत्र सीधा चढ़ाना चाहिए या उलटा? जानें फायदे भी

Sawan me shivling par bel patra kis tarah chadhaye: हिंदू धर्म में सावन का महीना शिव कृपा पाने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए भक्त शिवलिंग पर बेलपत्र व जल आदि अर्पित करते हैं। जानें शिवलिंग पर बेलपत्र किस तरह चढ़ाया जाता है।

Mon, 25 May 2026 01:25 PMSaumya Tiwari लाइव हिन्दुस्तान
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Sawan: सावन शुरू होने से पहले जान लें शिवलिंग पर बेलपत्र सीधा चढ़ाना चाहिए या उलटा? जानें फायदे भी

Shivling par belpatra kaise chadhaen: देवों के देव महादेव की आराधना और उनकी कृपा पाने के लिए सावन माह को अत्यंत शुभ माना जाता है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, सावन महीना भगवान शिव का प्रिय माह है। इस माह में पूजा-पाठ और दान करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और उनकी कृपा से मनवांछित फल की प्राप्ति होती है। सावन में शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। बेलपत्र के तीन पत्ते (ब्रह्मा, विष्णु और महेश) के साथ ही भगवान शिव के त्रिनेत्र और त्रिशूल का प्रतीक माने जाते हैं। सावन में भगवान शिव प्रसन्न करने के लिए भक्त शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करते हैं। लेकिन क्या आप शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने का सही तरीका जानते हैं? अगर नहीं, तो आइए जानते हैं कि भगवान शिव की कृपा पाने के लिए शिवलिंग पर सीधा या उलटा बेलपत्र अर्पित कैसे अर्पित करना चाहिए।

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कब से शुरू हो रहा सावन का महीना: साल 2026 में सावन माह की शुरुआत 30 जुलाई 2026 से होगी और 28 अगस्त 2026 को इसका समापन होगा। इस बार सावन में चार सोमवार का संयोग बन रहा है। सावन का पहला सोमवार 3 अगस्त 2026 को है, दूसरा 10 अगस्त 2026, तीसरा सावन सोमवार 17 अगस्त 2026, चौथा और आखिरी सावन सोमवार 24 अगस्त 2026 को है।

शिवलिंग की ओर कौन-सा हिस्सा होना चाहिए:

शास्त्रों के अनुसार, बेलपत्र चढ़ाते समय उसका चिकना हिस्सा शिवलिंग की ओर यानी नीचे की ओर होना चाहिए। जबकि खुरदरा हिस्सा ऊपर की ओर होना चाहिए। शिवलिंग पर बेलपत्र का मध्य भाग पकड़ते हुए अर्पित करना चाहिए। इसके अलावा ध्यान रखें कि बेलपत्र कहीं से कटा-फटा नहीं होना चाहिए। शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करने से पहले बेलपत्र पर चंदन का टीका लगाना या उस पर ऊं लिखना अत्यंत शुभ माना जाता है। ध्यान रखें कि बेलपत्र हमेशा स्वच्छ व साफ-सुथरा हो और इसे चिकनी सतह की ओर से ही शिवलिंग पर अर्पित करें।

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शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करने के लाभ:

शिवपुराण में वर्णित है कि शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करने से कष्टों से मुक्ति मिलती है। शिव कृपा से मनोकामना पूर्ण होती है और जीवन में सुख-समृद्धि के साथ शांति आती है। शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करने से मानसिक शांति मिलने की भी मान्यता है।

शिवलिंग पर कितने बेलपत्र चढ़ाना चाहिए: शास्त्रों के अनुसार, भगवान शिव की कृपा पाने के लिए सच्चे से मन से चढ़ाया गया एक बेलपत्र भी पर्याप्त है। सामान्य तौर पर शिवलिंग पर 3, 5, 11, 21 या 108 बेलपत्र चढ़ाना अत्यंत शुभ माना जाता है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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