Lunar eclipse chandra grahan Bhadra due to this confusion on Holika Dahan astrologer told Holika Dahan 2026 date time चंद्रग्रहण और भद्रा, होलिका दहन की तारीख को लेकर कंफ्यूजन, ज्योतिर्विद ने बताया कब होगा होलिका दहन, एस्ट्रोलॉजी न्यूज़ - Hindustan
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चंद्रग्रहण और भद्रा, होलिका दहन की तारीख को लेकर कंफ्यूजन, ज्योतिर्विद ने बताया कब होगा होलिका दहन

chandra grahan, Bhadra, Holika Dahan: इस बार होलिका दहन और होली की तारीख को लेकर कंफ्यूजन की स्थिति बन रही है। दरअसल होलिका दहन के दिन चंद्र ग्रहण है, वहीं एक दिन पहले भद्रा का साया है। ऐसे में होलिका दहन कब करें और होली किस दिन मनाएं

Tue, 3 Feb 2026 01:02 PMAnuradha Pandey लाइव हिन्दुस्तान, ज्योतिर्विद पंडित दिवाकर त्रिपाठी
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चंद्रग्रहण और भद्रा, होलिका दहन की तारीख को लेकर कंफ्यूजन, ज्योतिर्विद ने बताया कब होगा होलिका दहन

इस बार होलिका दहन और होली की तारीख को लेकर कंफ्यूजन की स्थिति बन रही है। दरअसल होलिका दहन के दिन चंद्र ग्रहण है, वहीं एक दिन पहले भद्रा का साया है। ऐसे में होलिका दहन कब करें और होली किस दिन मनाएं, इसको लेकर ज्योतिर्विद से हमने बात की। पहले आपको बता दें देते हैं कि होली फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाई जाती है। इस साल पूर्णिमा तिथि 2 मार्च को लग रही है। पूर्णिमा तिथि 2 मार्च 2026 को शुरू हो रही है और अगले दिन 3 मार्च को शाम 5:07 बजे तक रहेगी। अब आइए जानते हैं ज्योतिर्विद ने कब बताया है होलिका दहन और रंगों की होली का समय

पहले जान लें व्रत वाली पूर्णिमा और स्नान दान वाली पूर्णिमा कब है?

ज्योतिर्विद पंडित दिवाकर त्रिपाठी ने बताया कि व्रत के लिए पूर्णिमा का मान 2 मार्च दिन सोमवार को होगा । क्योंकि 2 मार्च को ही सायं में 5:15 बजे से पूर्णिमा तिथि आरंभ हो जाएगी । जो 3 मार्च को दोपहर बाद दिन में 4:33 बजे ही समाप्त भी हो जाएगी। ऐसे में उदय कालिक पूर्णिमा तिथि 3 मार्च दिन मंगलवार को प्राप्त हो रही है परंतु चंद्रोदय से पूर्व ही पूर्णिमा समाप्त हो जा रही है इस प्रकार व्रत के लिए पूर्णिमा तिथि 2 मार्च दिन सोमवार को प्राप्त हो रही है तथा स्नान दान के लिए पूर्णिमा तिथि 3 मार्च दिन मंगलवार को प्राप्त हो रही है।

चंद्र ग्रहण कब लग रहा है और इसका सूतक कब से लगेगा?

3 मार्च को पूर्ण खग्रास चंद्रग्रहण रहेगा, इसलिए इस दिन होली का कोई कार्य नहीं होगा। इसका सूतक सुबह 9 बजे से लग जाएगा और शाम को 6:47 बजे तक रहेगा। यहशाम को भारत में देखा जा सकेगा, इसलिए इस ग्रहण का सूतक काल माना जााएगा। धार्मिक तौर पर भी इस ग्रहण को माना जाएगा,सूतक में मंदिर के कपाट बंद हो जाएंगे। 3 मार्च को खग्रास चंद्र ग्रहण दोपहर 3:19 बजे से शाम 6:47 बजे तक रहेगा। यह उदित चंद्र ग्रहण होगा, जिसमें लगभग 17 मिनट तक पूर्ण खग्रास ग्रहण रहेगा। सूतक काल में कोई शुभ कार्य नहीं होगा, इसलिए इस दौरान शुभ कार्य नहीं किया जाएगा। ज्योतिषियों की मानें तो ग्रहणकाल में मंत्र और जाप का महत्व है। इसलिए इस दौरान इष्ट देव या गुरु मंत्र की माला जाप करने से मंत्र सिद्धि का लाभ मिलता है।

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होलिका दहन कब होगा और भद्रा कब से है?

ज्योतिर्विद पंडित दिवाकर त्रिपाठी ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार होलिका दहन पूर्णिमा तिथि में भद्रा के अनुपस्थिति में किया जाता है। इसलिए इस साल 2 मार्च की देर रात यानी 12.50 से पहले होलिका दहन किया जा सकेगा। 3 मार्च को होली का कोईकार्य नहीं होगा। 4 मार्च को रंगों की होली रहेगी। दरअसल इस वर्ष मृत्युलोक की भद्रा पूर्णिमा के आरंभ के साथ ही अर्थात 2 मार्च दिन सोमवार को सायं काल 5:18 बजे से भद्रा लग जाएगी, जो रात रात्रि शेष 4:56 बजे तक रहेगी । यद्यपि कि भद्रा में होलिका दहन का कार्य नहीं किया जाता है परंतु इस वर्ष भद्रा मुख का परित्याग कर भद्रा के पुच्छ में 2 मार्च की देर रात 12:50 बजे से पहले होलिका का दहन कर लिया जाएगा।

डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य एवं सटीक हैं। विस्तृत और अधिक जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें

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