
Adhik maas ki amavasya ka upay shani sadhesati upay: ज्योतिष गणना के अनुसार, इस समय मेष, मीन और कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। मान्यता है सोमवती अमावस्या के दिन कुछ कारगार उपाय की मदद से शनि ग्रह का बुरा प्रभाव कम कर सकते हैं।

Somvati Amavasya Time kab hai Somvati Amavasya 2026 : इस साल अधिक मास की अमावस्या बेहद लाभकारी मानी जा रही है। कई महिलाएं अपनी पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और परिवार की सुख- समृद्धि बढ़ाने के लिए पीपल की पूजा करती हैं।

Ekadashi ke din kya daan kare: पद्मिनी एकादशी तीन साल बाद आती है, जिसके चलते इसका महत्व कई गुना अधिक माना गया है। पद्मिनी एकादशी के दिन कुछ चीजों का दान करने से जीवन में समृद्धि और खुशहाली बनी रहती है।

हिंदू धर्म अक्षय तृतीया का विशेष महत्व होता है। इस दिन को सनातन परंपरा में बहुत शुभ माना जाता है। यह सिर्फ एक त्योहार नहीं होता, बल्कि इसे नए काम की शुरुआत के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किया गया कोई भी शुभ काम लंबे समय तक फल देता है।

Hanuman Janmotsav 2026 : हनुमान जी इस कलयुग में जागृत देव हैं। हनुमान जी की कृपा जिस व्यक्ति पर हो जाए उसे जीवन में किसी भी तरह की कोई कमी नहीं रहती है। हनुमान जी भगवान श्री राम के सबसे बड़े भक्त हैं। हनुमान जी का जन्मोत्सव हर साल चैत्र पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है।

SriRam Navami: चैत्र नवरात्रि के आखिरी दिन पड़ने वाली राम नवमी आज पूरे देश में मनाई जा रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार त्रेता युग में भगवान श्री राम का जन्म चैत्र नवरात्रि की नवमी तिथि पर ही हुआ था। हर साल इस दिन भगवान श्री राम का जन्मोत्सव बड़े ही धूम-धाम से मनाया जाता है।

चैत्र नवरात्रि मां दुर्गा की पूजा का बड़ा पर्व माना जाता है। यह नौ दिन तक चलता है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों की पूजा की जाती है। साल 2026 में चैत्र नवरात्रि 19 मार्च, गुरुवार से शुरू होगी और 27 मार्च 2026 को खत्म होगी। इसी दिन राम नवमी भी मनाई जाती है।

होली के रंगों भरे उत्सव का समापन जिस पर्व के साथ होता है, उसे रंग पंचमी कहा जाता है। कई जगह इसे देव पंचमी के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन देवता भी पृथ्वी पर आकर गुलाल से होली खेलते हैं और वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

चैत्र नवरात्रि साल के सबसे महत्वपूर्ण पर्वों में से एक है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाती है। नवरात्र के पहले दिन कलश स्थापना या घटस्थापना के साथ पूजा की शुरुआत होती है और फिर लगातार नौ दिनों तक भक्त व्रत रखकर देवी की आराधना करते हैं।

हिंदू धर्म में फाल्गुन पूर्णिमा का विशेष महत्व माना जाता है। इसी दिन होलिका दहन किया जाता है और अगले दिन रंगों का पर्व होली मनाई जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस दिन लोग व्रत रखते हैं, पूजा-पाठ करते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।

Falgun Purnima Vrat 2026 Date: हिंदू पंचांग में फाल्गुन मास की पूर्णिमा का विशेष महत्व बताया गया है। इसी तिथि पर होलिका दहन होता है और अगले दिन रंगों की होली खेली जाती है। ऐसे में पूर्णिमा व्रत, पूजा और दान का धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है।

हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को आमलकी एकादशी कहा जाता है। साल 2026 में यह पावन तिथि 27 फरवरी, शुक्रवार को पड़ रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह साल की आखिरी एकादशी भी मानी जाती है, इसलिए इसका महत्व और बढ़ जाता है।

हिंदू पंचांग के अनुसार, साल 2026 में होलिका दहन की तिथि को लेकर लोगों में पहले से ही असमंजस बना हुआ है। कहीं 2 मार्च तो कहीं 3 मार्च को दहन की चर्चा हो रही थी। अब हृषीकेश पंचांग और ज्योतिषाचार्यों की गणना के अनुसार यह साफ हो गया है कि इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च 2026, सोमवार की रात किया जाएगा।

फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी, जिसे आमलकी एकादशी या रंगभरी एकादशी कहा जाता है, बेहद पुण्यदायी मानी जाती है। साल 2026 में आमलकी एकादशी का पर्व 27 फरवरी, शुक्रवार को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन आंवले के वृक्ष में भगवान विष्णु का वास माना जाता है।

17 फरवरी 2026 को फाल्गुन अमावस्या के दिन साल का पहला सूर्य ग्रहण लग रहा है। इस दिन धार्मिक कामों को लेकर लोगों के मन में कन्फ्यूजन है कि पूजा-पाठ होगी या नहीं, सूतक लगेगा या नहीं और क्या मंदिर बंद रहेंगे। अमावस्या के दिन परंपरा के मुताबिक सुबह स्नान-दान किया जाता है।

Mahashivratri Vrat Puja Vidhi Shubh Muhurat: हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का विशेष महत्व होता है। हर साल यह पर्व फाल्गुन मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस बार 15 फरवरी रविवार को महाशिवरात्रि है। महाशिवरात्रि को वर्षभर में पड़ने वाली सिद्ध रात्रियों में से एक माना गया है।

Mahashivratri Time, Mahashivratri 2026 Puja Muhurat: महाशिवरात्रि के दिन 5 पहर की पूजा करने का विधान है। फाल्गुन महीने की कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 15 फरवरी को दोपहर में 12:34 मिनट तक रहेगी। इसके बाद चतुर्दशी तिथि शुरू होगी।

महाशिवरात्रि भगवान शिव को समर्पित सबसे पवित्र पर्वों में से एक है। 15 फरवरी को पड़ने वाली महाशिवरात्रि पर भक्त दिनभर व्रत रखते हैं और शिवलिंग का विधि-विधान से अभिषेक करते हैं। माना जाता है कि सच्चे मन से की गई पूजा से जीवन की परेशानियां हल्की होती हैं और मन को शांति मिलती है।

आज 14 फरवरी 2026 (शनिवार) को शनि प्रदोष व्रत रखा जा रहा है। हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत को भगवान शिव की विशेष पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। हर महीने त्रयोदशी तिथि को यह व्रत आता है और जब वही तिथि शनिवार को पड़ती है, तो इसे शनि प्रदोष व्रत कहा जाता है।

हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व होता लेकिन फाल्गुन माह में पड़ने वाली विजया एकादशी का महत्व काफी खास और अलग माना जाता है। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, “विजया” यानी जीत। यह जीत बाहर की दुनिया से ज्यादा अपने मन, डर, अहंकार और नकारात्मक सोच पर होती है।