क्या 7 जन्मों तक मिल सकता है एक ही पति का साथ? जानें प्रेमानंद महाराज का जवाब
प्रेमानंद महाराज ने हाल ही में हुए एकांतित वार्तालाप में बताया है कि क्या 7 जन्म में एक ही पति बार-बार मिल सकता है? नीचे जानें कि उन्होंने इस सवाल के जवाब में क्या कहा है?

Premanand Maharaj Latest Pravachan: अगर मन विचलित हो रहा है या फिर कहीं भी मन नहीं लग रहा है तो प्रेमानंद महाराज नाम जाप करने की सलाह देते हैं। वहीं अगर आप जिंदगी में कई प्रश्नों में उलझे हुए हैं तो प्रेमानंद महाराज के प्रवचन सुनकर ही आपको अपने कई सवालों के जवाब अपने आप ही मिल जाएंगे। हमने कई बार लोगों के मुंह से ऐसा सुना है कि 7 जन्मों में हमें यही पार्टनर मिले लेकिन क्या ऐसा संभव है? ये सवाल लगभग कई लोगों के मन में जरूर आया होगा। अपने एकांतित वार्तालाप में प्रेमानंद महाराज ने ऐसे ही एक महिला के सवाल का जवाब दिया जिसने पूछा कि क्या मेरे पति 7 जन्मों में मुझे मिल सकते हैं? नीचे जानें प्रेमानंद का जवाब...
प्रेमानंद महाराज ने कही ये बात
प्रेमानंद महाराज ने कहा कि नहीं मिल सकते हैं। ये गारंटी से कह सकता हूं। ये कोई फिल्मी स्टेज थोड़ी है। ऐसा थोड़ी ही है। ऐसा नहीं हो सकता है। हां एक उपाय हो सकता है यदि आप भगवान की आराधना करें और भगवान से वर मांगें कि जो मेरे पति हैं, ये 7 जन्म तक हमारे पति बने और वो आशीष दे दें और वरदान दे दें तो ये संभव है। ये तभी संभव हो सकता है अन्यथा नहीं क्योंकि दोनों के कर्म अलग-अलग हैं। एक कर्म नहीं है दोनों का। दोनों के कर्म अलग-अलग हैं। दोनों का प्रारब्ध अलग-अलग है। दोनों के संचित अलग-अलग है। तो इस जन्म में जो पति बना है। वो अगले जन्म में पति बने या पुरुष बने, ये जरूरी नहीं है। इस दौरान प्रेमानंद महाराज ने एक महिला की कहानी सुनाई जिसे अगला जन्म राजकुमारी के रूप में हुआ और उसके पति ने हाथी के रूप में जन्म लिया। महिला ने नए जन्म में भी खूब भजन किया और अगले जन्म में उसे वो अपने पति के रूप में ही मिला।
भगवान के वरदान से होगा चमत्कार
प्रेमानंंद महाराज ने आगे कहा कि ये सब तप, भजन और भगवान के वरदान से ही संभव है। ना कि अपने प्रारब्ध से। ये अपने प्रारब्ध से संभव नहीं है। ये बड़ा विचित्र खेल संसार का है कि आज हम मिले किसी के भाई बनकर किसी की बहन बनकर। कोई मां बनकर कोई पिता बनकर लेकिन कल हम सब अलग-अलग होंगे। पीछे के योनि में कौन क्या था, किसे पता है? पीछे भी तो हमारा परिवार रहा होगा। भले ही वो किसी भी योनि में हो लेकिन आज पता है क्या? तो अगली योनि में भी पता नहीं चलेगा। ये कहानी की बात अलग है लेकिन वास्तिकता में ऐसा नहीं है कि जिसे हमने पत्नी माना वो 7 जन्म तक हमारी पत्नी रहे। या जिसको हमने पति माना वो 7 जन्म तक पति रहे। अगर भगवान वरदान दे दें तो 7 जन्म क्या 700 जन्म तक ऐसा हो सकता है क्योंकि सृष्टि के विधायक वही हैं। कलम चला दें कि ये जीवात्मा पति-पत्नी के रूर में हजार बार जन्म लें तो ऐसा ही होगा।




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