Pradosh Vrat Kab hai December Last Budh Pradosh date time Pooja Muhurat Upay दिसंबर का आखिरी प्रदोष व्रत कब है? जानें डेट, पूजा का मुहूर्त व उपाय, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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दिसंबर का आखिरी प्रदोष व्रत कब है? जानें डेट, पूजा का मुहूर्त व उपाय

Pradosh Vrat Kab hai, Budh Pradosh date: दिसंबर का आखिरी प्रदोष व्रत बुध प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाएगा, जो पौष मास की कृष्ण त्रयोदशी के दिन रखा जाएगा। बुधवार को पड़ने वाला प्रदोष व्रत ज्ञान, वाणी और बिजनेस के क्षेत्र में तरक्की दिला सकता है।

Wed, 10 Dec 2025 01:32 PMShrishti Chaubey लाइव हिन्दुस्तान, नई दिल्ली
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दिसंबर का आखिरी प्रदोष व्रत कब है? जानें डेट, पूजा का मुहूर्त व उपाय

Pradosh Vrat Kab hai, Budh Pradosh date 2025: प्रदोष का व्रत देवों के देव महादेव को समर्पित है। हर महीने के शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष में प्रदोष व्रत किया जाता है। विधिवत प्रदोष का व्रत करने से संतान प्राप्ति और सुखी जीवन का वरदान मिलता है। इस साल दिसंबर का आखिरी प्रदोष व्रत बुध प्रदोष व्रत के नाम से जाना जाएगा, जो पौष मास की कृष्ण त्रयोदशी के दिन रखा जाएगा। बुधवार को पड़ने वाला प्रदोष व्रत ज्ञान, वाणी और बिजनेस के क्षेत्र में तरक्की दिला सकता है। बुध प्रदोष का व्रत करने से व्यक्ति को भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है। बुध प्रदोष के दिन शाम में शिव पूजन करने का विधान है। आइए जानते हैं कब रखा जाएगा दिसंबर का आखिरी प्रदोष व्रत-

दिसंबर का आखिरी प्रदोष व्रत कब है? जानें डेट, पूजा का मुहूर्त

हिन्दू पंचांग के अनुसार, 16 दिसंबर 2025 को 11:57 पी एम पर त्रयोदशी तिथि प्रारम्भ होगी। तिथि का समापन 18 दिसंबर 2025 को 02:32 ए एम तक होगा। ऐसे में 17 दिसंबर को प्रदोष काल में शिव पूजन व व्रत किया जाएगा।

प्रदोष पूजा का मुहूर्त- 05:27 पी एम से 08:11 पी एम बजे तक रहेगा, जिसकी अवधि - 02 घण्टे 44 मिनट्स की है।

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बुध प्रदोष की पूजा-विधि

स्नान करने के बाद साफ वस्त्र धारण कर लें। शिव परिवार सहित सभी देवी-देवताओं की विधिवत पूजा करें। अगर व्रत रखना है तो हाथ में पवित्र जल, फूल और अक्षत लेकर व्रत रखने का संकल्प लें। फिर संध्या के समय घर के मंदिर में गोधूलि बेला में दीपक जलाएं। फिर शिव मंदिर या घर में भगवान शिव का अभिषेक करें और शिव परिवार की विधिवत पूजा-अर्चना करें। अब बुध प्रदोष व्रत की कथा सुनें। फिर घी के दीपक से पूरी श्रद्धा के साथ भगवान शिव की आरती करें। अंत में ॐ नमः शिवाय का मंत्र-जाप करें। अंत में क्षमा प्रार्थना भी करें।

उपाय- बुध प्रदोष व्रत के दिन शिव पुराण का पाठ करना बेहद लाभकारी माना जाता है। श्रद्धा भाव से शिव जी का जलाभिषेक भी करें।

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डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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