शनिवार के दिन शनि भगवान को क्यों चढ़ाते हैं सरसों का तेल? जानें काले तिल का राज
Saturday Puja: शनिवार का दिन भगवान शनि को समर्पित होता है। इस खास दिन पर उन्हें सरसों का तेल और काला तिल अर्पित करने की परंपरा है। मान्यता है कि इन चीजों को चढ़ाने से शनिदेव काफी प्रसन्न होते हैं।

Shani Dev Puja Rituals: हिंदू धर्म में हफ्ते के सातों दिन काफी मायने रखते हैं। हर एक दिन किसी ना किसी देवी या फिर देवता को समर्पित है। शनिवार के दिन भगवान शनि और हनुमान जी की पूजा की जाती है। बात करें शनिदेव की तो इनकी पूजा में खास चीजें लगती हैं। शनिवार की शाम शनिदेव को काले रंग की चीजें अर्पित की जाती है। मान्यता के अनुसार शनिदेव को काला रंग काफी प्रिय होता है और इसी वजह से इस रंग की चीजों को चढ़ाया जाता है। शनिदेव की पूजा में काले तिल और सरसों के तेल का बहुत महत्व है। कहा जाता है कि इन दोनों चीजों को शनिदेव पर चढ़ाने पर वो प्रसन्न होकर सारी मुश्किलें दूर कर देते हैं। बता दें कि इन दोनों चीजों का संबंध काफी पुराना है। नीचे विस्तार से जानें कि आखिर शनिदेव को ये दोनों चीजें इतनी प्रिय क्यों है?
शनिदेव को क्यों अर्पित करते हैं सरसों का तेल?
इसे लेकर दो तरह की कथाएं प्रचलति हैं। एक पौराणिक कथा के अनुसार भगवान हनुमान और शनिदेव के बीच एक बार जंग छिड़ी। इस दौरान शनिदेव को काफी चोट आई। इसके बाद जब शनिदेव परेशान हो गए तब उन्होंने हनुमान जी से मदद मांगी। तभी उन्होंने शनिदेव को सरसों का तेल लगाया साथ ही वरदान दिया कि जब-जब कोई तुम्हें सरसों का तेल चढ़ाएगा, तब तुम्हारा दर्द और भी कम हो जाएगा। तभी से शनिदेव को सरसों का तेल अर्पित करने की परंपरा चली आ रही है। माना जाता है कि इससे प्रसन्न होकर शनिदेव सारे कष्ट दूर कर देते हैं।
जानें सरसों के तेल से जुड़ी दूसरी कथा
दूसरी कथा ये प्रचलित है कि एक दफा रावण ने सभी नवग्रहों को अपने पास बंदी बना लिया था। जब हनुमान मां सीता की खोज करते हुए लंका पहुंचे थे। उसी दौरान उन्होंने शनिदेव को कष्ट में देखा और उन्हें सरसों का तेल लगाया। तब जाकर उनका दर्द खत्म हुआ। इस दौरान शनिदेव ने कहा कि जब भी कोई मुझे सरसों का तेल चढ़ाएगा तब मैं प्रसन्न हो जाऊंगा। साथ ही शनिवार के दिन जो लोग हनुमान की पूजा करेंगे, उन्हें मैं कभी भी कष्ट नहीं दूंगा। साथ ही उनकी सारी बाधाएं खत्म कर दूंगा।
शनिदेव को क्यों चढ़ाते हैं काला तिल?
शास्त्रों में इस बात का वर्णन हैं कि एक बार ऐसा हुआ था कि गुस्से में आकर सूर्यदेव ने अपने तेज का इस्तेमाल करके शनिदेव के कुंभ को जलाकर भस्म कर दिया था। कुछ समय बाद ही उन्हें अपनी गलती का एहसास होता है और वो शनिदेव से मिलने का सोचते हैं। जब वो मिलने आते हैं तो शनिदेव उन्हें काला तिल अर्पित करते हैं और इससे सूर्यदेव बहुत खुश होते हैं। बस उस दिन के बाद से शनिदेव को काला तिल भा गया। इसी वजह से माना जाता है कि अगर शनिवार के दिन सच्चे मन से अगर शनिदेव को काला तिल अर्पित किया जाए तो वो जल्दी प्रसन्न होते हैं और हर मनोकामना पूरी करते हैं।




साइन इन