moola nakshatra personality traits strengths and weaknesses in hindi Moola Nakshatra: मूल नक्षत्र में जन्मे लोग कैसे होते हैं? जानें कमियां और खूबियां, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
More

Moola Nakshatra: मूल नक्षत्र में जन्मे लोग कैसे होते हैं? जानें कमियां और खूबियां

वैदिक ज्योतिष में नक्षत्रों को व्यक्ति के जीवन पर गहरा असर पड़ता है। कुल 27 नक्षत्र होते हैं। इन्हीं में से एक मूल नक्षत्र। मान्यता है कि जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में स्थित होता है, वही नक्षत्र व्यक्ति के स्वभाव, सोच, निर्णय लेने की क्षमता और जीवन की घटनाओं पर गहरा प्रभाव डालता है।

Wed, 8 April 2026 12:56 PMDheeraj Pal लाइव हिन्दुस्तान
share
Moola Nakshatra: मूल नक्षत्र में जन्मे लोग कैसे होते हैं? जानें कमियां और खूबियां

वैदिक ज्योतिष में नक्षत्रों को व्यक्ति के जीवन पर गहरा असर पड़ता है। कुल 27 नक्षत्र होते हैं। इन्हीं में से एक मूल नक्षत्र। मान्यता है कि जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में स्थित होता है, वही नक्षत्र व्यक्ति के स्वभाव, सोच, निर्णय लेने की क्षमता और जीवन की घटनाओं पर गहरा प्रभाव डालता है। यही कारण है कि जन्म कुंडली का विश्लेषण करते समय नक्षत्र को विशेष महत्व दिया जाता है। मूल नक्षत्र की बात करें, तो इस नक्षत्र को लेकर समाज में कई तरह की धारणाएं प्रचलित हैं, जिनमें कुछ सकारात्मक हैं तो कुछ लोगों में भ्रम और डर भी पैदा करती हैं। अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि मूल नक्षत्र में जन्म लेना शुभ होता है या अशुभ, और इसका बच्चे के भविष्य पर क्या असर पड़ेगा। चलिए जानते हैं कि मूल नक्षत्र में जन्में लोग कैसे होते हैं।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:सूर्य का मेष राशि में गोचर, 14 अप्रैल से नौकरी पर क्या पड़ेगा असर?

मूल नक्षत्र क्या है?

मूल नक्षत्र वैदिक ज्योतिष के 27 नक्षत्रों में से एक प्रमुख नक्षत्र है, जो धनु राशि में स्थित होता है। इसे उग्र और गहन प्रभाव वाला नक्षत्र माना जाता है। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले लोग जीवन में कई उतार-चढ़ाव का सामना कर सकते हैं, खासकर शुरुआती दौर में संघर्ष अधिक देखने को मिलता है। हालांकि समय के साथ ये लोग खुद को मजबूत बना लेते हैं और कठिन परिस्थितियों से सीखकर आगे बढ़ते हैं।

मूल नक्षत्र का स्वामी ग्रह

मूल नक्षत्र का स्वामी ग्रह केतु होता है, जिसे रहस्य, अध्यात्म और गहराई से जुड़ा ग्रह माना जाता है। इस नक्षत्र पर गुरु ग्रह का भी प्रभाव रहता है, जिसकी वजह से इसमें जन्मे लोगों का झुकाव ज्ञान, आध्यात्म और गूढ़ विषयों की तरफ अधिक होता है। मान्यतानुसार, बचपन में मूल नक्षत्र में जन्मे बच्चों के लिए नक्षत्र शांति पूजा कराई जाती है, ताकि संभावित नकारात्मक प्रभावों को कम किया जा सके।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:जल, तिल, सोना, चांदी समेत किस चीज का दान करना आपके लिए सही

मूल नक्षत्र में जन्में लोगों का स्वभाव

मान्यता है कि मूल नक्षत्र के जातक गहरी सोच रखने वाले होते हैं। ये सामान्य सोच से हटकर विचार करते हैं और परंपरागत नियमों में बंधकर चलना पसंद नहीं करते। नए रास्ते अपनाना, जोखिम उठाना और अपने दम पर पहचान बनाना इनके स्वभाव की खासियत होती है। यही गुण इन्हें भीड़ से अलग बनाते हैं, लेकिन कई बार यही स्वभाव इनके लिए चुनौती भी बन सकता है।

महिलाएं और पुरुष कैसे होते हैं?

मूल नक्षत्र में जन्मे लोगों की खासियतों की बात करें तो पुरुष आमतौर पर अनुशासन और सिद्धांतों को महत्व देते हुए जीवन में आगे बढ़ते हैं। इन्हें करियर के सिलसिले में विदेश जाने या बाहर अवसर मिलने की संभावना भी रहती है। वहीं, इस नक्षत्र में जन्मी महिलाएं स्वभाव से थोड़ी जिद्दी हो सकती हैं, जो कई बार उनके लिए चुनौती बन जाती है, लेकिन यही गुण उन्हें मजबूत भी बनाता है।

पढ़ाई और करियर

पढ़ाई के मामले में ये लोग काफी तेज होते हैं और अक्सर अच्छे परिणाम हासिल करते हैं। खासकर रिसर्च या गहराई से जुड़ी पढ़ाई में इन्हें सफलता मिलती है। करियर की बात करें तो ये चिकित्सा क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं, जैसे डॉक्टर या दवा से जुड़े काम। इसके अलावा ये ज्योतिष, पुलिस सेवा, व्यापार, राजनीति जैसे क्षेत्रों में भी अपनी पहचान बना सकते हैं। इनकी सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि इन्हें अपने लक्ष्य साफ नजर आते हैं और ये उन्हें पाने के लिए लगातार मेहनत करते रहते हैं।

कमियां

- स्वभाव की बात करें तो कई बार ये लोग काफी जिद्दी हो जाते हैं और अपनी ही बात मनवाने पर अड़े रहते हैं।
- गलत संगति या गलत फैसलों की वजह से ये भटक भी सकते हैं, जिससे जीवन पर नकारात्मक असर पड़ता है।
- इनमें ईर्ष्या की भावना भी उभर सकती है और कभी-कभी अपनी क्षमता का सही दिशा में उपयोग नहीं कर पाते।
- कुछ लोग बिना सोचे-समझे तंत्र-मंत्र जैसी चीजों में उलझकर अपने करियर को नुकसान पहुंचा लेते हैं।
- इन लोगों को पेट संबंधी समस्याएं होने की आशंका रहती है।
- कुछ मामलों में पुरुषों को पक्षाघात जैसी गंभीर दिक्कतों का भी सामना करना पड़ सकता है।

डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:कन्या राशिफल 8 अप्रैल 2026: कन्या वाले जो फील कर रहे और बोल रहे, दोनों में अंतर
जानें लेटेस्ट Dharm News, Aaj ka Rashifal और सटीक Panchang की जानकारी। अपनी डेली पूजा के लिए यहाँ पढ़ें Shiv Chalisa, Hanuman Chalisa और Bajrang Baanहिंदू कैलेंडर 2026 की शुभ तिथियों के साथ अपने हर दिन को खास बनाएं!