premanand Maharaj talks about who controls our mind during ekantit vartalaap Premanand Maharaj: हमारे मन को कौन नियंत्रित करता है? प्रेमानंद महाराज ने कही ये बात, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
More

Premanand Maharaj: हमारे मन को कौन नियंत्रित करता है? प्रेमानंद महाराज ने कही ये बात

Premanand Maharaj Ekantit Vartalaap: प्रेमानंद महाराज ने अपने हाल ही के प्रवचन में बताया है कि वास्तविक में हमारे मन को कौन कंट्रोल में रखता है? नीचे विस्तार से जानें उनका जवाब…

Wed, 14 Jan 2026 11:47 AMGarima Singh लाइव हिन्दुस्तान
share
Premanand Maharaj: हमारे मन को कौन नियंत्रित करता है? प्रेमानंद महाराज ने कही ये बात

Premanand Majaraj Pravachan: कई बार ऐसा लगता है ना कि हमारे मन पर हमारा काबू ही नहीं है। ऐसा आम तौर पर कई लोगों के साथ होता है। ऐसे में हम सोचने लगते हैं कि हमारे मन पर आखिर किसका कंट्रोल है? वृंदावन के जाने-माने संत प्रेमानंद महाराज ने हाल ही में इसी बारे में बात की है। उन्होंने एकांतित वार्तालाप के दौरान बताया है कि आखिर हमारे मन को कौन कंट्रोल में लिए हुए हैं। एक श्रद्धालु के पूछे जाने पर प्रेमानंद महाराज ने इस सवाल का जवाब बहुत ही आसानी से दिया। नीचे जानें उनका जवाब...

प्रेमानंद महाराज ने कहा कि शरीर एक रथ है। इंन्द्रियां इसके घोड़े हैं। मन घोड़ों की लगाम है और बुद्धी सारथी है। आत्मा इसमें विराजमान रथी है। सही से समझिए कि हमारा शरीर एक रथ है। इंन्द्रियां घोड़े हैं। घोड़ों की लगाम मन है और मनरूपी लगाम बुद्धिरूपी सारथी पकड़े हुए हैं। इसमें जो बैठा है रथी रूप से वो जीव आत्मा है। अगर ड्राइवर सही है तो गाड़ी सही दिशा में जाएगी। ड्राइवर सही नहीं है तो वो ठोक देगा कहीं ना कहीं। बुद्धी ड्राइवर है। सारथी है। वो मन रूपी लगाम को खींचे रहे और इंद्रियों के घोड़ों को अगर सतमार्ग में लगाए तो आत्मानंद का अनुभव हो जाए।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:कब समझा जाए कि जीवन सफल हो गया है? जानें क्या बोले प्रेमानंद महाराज
ये भी पढ़ें:आत्मा या फिर शरीर? आखिर किसे मिलता है पाप और पुण्य का फल

प्रेमानंद महाराज ने आगे कहा कि यहां उल्टा हो गया है। घोड़े इतने बलवान है कि लगाम अपने आप ही ढीली करवा ली है। बुद्धि इतनी बावरी हो चुकी है कि उसने छोड़ ही दिया है लगाम को। मन की गुलाम हो गई है बुद्धि। इसी वजह से हमारी दुर्गति का चांस बन रहा है। विषय इंद्रियों को आकर्षित कर लिए। इंद्रियों ने मन को अधीन कर लिया। मन बुद्धि को अधीन कर लिया। सारथी असमर्थ हो गया। ड्राइवर नशे में हो गया है और अब वो गिरेगा ही गिरेगा। जबकि ऐसा होना चाहिए कि बुद्धि मन रूपी लगाम को सख्त पकड़े रहे और इंद्रिय रूपी घोड़े एकदम सही मार्ग पर चले। देखना इससे इंद्रियों के घोड़े सही दिशा में भागेंगे। रात-दिन नियम और संयम के साथ हम अपने इंद्री रूपी घोड़ों को पवित्र मार्ग में चलाएं। पहले तो हमारी बुद्धि पवित्र होनी चाहिए। सारथी प्रवीण हो तो रथी हमेशा सुरक्षित रहेगा। अगर सारथी सही ना हो वो रथी को कहीं ना कहीं फंसा या गिरा ही देगा।

जानें लेटेस्ट Dharm News, Aaj ka Rashifal और सटीक Panchang की जानकारी। अपनी डेली पूजा के लिए यहाँ पढ़ें Shiv Chalisa, Hanuman Chalisa और Bajrang Baanहिंदू कैलेंडर 2026 की शुभ तिथियों के साथ अपने हर दिन को खास बनाएं!