कल या परसों पौष पुत्रदा एकादशी व्रत रखना कब रहेगा उत्तम, जानें पूजा मुहूर्त और कब होगा व्रत का पारण
Paush Putrada Ekadashi Time Pooja: पौष पुत्रदा एकादशी के दिन रवि योग और सिद्ध योग का संयोग बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत रखने से जातक की सभी इच्छाएं पूर्ण हो सकती हैं।

Paush Putrada Ekadashi Time Pooja: इस साल पौष पुत्रदा एकादशी की तिथि को लेकर थोड़ा कन्फ्यूजन बना हुआ है। पौष पुत्रदा एकादशी पौष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाई जा रही है, जो प्रभु श्री हरी विष्णु को समर्पित है। पौष पुत्रदा एकादशी के दिन रवि योग और सिद्ध योग का संयोग बन रहा है। इस दिन पूरे विधि-विधान से विष्णु भगवान की उपासना की जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत रखने से जातक की सभी इच्छाएं पूर्ण हो सकती हैं। आइए जानते हैं पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत किस दिन उत्तम रहेगा और शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत पारण का समय-
कल या परसों पौष पुत्रदा एकादशी व्रत रखना कब रहेगा उत्तम, जानें पूजा मुहूर्त
हिन्दू पंचांग के अनुसार, इस साल की पौष पुत्रदा एकादशी की तिथि 30 दिसंबर 2025 को शुरू हो रही है सुबह के 07:50 मिनट पर और तिथि का समापन 31 दिसंबर 2025 को सूर्योदय से पहले 05:00 बजे हो रहा है। ऐसे में मंगलवार के दिन 30 दिसंबर को पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत रखना उत्तम माना जाएगा।
- ब्रह्म मुहूर्त 05:24 ए एम से 06:19 ए एम
- अभिजित मुहूर्त 12:03 पी एम से 12:44 पी एम
- विजय मुहूर्त 02:07 पी एम से 02:49 पी एम
- गोधूलि मुहूर्त 05:31 पी एम से 05:59 पी एम
- अमृत काल 11:35 पी एम से 01:03 ए एम, दिसम्बर 31
- निशिता मुहूर्त 11:57 पी एम से 12:51 ए एम, दिसम्बर 31
- त्रिपुष्कर योग 05:00 ए एम, दिसम्बर 31 से 07:14 ए एम, दिसम्बर 31
- सर्वार्थ सिद्धि योग 03:58 ए एम, दिसम्बर 31 से 07:14 ए एम, दिसम्बर 31
- रवि योग 07:13 ए एम से 03:58 ए एम, दिसम्बर 31
पूजा के चौघड़िया मुहूर्त
- चर - सामान्य 09:49 ए एम से 11:06 ए एम
- लाभ - उन्नति 11:06 ए एम से 12:24 पी एम
- अमृत - सर्वोत्तम 12:24 पी एम से 01:41 पी एम
इस मुहूर्त में न करें पूजा: पंचांग के अनुसार, 30 दिसंबर को 02:59 पी एम से 04:17 पी एम तक राहुकाल रहेगा। भद्रा भी रहेगी लेकिन उसका प्रभाव पृथ्वी पर नहीं रहेगा।
कब होगा व्रत का पारण: पंचांग के अनुसार, 31 दिसंबर को व्रत तोड़ने का समय दोपहर में 01:26 पी एम से 03:31 पी एम तक रहेगा। पारण तिथि के दिन हरि वासर समाप्त होने का समय सुबह के 10:12 ए एम तक रहेगा।
पौष पुत्रदा एकादशी पूजा-विधि
- स्नान आदि कर मंदिर की साफ सफाई करें
- भगवान श्री हरि विष्णु का जलाभिषेक करें
- प्रभु का पंचामृत सहित गंगाजल से अभिषेक करें
- अब प्रभु को पीला चंदन और पीले पुष्प अर्पित करें
- मंदिर में घी का दीपक प्रज्वलित करें
- संभव हो तो व्रत रखें और व्रत लेने का संकल्प करें
- पौष पुत्रदा एकादशी की व्रत कथा का पाठ करें
- ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें
- पूरी श्रद्धा के साथ भगवान श्री हरि विष्णु और लक्ष्मी जी की आरती करें
- प्रभु को तुलसी दल सहित भोग लगाएं
- अंत में क्षमा प्रार्थना करें
डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।




साइन इन