सफला एकादशी व्रत करने वाले रखें इन नियमों का ध्यान, जानें इस दिन क्या करें और क्या न करें
Saphala Ekadashi Vrat, Safla Ekadashi 2025: साल में 1 बार सफला एकादशी का व्रत रखा जाता है। सफला एकादशी के दिन कुछ चीजों को करने की मनाही होती है तो कुछ कार्य करने से अत्यंत लाभ मिलता है। जानें, सफला एकादशी व्रत के नियम-

Saphala Ekadashi Vrat: इस साल दिसंबर कजे महीने में सफला एकादशी का व्रत रखा जाएगा। हिन्दू पंचांग के अनुसार, सफला एकादशी का व्रत 15 दिसंबर के दिन रखा जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सफला एकादशी के दिन कुछ चीजों को करने की मनाही होती है तो कुछ कार्य करने से अत्यंत लाभ मिलता है। ऐसे में आइए जानते हैं सफला एकादशी के दिन व्रत रखने के कुछ नियम-
सफला एकादशी व्रत करने वाले रखें इन नियमों का ध्यान, जानें इस दिन क्या करें और क्या न करें
सफला एकादशी के दिन क्या न करें?
मास-मदिरा- सफला एकादशी के दिन मास-मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए। इस दिन तामसिक भोजन का सेवन करने से भगवान विष्णु नाराज हो सकते हैं।
चावल- सफला एकादशी के दिन चावल का सेवन करने की मनाही है। मान्यता है सफला एकादशी के दिन चावल का सेवन करने से दोष लगता है।
तुलसी- तुलसी की पत्तियां विष्णु भगवान को बेहद प्रिय हैं, जिसके बिना भगवान को भोग नहीं लगाया जाता है। इसलिए सफला एकादशी के दिन तुलसी की पत्तियों को न तो स्पर्श करना चाहिए और न ही इन्हें तोड़ना चाहिए। मन्यताओं के अनुसार, इस दिन तुलसी जी व्रत रखती हैं। इसलिए इन्हें स्पर्श करने से बचना चाहिए।
काले वस्त्र- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सफला एकादशी के दिन काले रंग के कपड़े नहीं पहनने चाहिए। भगवान विष्णु की कृपा दृष्टि बनाए रखने के लिए इस दिन पीले रंग के वस्त्र धारण करना अत्यंत शुभ रहेगा।
सफला एकादशी व्रत रखने के नियम
- सफला एकादशी व्रत के दौरान सत्य, अहिंसा और संयम का पालन करना चाहिए।
- सफला एकादशी के दिन अन्न का सेवन नहीं करना चाहिए। केवल फलाहार करें या जल ग्रहण करें।
- व्रत रखने वालों को इस दिन किसी भी प्रकार के बुरे विचारों या कार्यों से बचना चाहिए।
- भगवान विष्णु के सामने व्रत का संकल्प लेना फलदायक माना जाता है।
- मन और कर्म से पवित्र रहें।
- द्वादशी तिथि और मुहूर्त देखकर व्रत का पारण करें।
- दशमी तिथि को तामसिक भोजन जैसे प्याज, मांस, लहसुन, व अल्कोहल आदि से दूर रहें।
सफला एकादशी के दिन क्या करें: सफला एकादशी के दिन शुभ मुहूर्त में विष्णु भगवान की पूजा करें। इस दिन व्रत न रखा हो तो सात्विक भोजन करने की कोशिश करें। व्रत रखने से पूर्व व्रत रखने का संकल्प जरूर लें। व्रत के सभी नियमों का पालन करें। पारण सूर्योदय के पाश्चात्य करना उत्तम रहेगा। इस दिन भजन-कीर्तन भी किया जाता है।
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियां मान्यताओं पर आधारित हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।




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