Planning to visit the Magh Mela 2025 Then do these 5 types of donations माघ मेले में जाने की है तैयारी, तो करें इन 5 तरह का दान, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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माघ मेले में जाने की है तैयारी, तो करें इन 5 तरह का दान

प्रयागराज में 3 जनवरी 2026 से 15 फरवरी तक माघ मेले का आयोजन होगा, जिसकी तैयारियां जोर-शोर से चल रही है। 45 दिनों तक चलने वाले माघ मेले में कल्पवासी नदी किनारे रहकर तपस्या करते हैं। इस दौरान यहां लोग दूर-दूर से स्नान और दान पुण्य करने के लिए आते हैं।

Sat, 20 Dec 2025 03:35 PMDheeraj Pal लाइव हिन्दुस्तान
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माघ मेले में जाने की है तैयारी, तो करें इन 5 तरह का दान

हिंदू धार्मिक दृष्टिकोण से माघ मेले का बड़ा ही महत्व होता है। हर साल इसका आयोजन तीर्थराज प्रयागराज में होता है। इस मेले का महत्व भी कुंभ मेले की तरह ही होता है। प्रयागराज में 3 जनवरी 2026 से 15 फरवरी तक माघ मेले का आयोजन होगा, जिसकी तैयारियां जोर-शोर से चल रही है। 45 दिनों तक चलने वाले माघ मेले में कल्पवासी नदी किनारे रहकर तपस्या करते हैं। इस दौरान यहां लोग दूर-दूर से स्नान और दान पुण्य करने के लिए आते हैं। अगर आप भी माघ में जाने की तैयारी कर रहे हैं, तो आज हम आपको बताएंगे कि स्नान के बाद किन चीजों का दान करना सबसे उत्तम माना गया है।

माघ में स्नान-दान का महत्व
मान्यता है कि यहां स्नान करने से पाप कर्म से मुक्ति मिल जाती है। साथ ही स्नान करने वालों को अमृत के गुण प्राप्त होता है। बता दें कि प्रयागराज वो तीर्थ है जहां तीन पवित्र नदी गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम है। पद्मपुराण में बताया गया है कि अन्य मास में जप, तप और दान से भगवान विष्णु उतने प्रसन्न नहीं होते जितने कि माघ मास में नदी और तीर्थस्थलों पर स्नान करने से होते हैं।

दान की बात करें, तो हिंदू धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक दान करने से जहां ग्रह और नक्षत्रों के दोष दूर होते हैं वहीं यह पुण्य का कार्य भी है। इसलिए आपको दान चाहिए।

तिल दान
माघ में जब सूर्य मकर राशि में होता है, तब करोड़ों श्रद्धालु तीर्थराज प्रयाग में स्नान करते हैं और तिल का दान करते हैं। प्रयागराज में तिल के साथ दक्षिणा दी जाती है। बहुत से श्रद्धालु तिल के लड्‌डुओं में सिक्के रखकर उसे तैयार करते हैं। ये लड्‌डू तीर्थ पुरोहितों को दान में दिए जाते हैं। यह एक तरह का गुप्त दान है।

गुप्त दान
माघ मेले में गुप्त दान का खास महत्व होता है। गुप्त दान से दस गुना ज्यादा फल की प्राप्ति होती है। आप अपने सामर्थ्य के अनुसार किसी ब्राह्मण के माध्यम से दान करवा सकते हैं।

वस्त्र दान
माघ मेले में जरुरतमंद लोगों को वस्त्र दान दें। वस्त्र में आप धोती, कुर्ता, टोपी, अंगोछा, बनियान, ओढ़नी, पगड़ी दान कर सकते हैं।

बिस्तर दान
बिस्तर दान भी कर सकते हैं। बिस्तर दान में आप पलंग (चारपाई), दरी, मसनद, मसहरी, रजाई, गद्‌दा, तकिया, कम्बल दान कर सकते हैं।

अन्न दान
अन्न दान को महादान माना गया है। आप चावल, दाल, घी, गुड़, नमक, चीनी और कच्ची सब्जियां जैसी चीजें दान कर सकते है। इसको एक थाली में सजाकर उसका दान थाली सहित करें।

इस दौरान कई प्रमुख और शाही स्नान होते हैं।

माघ मेले 2026 प्रमुख स्नान

3 जनवरी - पौष पूर्णिमा

14 जनवरी - मकर संक्रांति

18 जनवरी - मौनी अमावस्या

23 जनवरी - बसंत पंचमी

1 फरवरी - माघ पूर्णिमा

15 फरवरी - महाशिवरात्रि

माघ मेले से जुड़ी कथा
माघ मेला कुंभ मेले का छोटा स्वरूप है। पौराणिक कथा के मुताबिक समुद्र मंथन के दौरान जब अमृत कल को लेकर देवता और असूरों में छीना झपटी हो रही थी तब अमृत की कुछ बूंदें उज्जैन, नासिक, हरिद्वार और प्रयागराज के पवित्र नदी में गिरी थी। यही वजह है कि माघ मेले के दौरान पवित्र नदी में स्नान करने पर समस्त पाप कर्म दूर होते हैं और व्यक्ति अमृत तुल्य पुण्य पाता है।

डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों के पूर्णतया सत्य एवं सटीक होने का हम दावा नहीं करते हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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