pradosh vrat 2026 magh maas shivji parvati maa puja 30 or 31 january muhurat and vidhi Pradosh Vrat 2026: 30 या 31 जनवरी कब है अगला प्रदोष व्रत? 4 घंटे 55 मिनट के लिए होगा पूजा का शुभ मुहूर्त, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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Pradosh Vrat 2026: 30 या 31 जनवरी कब है अगला प्रदोष व्रत? 4 घंटे 55 मिनट के लिए होगा पूजा का शुभ मुहूर्त

माघ महीने के प्रदोष व्रत का खास महत्व है। जानें इस बार प्रदोष व्रत 30 या फिर 31 जनवरी को पड़ रहा है? साथ ही जानें कि इस बार के लिए पूजा का शुभ मुहूर्त क्या होने वाला है?

Thu, 22 Jan 2026 10:22 PMGarima Singh लाइव हिन्दुस्तान
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Pradosh Vrat 2026: 30 या 31 जनवरी कब है अगला प्रदोष व्रत? 4 घंटे 55 मिनट के लिए होगा पूजा का शुभ मुहूर्त

भगवान शिव और मां पार्वती को समर्पित प्रदोष व्रत की पूजा का बहुत महत्व होता है। इस साल जनवरी महीने में 3 प्रदोष व्रत पड़े हैं। दो हो चुके हैं और आखिरी बाकी है। आमतौर पर हर महीने दो प्रदोष व्रत ही होते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से अगर इस पूजा को करते हैं तो शिवशक्ति सौभाग्य का वरदान देते हैं। खास बात ये है कि दिन के हिसाब से इस व्रत का नाम पड़ता है। जिस भी दिन ये व्रत होगा तो इसके आगे उस दिन का नाम लग जाएघा। माघ के महीने का आखिरी प्रदोष व्रत जल्द ही आने वाला है और फिर से लोग डेट को लेकर कन्फ्यूज होते हैं। तो चलिए जानते हैं कि इस महीने का आखिरी प्रदोष व्रत कब पड़ रहा है और इसके लिए पूजा का शुभ मुहूर्त क्या होने वाला है?

इस दिन है प्रदोष व्रत

हिंदू पंचांग के हिसाब से माघ के महीने के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 30 जनवरी से शुरू हो जाएगी। त्रयोदशी तिथि के शुरुआत होने का समय सुबह के 9:21 बजे है। इसके बाद इस तिथि का समापन अगले दिन यानी 31 जनवरी की सुबह 7:14 बजे होगा। इस वजह से त्रयोदशी तिथि 30 को पड़ रही है तो ऐसे में प्रदोष व्रत इसी दिन रखा जाएगा। बता दें कि इस दिन शुक्रवार पड़ेगा तो इस व्रत को शुक्र प्रदोष व्रत कहा जाएगा। इस खास दिन पर प्रदोष व्रत पड़ रहा है तो ऐसे में इसकी वजह से जिंदगी में सुख-समृद्धि और प्रेम की वृद्धि होगी। इसके लिए पूजा का शुभ मुहूर्त कुल 4 घंटे 55 मिनट के लिए रहने वाला है। पूजा का शुभ मुहूर्त शाम को 5:30 बजे से रात के 10:25 बजे तक होगा।

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प्रदोष व्रत पूजा की विधि

इस पूजा को जितनी आसानी से करेंगे मन शांत रहेगा। प्रदोष व्रत की पूजा में ज्यादा तामझाम नहीं होता है। पूजा वाले दिन सुबह स्नान करके साफ-सुथरे कपड़े पहन लें। इसके बाद पूजा घर को साफ कर लें। भघवान शिव और मां पार्वती की तस्वीर या फिर मूर्ति को स्थापित करें। साथ ही शिवलिंग का जलाभिषेक करें। शिवलिंग पर भगवान शिव की सारी मनपसंद चीजें जैसे बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित करें। इसके बाद शिव चालीसा और प्रदोष व्रत कथा पढ़ लें। पूजा के बाद भोजन करें। ध्यान रखें कि आपको व्रत के बाद सात्विक खाना ही खाना है। प्रदोष व्रत के दिन अगर सफेद रंग की चीजों का दान करेंगे तो भगवान शिव और मां पार्वती प्रसन्न होकर अपनी असीम कृपा बरसाते हैं।

डिस्क्लेमर- (इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।)

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