Shanivar Upay: पीपल के पेड़ के नीचे जलाते हैं दीया तो आज करें ये उपाय, शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से मिलेगी राहत
शनिवार के दिन भगवान शनिदेव से जुड़े कई उपाय किए जाते हैं। इस दिन काले तिल से जुड़ा एक आसान सा उपाय है जिसे करने से शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से राहत मिलती है।

हिंदू धर्म में हर दिन किसी ना किसी भगवान की पूजा को समर्पित होता है। शास्त्रों के अनुसार शनिदेव हमें हमारे कर्मों का फल देते हैं और उनकी पूजा विशेष रुप से शनिवार के दिन की जाती है। ऐसे में लोग शनिवार के दिन पूजा-पाठ करके उनकी कृपा पाने की कोशिश करते हैं। जिन लोगों पर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या चल रही होती है उनके लिए शनिवार की पूजा और उपाय का बहुत महत्व होता है। मान्यता है कि अगर सच्चे मन से शनिदेव की पूजा की जाए तो जिंदगी में आने वाली हर परेशानी और बाधा कम हो जाती है। शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के नीचे दीया जलाना सबसे असरदार उपाय माना जाता है।
कहा जाता है कि इस उपाय से शनिदेव प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति को उसके अच्छे कर्मों का फल धीरे-धीरे मिलने लगता है। इसके अलावा जो लोग शनि की साढ़ेसाती या फिर ढैय्या के प्रभाव को कम करना चाहते हैं वो लोग दीया जलाने के साथ-साथ एक छोटा सा उपाय भी कर सकते हैं जिससे उन्हें आने वाले समय में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं इस उपाय के बारे में।
शनिवार को करें काले तिल का उपाय
जो लोग इस वक्त शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से परेशान हैं, उन्हें तो नियमित रूप से हर शनिवार शाम को पीपल के पेड़ के नीचे दीया जलाना चाहिए। हिंदू धार्मिक मान्यताओं के हिसाब से पीपल के पेड़ में कई देवी-देवता बास करते है और इसका संबंध शनिदेव से भी है। ऐसे में शनिवार वाला उपाय कारगर साबित होता है। शनिवार की शाम सूर्यास्त के बाद पीपल के पेड़ के पास जाकर सरसों के तेल का दीया जला दें। दीया जलाते ही इसमें थोड़े से काले तिल डाल दें। इसी के साथ मन ही मन शनिदेव जी को याद करें। शनिदेव से मन ही मन प्रार्थना कर डालें कि वो आपकी हर परेशानी को दूर कर दें।
पीपल के पेड़ की परिक्रमा
पीपल के पेड़ के पास दीया जलाते वक्त इस बात का ध्यान रखें की आप जड़ के पास ही इसे रखें। आप पीपल के पेड़ की परिक्रमा करें। 3, 5 या 7 बार आप जितनी परिक्रमा सच्चे मन से कर पाएं तो करें। ध्यान रहें कि संख्या विषम ही होनी चाहिए।
शनिदेव की पूजा के बाद रखें धैर्य
किसी भी पूजा या व्रत का फल तुरंत नहीं मिलता है। आपको ये बात दिमाग में रखनी होगी। बस सच्ची श्रद्धा और धैर्य के साथ आप ये उपाय करते रहें। ऐसा नहीं है कि एक बार में इस उपाय से आपकी जिंदगी में बदलाव आने लगेगा। धैर्य रखकर लगातार कुछ शनिवार तक नियमित रूप से किया गए इस उपाय से आपको लाभ जरूर मिलेगा।
डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)




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